आर्थिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) एक दूसरे को अपनी स्थानीय मुद्रा में कर्ज और अनुदान के लेनदेन पर सहमत हो गए हैं। ब्रिक्स देशों के बीच इस आशय के एक समझौते में चीन के शहर सान्या में हस्ताक्षर किए गए। इस पहल को अमेरिकी मुद्रा डॉलर पर निर्भरता और उसके वर्चस्व को घटाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। समझौतेऔरऔर भी

डाक विभाग विदेश भेजे जाने वाले या विदेश से आने वाले पार्सलों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा। डाक विभाग में सचिव राधिका दुरईस्वामी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विभाग ने मेल ट्रैकिंग सिस्टम्स लागू किया था जिसके तहत विभाग अपनी वेबसाइट पर उन पार्सलों की जानकारी भी उपलब्ध कराएगा जिन्हें सीमा शुल्क विभाग ने रोक रखा है। उन्होंने बताया कि विभाग अंतरराष्ट्रीय सहयोगी फर्मों से मिलने या अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को भेजे जाने वाले पार्सलऔरऔर भी

गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से आग्रह किया है कि उनके लिए प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) में भी कर छूट का प्रावधान जारी रखा जाना चाहिए ताकि संगठनों को कल्याणकारी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहन मिलता रहे। ‘टैक्स पेयर्स प्रोटेक्शन एंड वेल्फेयर सोसायटी’ द्वारा राजधानी दिल्ली में जारी एक बयान में कहा गया है, “करों से धर्मार्थ संस्थानों को संसाधन जुटाने में बाधा आएगी और कल्याणकारी गतिविधियां चलाने की उनकी क्षमता घटेगी।” बयान में कहाऔरऔर भी

ब्रिक देश (ब्राजील, रूस, भारत, चीन) अब उभरते बाजार नहीं रह गए हैं बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था के लिये ‘वृद्धि बाजार’ बन गए हैं। अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन शैक्स के चेयरमैन (संपत्ति प्रबंधन) जिम ओ नील ने बीजिंग में यह बात कही है। दस साल पहले जिम ओ नील ने ही इन देशों के लिए उभरता बाजार शब्द का उपयोग किया था। ब्रिक्स शिखर बैठक से पूर्व ओ नील ने चाइना डेली को दिए गए साक्षात्कार में कहा,औरऔर भी

उत्तर प्रदेश के दशहरी और दूसरे किस्मों के आम के शौकीन लोगों को इस बार ‘फलों का राजा’ खरीदने के लिए अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि प्रतिकूल हालात की वजह से इस मौसम में आम के उत्पादन में खासी गिरावट के आसार साफ नजर आ रहे हैं। उधर महाराष्ट्र में अलफांसों की तीन चौथाई से ज्यादा फसल बरबाद हो जाने की खबर पहले ही आ चुकी है। ऑल इंडिया मैंगो ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इंसरामऔरऔर भी

जाने-माने अर्थशास्त्री और राजनीतिक विश्लेषक अरविंद पनगारिया ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को भंग करने की मांग करते हुए कहा है कि यह देश में उच्च शिक्षा का दम घोंट रही है। पनगारिया न्यूयार्क स्थित कोलंबिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं। मंगलवार को मुंबई में एक समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि यह उचित समय है कि हम इस विशालकाय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भंग कर एक उचित संगठन बनाएं जो मुस्तैद हो और आज वऔरऔर भी

डाक विभाग इस साल प्रीपेड स्मार्ट कार्ड पेश करेगा। यह कार्ड डेबिट कार्ड जैसा होगा जिसका इस्तेमाल दुकानॆं पर बिल का भुगतान करने और इंटरनेट पर खरीदारी आदि के लिए किया जा सकेगा। यह जानकारी आईटी और संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में दी। सिब्बल के पास टेलिकॉम और एचआरडी मंत्रालय भी है। सिब्बल ने कहा, ‘‘डाक विभाग रिजर्व बैंक से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहा है और 15 मई तक वहऔरऔर भी

इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी गूगल ने अमेरिका में कैलिफोर्निया प्रांत के मोजावे रेगिस्तान में सौर ऊर्जा संयंत्र के निर्माण कार्य को पूरा करने में मदद के लिए 16.8 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। यह ऊर्जा संयंत्र दुनिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों में से एक है। गूगल इससे पहले अमेरिका से बाहर जर्मनी में बर्लिन के नजदीक 18.7 मेगावॉट क्षमता के एक सौर ऊर्जा संयंत्र में 35 लाख यूरो (करीब 50 लाख डॉलर) लगा चुकाऔरऔर भी

देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का कहना है कि उसकी विभिन्न परियोजनाओं को पर्यावरण संबंधी मंजूरी नहीं मिलने का असर उसके कोयला उत्पादन पर हो सकता है और 2011-12 में भी उत्पादन शायद लगातार दूसरे साल स्थिर बना रहे। सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी की कुल घरेलू कोयला उत्पादन में 80 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2010-11 में उसका उत्पादन 43.1 करोड़ टन पर लगभग स्थिर रहा था। कोयलाऔरऔर भी

बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने अपनी आईटी परियोजना के लिए इनफोसिस और महिन्द्रा सत्यम सहित चार आईटी फर्मो को छांटा है। प्रभावी पर्यवेक्षण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इरडा ने अपनी बिजनेस एनालिटिक्स परियोजना (बीएपी) के वास्ते आईटी कंपनियों से निविदा आमंत्रित की थी। इस परियोजना के तहत बीमा कंपनियों व नियामकीय निर्णय प्रक्रिया के विश्लेषण के लिए आवश्यक आंकड़े व सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। इरडा द्वारा जिन दो अन्य आईटी कंपनियों को छांटाऔरऔर भी