हम बार-बार यही दोहरा रहे हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था काफी मजबूत स्थिति में है और हम अभी बुल मार्केट या तेजी के दौर से गुजर रहे हैं। इसी दिशा में आज अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फिच ने भारत की रेटिंग बढ़ा दी। बाजार का रुख भी बराबर हमारी सोच की तस्दीक कर रहा है। निफ्टी आज 77.70 अंक की बढ़त के साथ 5197.05 के स्तर पर पहुंच गया। आप खुद ही देख लें कि यह 5200 अंक के एकदमऔरऔर भी

हमारे यहां अभी तक का चलन यही है कि बीमा खरीदा नहीं जाता बल्कि यह बेचा जाता है। लिहाजा बीमा एजेंट जहां भावी ग्राहकों को आधी-अधूरी जानकारियां देता है वहीं कॉरपोरेट एजेंट से भी ग्राहकों को काफी शिकायतें हैं। बीमा पॉलिसी की ऑनलाइन खरीदारी का रास्ता कांटों से भरा हुआ है तो टेलीसेल्स यानी टेलीफोन के जरिए बीमा उत्पादों की बिक्री की प्रक्रिया से ग्राहक समुदाय नाखुश है। शिकायतें बहुत: एक अनुमान के अनुसार भारतीय बीमा उद्योगऔरऔर भी

निफ्टी आज 5130 अंक के उस चौराहे से होकर गुजरा, जहां से एक तरफ तेजी की राह और दूसरी तरफ मंदी की राह निकलती है। 5140 या 5150 के ऊपर गया तो यह 5500 की मंजिल पकड़ लेगा। हालांकि मंदड़िये अब भी अड़े हुए हैं और शॉर्ट सौदों से बाज नहीं आ रहे। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। बी ग्रुप के शेयर बहुत-बहुत तेजी से बढ़ेंगे। आप अपनी मर्जी से जब चाहें, इन्हें खरीद सकते हैं। लेकिनऔरऔर भी

असम में इस बार चाय की फसल खराब रही है। पैदावार लगभग 25 फीसदी घट गई है। ऐसे में चाय की कीमतें बढ़ सकती हैं जिसका सकारात्मक असर चाय कंपनियों के शेयरों पर पड़ सकता है। इसलिए अभी चाय कंपनियों पर खास नजर रखने की जरूरत है। मैकलियॉड रसेल के शेयरों में सुबह से ही बढ़त का सिलसिला दिख रहा है। बीएसई में यह शेयर अभी तक 2.45 फीसदी बढ़कर 175.55 रुपए पर कारोबार कर रहा है।औरऔर भी

देश में शेयर ट्रेडिंग के लिए जरूरी डीमैट खातों की संख्या अभी भले ही 1.69 करोड़ तक सीमित हो, लेकिन इनका दायरा देश के 80 फीसदी पिनकोड पतों तक फैल चुका है। यह दावा है देश की प्रमुख डिपॉजिटरी संस्था एनएसडीएल (नेशनल सिक्यूरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड) का। एनएसडीएल में डीमैट खातों की संख्या अभी 1.02 करोड़ है, जबकि दूसरी डिपॉजिटरी संस्था सीडीएसएल (सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड) में इस समय कुल 67.06 लाख डीमैट खाते हैं। इनमें बंदऔरऔर भी

ट्रेडरों से लेकर निवेशक तक सभी यूरो, हंगरी, ग्रीस और पिग्स (पुर्तगाल, आयरलैंड, ग्रीस व स्पेन का संक्षिप्त नाम) का हल्ला मचा रहे थे। लेकिन बाजार ने उन्हें ठेंगा दिखा दिया, गलत साबित कर दिया। लेहमान के समय यही लोग कार्ड घोटाले की बात कर रहे थे। उसके बाद इन पर मुद्रास्फीति और ब्याज दरों का भूत सवार हो गया। लेकिन क्या आज सचमुच कोई मुद्रास्फीति और ब्याज दरों की बात कर रहा है? बाजार को डरानेऔरऔर भी

कल हमने सूत्रों के हवाले से आपको बताया कि श्राडेर डंकन की विदेशी प्रवर्तक अमेरिकी कंपनी श्राडेर ब्रिजपोर्ट इंटरनेशनल कंपनी के भारतीय प्रवर्तक व चेयरमैन जे पी गोयनका की पूरी 24.50 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। वह इसके लिए प्रति शेयर मूल्य 324 रुपए देने को तैयार है। असल में इक्विटी हिस्सेदारी बढ़ाने के पीछे अमेरिका की कंपनी गेट्स का नाम आ रहा है। आज बीएसई में यह शेयर शुरुआती कारोबार में 149.85 रुपए परऔरऔर भी

सरकार अगले पांच सालों में सार्वजनिक क्षेत्र की 35 नई कंपनियों के आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) लाएगी और उन्हें शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराएगी। इस तरह के विनिवेश से केंद्र सरकार को कुल 1.5 लाख करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम राज्यमंत्री अरुण यादव ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में प्रमुख उद्योग संगठन सीआईआई (कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) के एक समारोह में यह जानकारी दी। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहाऔरऔर भी

इसमें कोई शक नहीं कि जब बाजार गिर रहा हो, तब आपको कुछ भी बताना बेकार है। वैसे भी, आप अपनी राय-विचार के लिए मीडिया व टीवी रिपोर्टों पर ही पूरी तरह निर्भर रहेंगे और कभी भी शेयर बाजार में निवेश नहीं करेंगे जबकि वह खुद बांहें पसारे आपको बुला रहा है, सस्ते भावों पर खरीद का मौका दे रहा है। इसलिए मैं तो आपसे कहूंगा कि इंतजार करो और देखते रहो। हां, जिन्हें मुझ पर भरोसाऔरऔर भी

सूत्रों से मिली जानकरी के मुताबिक श्राडेर डंकन की विदेशी प्रवर्तक अमेरिकी कंपनी श्राडेर ब्रिजपोर्ट इंटरनेशनल कंपनी के भारतीय प्रवर्तक व चेयरमैन जे पी गोयनका की पूरी 24.50 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। वह इसके लिए प्रति शेयर मूल्य 324 रुपए देने को तैयार है, जबकि अभी 10 रुपए अंकित मूल्य का इसका शेयर बीएसई में 127 रुपए चल रहा है। इस 24.50 फीसदी इक्विटी को लेने के बाद श्राडर डंकन में अमेरिकी प्रवर्तक कीऔरऔर भी