आप में और मुझ में क्या अंतर है? मैं जो हो रहा है, उसे देखता हूं, समझता हूं और उसके हिसाब से सलाह देता हूं, जबकि आप सलाह मिलने के बाद भी वही करते हैं जो स्क्रीन बताता है। थोड़े में कहूं तो आपको अपने ही ऊपर भरोसा नहीं है। जब बाजार 300 अंक गिर गया तो आप निचले भावों पर खरीद के बजाय बाजार के दबाव में आ गए और घाटा खाकर भी शेयर बेच डाले।औरऔर भी

इसमें शायद ही कोई दो राय होगी कि विदेश संस्थागत निवेशक (एफआईआई) हमारे शेयर बाजार के प्रमुख खिलाड़ी बन चुके हैं। इतने बड़े कि बाजार उनके पीछे चलता है। एफआईआई अपना निवेश बहुत सोच-समझ कर गहन रिसर्च के बाद करते हैं। ऐसे में यह जानना बहुत महत्वपूर्ण होता है कि वे किन शेयरों में अपना निवेश बढ़ा रहे हैं क्योंकि इन ‘महाजनों’ के पथ पर चलकर आम निवेशक भी उनकी विशेषज्ञता का फायदा उठा सकते हैं। हमारीऔरऔर भी

सेटलमेंट से पहले अतिशय डर के कारण कल बाजार में कुछ ज्यादा ही ऊंच-नीच हो गई। समस्या नजरिए के साथ नहीं थी। समस्या थी अप्रैल के साथ-साथ मई के फ्यूचर्स में आपकी देनदारी की। आपके ब्रोकर कल ही आपको जिबह कर चुके थे तो आज बाजार या निफ्टी में और कमजोरी आने का कोई कारण नहीं था। मैं अब भी इसी सोच पर कायम हूं कि निफ्टी 5440 के स्तर पर पहुंचेगा। मैं यह भी मानता हूंऔरऔर भी

बाजार ने आज सुबह से ही धमाचौकड़ी दिखाई। बीएसई सेनसेक्स 310.54 अंक (1.76 फीसदी) और एनएसई निफ्टी 92.90 अंक (1.75 फीसदी) गिरकर बंद हुए। सच कहूं तो बाजार के इस रवैये को देखकर मुझे जरा-सा भी अचंभा नहीं हुआ। मेरा मानना है कि न तो पुर्तगाल और न ही ग्रीस का कोई असर भारतीय बाजार पर पड़नेवाला है। बल्कि यूरोप, चीन, अमेरिका या कोरिया में जो भी गड़बड़ होगी, वह भारत के फायदे में है। मेरे इसऔरऔर भी

कल मेंने निफ्टी में सबसे बड़ा रोलओवर देखा जो साफ-साफ बताता है कि बाजार अब तेजड़ियों के कब्जे में आ गया है। मानसून का पहलू बाजार को कई तरीके से प्रभावित कर रहा है। अच्छे निवेश के आगम से बाजार अब काफी ऊंचाई तक पहुंचने का रुख कर रहा है। हम वित्त वर्ष 2009-10 को पीछे छोड़ रहे हैं और यकीनन यह शानदार विकास का साक्षी रहा है। अब हम नए वित्त वर्ष 2010-11 में कंपनियों कीऔरऔर भी

आज लिखने को बहुत कुछ नहीं है। बाजार में बढ़त दर्ज की गई है। लेकिन सब लस्मट-पस्टम ही था क्योंकि रोलओवर चल रहा है। मेटल क्षेत्र के शेयरों के अलावा बाकी कहीं कोई चमक नहीं दिखी। मेटल शेयरों में शुक्रवार को करेक्शन आ चुका था, इसलिए आज रोलओवर के दौरान उनमें सुधार का सिलसिला चला। हालांकि बी ग्रुप के शेयरों में सक्रियता साफ नजर आई। जेवीएल, एनकेआई, एडसर्व, हरियाणा शिप ब्रेक, केईडब्ल्यू, वारेन टी, एलनेट, पीबीएम पॉलिटेक्सऔरऔर भी

बाजार (बीएसई सेंसेक्स) आज 120 अंक बढ़कर बंद हुआ। मेरे अनुमान के अनुरूप ग्रीस का मसला बाजार के लिए बेमानी निकला और निफ्टी 5300 ही नहीं, उसके ऊपर का स्तर भी पार कर गया। बैंकिंग क्षेत्र में सक्रियता रही, खासकर आईडीबीआई में आग-सी लगी रही। एसबीआई ने यकीकन रैली की अगुआई की, लेकिन महंगा होने के कारण यह ट्रेडरों की पहुंच से बाहर है। जेपी और लार्सन भी अच्छे-खासे जोश में नजर आए। निफ्टी में 5440 कीऔरऔर भी

आज का दिन हमारी पूरी टीम के लिए सबसे ज्यादा तसल्ली का दिन रहा। हमने सुबह के नोट में निफ्टी में 5325 का लक्ष्य रखा था और यह पूरा हो गया। दरअसल, हम तो निफ्टी के 5316 अंक पर पहुंचने पर निकल गए। हम जानते थे कि 5320 के ऊपर पहुंचते ही शॉर्ट कवरिंग शुरू हो जाएगी, लेकिन गारंटी नहीं थी कि यह स्थिति कब तक रहेगी। फिर 2 बजकर 55 मिनट पर ग्रीस पर चढे कर्जऔरऔर भी

बड़ी विचित्र बात है। निवेशक कभी-कभी बहुत डरे रहते हैं और कभी-कभी परले दर्जे की नादानी कर बैठते हैं। हमने गैल इंडिया, पोलारिस, निफ्टी व भारत फोर्ज को खरीदने की सिफारिश की और ये सभी शेयर उफान पर है। आरडीबी इंडस्ट्रीज की चर्चा अब सभी बिजनेस चैनल कर रहे हैं, जबकि इसे सबसे पहले हमने अपनी रिसर्च से खोजकर पेश किया था। सैंडुर में 732 रुपए के भाव पर ऊपरी सर्किट लगा हुआ है। यह भी हमारीऔरऔर भी

ब्याज दरों में मामूली बढोतरी हुई। बाजार ने इसे आसानी से पचा भी लिया क्योंकि मौद्रिक नीति से पहले ही गोल्डमैन सैक्स के मामले ने बाजार को करेक्शन का मौका दे दिया था। बाजार अब सामान्य हो चुका है और पटरी पर लौट आया है। रोलओवर कल से शुरू हो रहा है। हमने निफ्टी और गैल इंडिया में खरीद की सलाह दी थी और दोनों अच्छा रिटर्न दे चुके हैं। हमने निफ्टी में 5170 के स्तर परऔरऔर भी