अमेरिकी सरकार ने भारत-अमेरिका परमाणु करार को लेकर लोकसभा में हुए मतदान के दौरान सामने आए ‘वोट के बदले नोट’ मामले पर विकीलीक्स के खुलासे पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मार्क टोनर ने वॉशिंगटन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं नहीं कह सकता कि यह दस्तावेज गोपनीय है अथवा नहीं, लेकिन अगर यह गोपनीय है तो हम इसके बारे में कुछ नहीं बोलेंगे।’’ विकीलीक्स के खुलासे के बाद भारत में जारीऔरऔर भी

लोकसभा में जुलाई 2008 में विश्वास मत के दौरान ‘वोट के बदले नोट घोटाले’ संबंधी विकिलीक्स के खुलासों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को खीझ और बचाव की मुद्रा में ला खड़ा दिया है। वे जहां संसद में विपक्ष को जनता द्वारा खारिज किए जाने की दुहाई देते रहे, वहीं संसद से बाहर उन्होंने खुद अपने पाक-साफ होने की दलील थी। उनका सांसदों की खरीद-फरोख्त से साफ इनकार नहीं किया। बस इतना कहते रहे कि उनका इससे कोईऔरऔर भी

अमेरिका ने जापान के परमाणु संकट पर गहरी चिंता जताते हुए क्षतिग्रस्त फुकुशिमा परमाणु संयंत्र से होने वाले विकिरण के स्तर को अत्यंत खतरनाक बताया है और अपने नागरिकों से कहा है कि वे जापानी परमाणु संयंत्रों के 50 मील के आसपास के इलाकों में न रहें। अमेरिकी विदेश उपमंत्री व प्रबंधन मामलों के प्रभारी पैट्रिक कैनेडी ने वॉशिंगटन में मीडिया से कहा, ‘‘फुकुशिमा दाइची में परमाणु रिएक्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वे अनेक खराबियों सेऔरऔर भी

मंगलवार से द हिंदू अखबार में विकीलीक्स के सहयोग से किए जा रहा खुलासा आज, गुरुवार को संसद में हंगामे का सबब बन गया। हिंदू की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2008 में यूपीए की पिछली सरकार को बचाने और विश्वास मत हासिल करने के लिए सांसदों 50 से 60 करोड़ रुपए दिए गए थे। इस मसले पर विपक्ष ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकसभा में भारी हंगामा किया। संसद मेंऔरऔर भी

जापान का परमाणु संकट हाथ से बाहर निकलता दिख रहा है। लगातार धमाकों का शिकार हुए फुकुशिमा परमाणु बिजली संयंत्र के आसपास रेडियोएक्टिव विकिरण का स्तर बढ़ जाने के कारण बुधवार को वहां हालत को संभालने में लगे मजदूरों को भी बाहर निकालना पड़ा। यहां तक कि रिएक्टर संख्या-तीन पर हेलिकॉप्टर से पानी गिराना भी संभव नहीं हो सका। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार बुधवार की सुबह फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के रिएक्टर संख्या-चार में आग लग गई।औरऔर भी

भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम (एनपीसीआईएल) के प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए महाराष्ट्र के जैतापुर में भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया गया है और गुजरात में ऐसे ही एक अन्य संयंत्र के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी नारायण सामी ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम के प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए महाराष्ट्र केऔरऔर भी

जापान के परमाणु बिजली संयंत्रों में हो रहे धमाकों का असर जर्मनी में दिख रहा है। जर्मनी ने मंगलवार को अपने सात सबसे पुराने परमाणु रिएक्टरों को अस्थायी तौर पर बंद करने का आदेश दे दिया। उसने जापान में परमाणु तबाही के बाद अपने सभी 17 परमाणु रिएक्टरों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की घोषणा किए जाने के एक दिन बाद यह आदेश दिया। जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने पांच प्रांतों के मुखिया के साथऔरऔर भी

झारखंड सरकार ने टाटा को राज्य में मिली लीज की भूमि पर उचित किराया न देने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की घोषणा की है। बता दें कि जमशेदपुर में टाटा समूह का केंद्र है और यह झारखंड में ही पड़ता है। झारखंड विधानसभा में सोमवार को राजस्व व भूमि सुधार विभाग की अनुदान मांगों पर हुई बहस का जवाब देते हुए राजस्व व भूमि सुधार मंत्री मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि टाटा समूह को राज्यऔरऔर भी

तमिलनाडु में रामेश्वरम तट के पास प्रस्तावित सेतुसमुद्रम परियोजना में वैकल्पिक जहाज मार्ग के सर्वेक्षण के लिए लगाए गए उपकरण 14 महीने तक काम करने के बाद वापस तट पर पहुंच गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि सर्वे का काम करीब-करीब पूरा हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि अब इस सर्वे से प्राप्त आंकड़ों को व्यस्थित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और अंतिम रिपोर्ट जहाजरानी मंत्रालय में उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी। इस परियोजना केऔरऔर भी

ब्रिटेन के कम से कम पांच विश्वविद्यालयों ने लीबिया के साथ किए गए करीब 40 लाख पाउंड के करार से हाथ खींच लिया है। हालांकि आंकड़ों के अनुसार ब्रिटेन के लगभग सारे विश्वविद्यालयों में लीबिया के राष्ट्रपति मुअम्मर गद्दाफी के पैसे लगे हैं। मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन, टेसाइड, लीवरपूल जॉन मूर्स और एडिनबर्ग स्थित ग्लैमोरगन एण्ड क्वीन मागरेट विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि उन्होंने लीबिया के शासकों के साथ वहां हो रहे संघर्ष के मद्देनजर 300 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओंऔरऔर भी