स्टॉक एक्सचेंजों के स्वामित्व का आधार व्यापक होना चाहिए। उसमें विविधता होनी चाहिए ताकि इन व्यवस्थागत रूप से महत्वपूर्ण संस्थानों को अच्छी तरह चलाया जा सके। यह राय है वित्तीय क्षेत्र की दो शीर्ष नियामक संस्थाओं – भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) की। स्टॉक एक्सचेंज पूंजी बाजार का हिस्सा हैं और उन पर सीधा नियंत्रण सेबी का है। इसलिए बैंकिंग नियामक का उनके स्वामित्व पर दो-टूक राय रखना काफी मायने रखता है।औरऔर भी

इस साल फरवरी से म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या में शुरू हुआ घटने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। यह संख्या म्यूचुअल फंड फोलियो से गिनी जाती है। म्यूचुअल फंडों के साझा मंच एम्फी (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड एसोसिएशन इन इंडिया) के आंकड़ों के अनुसार फरवरी से अगस्त 2010 के बीच म्यूचुअल फंड फोलियो की संख्या में 5.84 लाख की कमी आ चुकी है। फरवरी में कुल म्यूचुअल फोलियो 483.09 लाख थे, जबकि अगस्त अंतऔरऔर भी

दुनिया के सबसे बड़े निवेशक जॉर्ज सोरोस का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में चल रही तेजी में अगर कोई रुकावट है तो वह है मुद्रास्फीति का मंडराता खतरा। रिजर्व बैंक ने ब्याज दरें बढ़ाकर इसी खतरे का कम करने की कोशिश की है। मौद्रिक नीति की दूसरी त्रैमासिक समीक्षा के बीच में रिजर्व बैंक ने गुरुवार को रेपो दर 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6 फीसदी और रिवर्स रेपो दर को 0.50 फीसदी बढ़ाकर तत्काल प्रभाव सेऔरऔर भी

केंद्रीय सर्तकता आयोग (सीवीसी) ने 96 अधिकारियों के खिलाफ बड़े जुर्माने लगाने की सलाह दी है। इनमें से 15 अधिकारी एमसीडी के, छह रक्षा मंत्रालय के, पांच रेल मंत्रालय के, चार दिल्ली सरकार के और सीपीडब्ल्यूडी, शिक्षा विभाग, एनडीएमसी, ओरियन्टल बैंक आफ कॉमर्स, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और तटकर बोर्ड के तीन-तीन अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा बाकी अधिकारियों में भारत संचार निगम लिमिटेड, भारतीय लेखाकार और महालेखा परीक्षक, दिल्ली विकास प्राधिकरण, आयुश विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि औरऔरऔर भी

सरकारी गोदामों में सितंबर की शुरुआत में गेहूं चावल का 5.02 करोड़ टन का खाद्यान्न भंडार मौजूद था जो कि सरकारी बफर स्टॉक नियमों की तुलना में करीब दोगुना भंडार है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के ताजा आंकडों के अनुसार एक सितंबर 2010 को उसके गोदामों में 2.04 करोड टन चावल और 2.98 करोड टन गेहूं का भंडार मौजूद था। निर्धारित बफर स्टॉक नियम के अनुसार हर साल एक अक्तूबर को उसके गोदाम में गेहूं और चावलऔरऔर भी

हर गांव में बनाए जाएंगे दलहन के फाउंडेशन बीजों के लघु गोदाम। आधा एकड़ खेत के लिए बीज की आपूर्ति आधे दाम पर की जाएगी। सरकार की कोशिशें कामयाब हुईं तो आनेवाले सालों में रोटी के साथ दाल भी मयस्सर हो सकती है। देश में दाल की कमी और उसकी बढ़ती कीमतों से परेशान सरकार सारे विकल्पों को आजमाने में जुट गई है। इसके तहत पहले दलहन ग्राम और अब बीज ग्राम बसाने की योजना पर अमलऔरऔर भी

जाति-आधारित राजनीतिक दलों के दबाव में देश में अब वह काम होने जा रहा है जिसे 1947 में आजादी के बाद ही सायास छोड़ दिया गया था। कैबिनेट ने गुरुवार को जाति-आधारित जनगणना को मंजूरी दे दी। यह जनगणना अगली साल फरवरी से मार्च तक सामान्य जनगणना के खत्म होने के बाद जून से शुरू की जाएगी और इसे सितंबर तक खत्म कर लिया जाएगा। इससे पहले देश में आखिरी जाति-आधारित जनगणना अंग्रेजों के शासन में 1931औरऔर भी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने आयकर विभाग के खिलाफ दायर ब्रिटिश कंपनी वोडाफोन की वह याचिका खारिज कर दी है जिसमें उसने कहा था कि विभाग को भारतीय सीमा से बाहर हुए विलय के सौदे पर टैक्स लगाने का कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने बुधवार को सुनाए गए अंतिम फैसले में कहा है कि अधिकार क्षेत्र के आधार पर आयकर विभाग के आदेश को रोका नहीं जा सकता। अब वोडाफोन को करीब 12,000 करोड़ रुपए का टैक्स अदाऔरऔर भी

स्विटजरलैंड के बासेल शहर में जब दुनिया भर के बैंकिंग नियामक नए मानक को लेकर माथापच्ची कर रहे हैं तब हमारे बैंकिंग नियामक भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर डॉ. दुव्वरी सुब्बाराव का मानना है कि बासेल-III मानकों को अपनाने में भारतीय बैंकों को खास कोई मुश्किल नहीं होगी क्योंकि 30 जून 2010 तक ही वे 13.4 फीसदी का जोखिम-भारित आस्ति पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर) हासिल कर चुके हैं, जिसमें टियर-1 पूंजी का हिस्सा 9.3 फीसदी है। डॉ.औरऔर भी