करेंसी बाज़ार में ट्रेडिंग 80% क्यों गिरी?
बाज़ार जितना विकसित, जितने ज्यादा भागीदार और वोल्यूम जितना ज्यादा, उसमें ताकतवर शक्तियों द्वारा जोड़-तोड़ करने की गुंजाइश उतनी ही कम हो जाती है। यह बात आम बाज़ार के साथ ही शेयर व करेंसी बाज़ार समेत समूचे वित्तीय बाज़ार पर लागू होती है। नियामक संस्थाओं का काम बाज़ार का नियंत्रण नहीं, बल्कि नियमन है ताकि वो अच्छी तरह विकसित हो सके। लेकिन इस साल के शुरू में बैंकिंग व मुद्रा क्षेत्र के नियामक रिजर्व बैंक ने ऐसाऔरऔर भी
