भारत अपनी नौसेना की ताकत में इजाफा करने के मकसद से अगले बीस सालों में 101 नए युद्धपोतों पर कुल 46.96 अरब डॉलर का निवेश करेगा। एक विशेषज्ञ ने सिंगापुर में यह दावा किया है। अमेरिका स्थित संस्था ‘एएमआई इंटरनेशनल’ के उपाध्यक्ष और नौसेना विशेषज्ञ बॉब नुगेंट ने कहा, ‘‘इतने बड़े पैमाने पर निवेश को देखते हुए भारत परिष्कृत विध्वंसक, नयी पीढ़ी और नये रेडार से युक्त पोत, परमाणु पनडुब्बियां और तेज गति वाले पोत चाहेगा।’’ नुगेंटऔरऔर भी

न्यूयॉर्क की महिला होटलकर्मी के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रमुख डोमिनिक स्ट्रॉस काह्न के खिलाफ एक फ्रांसीसी लेखिका ने भी यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। यह महिला जल्द ही काह्न के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली है। 31 साल की उपन्यासकार और पत्रकार त्रिस्तान बैनन ने वर्ष 2007 में भी आरोप लगाया था, लेकिन उनकी ओर से इस बारे में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। इसऔरऔर भी

भारत के लोगों में भले ही अमेरिका के दुग्ध उत्पादों को लेकर तमाम सांस्कृतिक और धार्मिक आपत्तियां हों, लेकिन अमेरिका ने भारत के भारत के डेयरी बाजार में घुसने का इराद नहीं छोड़ा है। वॉशिंगटन से जारी समाचार के अनुसार, अमेरिका के कृषि के मंत्री टोम विलसाक ने मुक्त व्यापार व्यवस्था पर एक संसदीय समिति के समक्ष सुनवाई के दौरान कहा कि भारतीय दुग्ध उत्पाद बाजार को खुलवाने का मुद्दा को पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामाऔरऔर भी

कर्नाटक में तंबाकू की अवैध खेती की वजह से वर्ष 2010-11 में इसका उत्पादन तय लक्ष्य से 10 फीसदी अधिक करीब 30 करोड़ किलो तक होने की संभावना है। भारतीय तंबाकू बोर्ड ने चालू फसल वर्ष (सितंबर-अगस्त) में 27.2 करोड़ किलो तंबाकू उत्पादन का लक्ष्य रखा है। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट से कहा, ‘‘ हमें उम्मीद है कि तंबाकू का उत्पादन निर्धारित 27.2 करोड़ किलो के मुकाबले 30 करोड़ किलो होगा।औरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने 1992 के प्रतिभूमि घोटाले में कस्‍टोडियन की तरफ से जारी उन अधिसूचनाओं को सही ठहराया है जिसमें इस घोटाले में हर्षद मेहता की मां रसिला मेहता और भाभी रीना मेहता को शामिल बताया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई 2011 के आदेश में विशेष न्‍यायालय के आदेश के विरुद्ध उनकी अपील को रद्द कर दिया। इससे कंस्‍टोडियन द्वारा जारी जनवरी 2007 की अधिसूचनाओं की पुष्टि हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेशऔरऔर भी

भारत ने भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र समझौते या कनवेंशन का अनुमोदन कर दिया है। अनुमोदन की यह प्रक्रिया सितंबर 2010 से ही चल रही थी और अब इसे मंत्रियों के एक समूह की देखरेख में पूरा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को काबुल यात्रा पर रवाना होने से पहले जारी एक बयान में यह जानकारी दी है। बयान में कहा गया है, “भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र समझौते को लागू करने सेऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने देश में अगले आठ हफ्तों तक विवादास्पद कीटनाशक एंडोसल्फान के उत्पादन, ब्रिकी व इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। उसका कहना है कि मानव जीवन इस दुनिया में किसी भी चीज से ज्यादा महत्वपूर्ण है। शुक्रवार को इस मसले पर गौर कर रही प्रधान न्यायाधीश एस एच कापडिया की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) के तहत इस अदालत के विभिन्न फैसलों और खासकर सतर्कताऔरऔर भी

मार्च में देश का औद्योगिक उत्पादन उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर रफ्तर से बढ़ा है। इसने भारतीय अर्थव्यवस्था में आ रही किसी भी धीमेपन के डर को दरकिनार कर दिया है। इससे उन आलोचनाओं पर भी लगाम लग सकती है जिनमें कहा जा रहा है था कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति को थामने के उत्साह में आर्थिक विकास को दांव पर लगा दिया है। मार्च 2011 में फैक्ट्रियों, खदानों व सेवा क्षेत्र में उत्पादन साल भर पहलेऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने पुणे के घोड़ा कारोबारी हसन अली खान के खिलाफ चल रहे काले धन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लताड़ पिलाई है। प्रवर्तन निदेशालय ने काले धन को सफेद करने के इस संवेदनशील मामले की जांच की निगरानी के लिए सरकार की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति को सूचित किए बिना चार्जशीट दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की इस हरकत को गलत माना है। सर्वोच्च न्यायालय ने 4 मई कोऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बीते वित्त वर्ष 2010-11 में तय लक्ष्य से भी अधिक कर-वसूली के लिए आयकर विभाग की पीठ थपथपाई और कहा कि 7.90 लाख करोड़ रुपए की अप्रत्याशित कर वसूली करके विभाग ने देश को वित्तीय मजबूती के रास्ते पर लाने में मदद दी है। सरकार ने 2010-11 में 7.90 लाख करोड़ रुपए का कर संग्रह किया जबकि 74,000 करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया। वित्त मंत्री ने केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड :सीबीडीटी:औरऔर भी