क्या सरकार से मुफ्त मिली चीजों का मोल लोगों की आय तय करने के लिए उनके खर्च में शामिल किया जा सकता है? लेकिन हमारे योजना आयोग ने इसी करामात की बदौलत 1.80 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाल लिया है। उसने सरकार की मिड डे मील स्कीम का फायदा लेनेवाले बच्चों के परिवारों की आय में इसका खर्च शामिल कर लिया है। अभी पिछले हफ्ते योजना आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिकऔरऔर भी

होना यह चाहिए था कि निजी क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनियां ऐसी होड़ देती हैं कि ग्राहक सरकारी कंपनी एलआईसी को छोड़कर उनकी तरफ दौड़े चले आते। लेकिन साल 2000 में जीवन बीमा कारोबार को खोलने के बाद बराबर हो रहा है इसका उल्टा। बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) के ताजा आंकडों के मुताबिक फरवरी 2012 तक एलआईसी की कुल गैर-एकल प्रीमियम वाली व्यक्तिगत पॉलिसियों की संख्या 2,65,37,802 हो गई है। यह संख्या फरवरी 2011 तक 2,53,60,881औरऔर भी

देश के कोयला खदानों के आवंटन में घोटाले की बात कोई नई नहीं है। कई महीने पहले शिवसेना के एक सांसद ने ब्योरेवार तरीके के संसद में बहस के दौरान सारा कच्चा चिट्ठा खोला था। जेडी-यू अध्यक्ष शरद यादव ने भी इस पर हल्ला मचाया था। बीजेपी तक ने इस पर अपने तेवर गरम कर लिए थे। लेकिन फिर न जाने क्या हुआ कि सभी नरम पड़ गए। गुरुवार को अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने सीएजीऔरऔर भी

किंगफिशर एयरलाइंस के खिलाफ उसके बकाया करों को लेकर मुकदमा दायर किया जा सकता है और संबंधित लोगों को जेल हो सकती है। अब इस संकटग्रस्त एयरलाइंस को बचाने का जिम्मा इसके चेयरमैन विजय माल्या का है। नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान यह बयान दिया। जहां अजित सिंह हफ्ते-दो हफ्ते पहले तक किंगफिशर एयरलाइंस को बंद न होने देने की बात कर रहे थे, वहीं अब उनका कहना हैऔरऔर भी

यह बजट किसके लिए है? आम के लिए, खास के लिए या बाजार के लिए! अगर प्रतिक्रियाओं के लिहाज से देखा जाए तो इनमें से किसी के लिए भी नहीं। आम आदमी परेशान हैं कि उसे बमुश्किल से मुद्रास्फीति की मार के बराबर कर रियायत मिली है। खास लोगों को कहना था कि वित्त मंत्री को राजकोषीय मजबूती के लिए जो ठोस उपाय करने थे, वैसा कोई भी साहसिक कदम उन्होंने नहीं उठाया है। उन्होंने दस मेंऔरऔर भी

घटती विकास दर की हकीकत और आगे बढ़ जाने की उम्मीद के बाद वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी देश का 81वां आम बजट शुक्रवार को संसद में पेश कर रहे हैं। आम नौकरीपेशा लोगों को उम्मीद है कि आयकर छूट की सीमा 1.80 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए की जा सकती है तो कॉरपोरेट क्षेत्र को लगता है कि एक्साइज ड्यूटी को 10 से 12 करके उनको पहले दी गई राहत वापस ले ली जाएगी। वहीं अर्थशास्त्रीऔरऔर भी

अगर कुछ ठोस उपाय नहीं किए गए तो भारतीय रेल की माली हालत ध्वस्त होने की कगार है। करीब महीने भर पहले 17 फरवरी को परमाणु ऊर्जा आयोग के चेयरमैन अनिल काकोदकर की अध्यक्षता में बने विशेषज्ञ दल ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही थी। उसका कहना था कि भारतीय रेल को सुरक्षित यात्रा के मानकों को पूरा करने के लिए करीब एक लाख करोड़ रुपए लगाने होंगे। इसके दस दिन बाद 27 फरवरी को राष्ट्रीयऔरऔर भी

शेयर बाजार को बाजार बंद होने से पहले यह पता था। मुद्रा बाजार को इस बात का पक्का अंदाजा था। बैंकों को भी मालूम था कि ऐसा होने जा रहा है। इसलिए रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को शेयर बाजार, मुद्रा बाजार और बैंकों में सन्नाटा छाने के बाद सीआरआर (नकद आरक्षित अनुपात) में कमी कर दी तो हर कोई बड़ा सुकून महसूस कर रहा है। तसल्ली थोड़ी और भी इसलिए बढ़ गई क्योंकि जहां अपेक्षा सीआरआर मेंऔरऔर भी

मायावती ने बड़ा विचित्र-सा बयान दिया है कि उनकी हार के लिए कांग्रेस और बीजेपी जिम्मेदार हैं क्योंकि उनकी हरकतों ने मुसलमान तबके का 70 फीसदी वोट मुलायम की समाजवादी पार्टी की तरफ केंद्रित कर दिया। लेकिन हकीकत यह है कि इस बार महिलाओं का ज्यादा वोट देना असल में मायावती के लिए भारी पड़ा है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस बार उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में 60.29 फीसदी महिला मतदाताओं ने अपनेऔरऔर भी

देश की राजनीति की दशा-दिशा तय करनेवाले राज्य उत्तर प्रदेश की 16वीं विधानसभा के चुनाव नतीजे मंगलवार को दोपहर तक साफ हो जाएंगे। लेकिन इससे पहले ही सत्ता के सबसे प्रबल दावेदार दल, समाजवादी पार्टी (सपा) में बाप-बेटे का शीतयुद्ध खुलकर सामने आ गया है। हालांकि पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष और मुलायम के बड़े बेटे अखिलेश यादव ने कहा है कि पार्टी प्रमुख या उनके पिता मुलायम सिंह यादव ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे।औरऔर भी