सरकार ने सुबह से शाम तक बाजार को बचाने की हरचंद कोशिश कर डाली। यही वजह है कि बीएसई सेंसेक्स की गिरावट 1.82 फीसदी तक सिमट गई। सेंसेक्स अभी 16,990.18 अंकों पर चौदह माह के न्यूनतम स्तर पर है। लेकिन आगे इसमें ज्यादा सेंध लगने की उम्मीद कम है। वित्त मंत्रालय के सलाहकार, योजना आयोग व उद्योग संगठनों से लेकर खुद वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया है कि भारत की विकासगाथा अक्षुण्ण है और हमारी अर्थव्यवस्था केऔरऔर भी

देश के विभिन्न बैंकों के बढ़ते डूबत ऋणों या गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) पर चिंता व्यक्त करते हुए वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि इस संबंध में उपयुक्त उपाए किए जा रहे हैं। साथ ही बैंकों से ऋण मंजूर करने के दौरान सभी जरूरी प्रक्रियाओं को अपनाने को कहा गया है। लोकसभा में सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए आकड़ों के अनुसार, मार्च 2009 में सरकारी क्षेत्र के बैंकों की बकाया राशि 44,039 करोड़औरऔर भी

यह सच है कि दुनिया के बवंडर में हमारे बाजार के भी तंबू-कनात उखड़ जाते हैं। लेकिन यहां भी कुछ अपना है जो अपनी ही चाल से चलता है। जैसे, शुक्रवार को जब तमाम शेयर तिनके की तरफ उड़ रहे थे तब सेसेंक्स की 30 कंपनियों में तीन शेयर बढ़ गए। सेंसेक्स की 2.19 फीसदी गिरावट के बावजूद ओएनजीसी में 1.08 फीसदी, हिंडाल्को में 0.77 फीसदी और सिप्ला में 0.73 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। बीएसईऔरऔर भी

शुक्रवार को जब दुनिया भर के तमाम बाजारों के सूचकांक धांय-धांय गिर रहे थे, बीएसई सेंसेक्स 3.97 फीसदी और एनएसई निफ्टी 4.04 फीसदी गिर गया था, तब भारतीय शेयर बाजार का एक सूचकांक ऐसा था जो कुलांचे मारकर दहाड़ रहा है। यह सूचकांक है एनएसई का इंडिया वीआईएक्स जो यह नापता है कि बाजार की सांस कितनी तेजी से चढ़ी-उतरी, बाजार कितना बेचैन रहा, कितना वोलैटाइल रहा। जी हां, अमेरिका के एक और आर्थिक संकट से घिरऔरऔर भी

अभी कुछ दिन पहले तक जो सरकार बढ़ती महंगाई के बीच राजनीतिक बवाल के डर से डीजल के मूल्यों को छेड़ने से डर रही थी, उसे विपक्ष ने ऐसा मौका दे दिया है कि वह बड़े उत्साह से इस पर मूल्य नियंत्रण उठाने की तैयारी में जुट गई है। इसका सबसे पहला वार उन लोगों पर होगा जो डीजल से चलनेवाली कारें इस्तेमाल करते हैं। लोकसभा में महंगाई पर चल रही बहस का जवाब देते हुए वित्तऔरऔर भी

2008 से लेकर अब तक के तीन सालों में देश में 1,55,939 कंपनियां बंद हो चुकी हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 35,154 कंपनियां महाराष्ट्र की हैं। इसके बाद 27,972 कंपनियां दिल्ली, 24,055 कंपनियां आंध्र प्रदेश, 19,106 कंपनियां तमिलनाडु और 11,776 कंपनियां गुजरात की हैं। इस तरह 1,18,063 यानी 75% से ज्यादा बंद कंपनियां इन पांच राज्यों की ही हैं। इस दौरान बिहार की 1534, मध्य प्रदेश की 1546, राजस्थान की 2160 और उत्तर प्रदेश की 5593 कंपनियोंऔरऔर भी

हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने सत्यम घोटाले के मुख्य आरोपी बी रामलिंगा राजू और सात अन्य आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। गुरुवार को अदालत ने इन सभी की जमानत याचिका खारिज कर दी। सत्यम घोटाले की सुनवाई 31 जुलाई तक की तय समयसीमा में पूरी न होने के कारण राजू और अन्य आरोपियों ने सोमवार को अतिरिक्त चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट से जमानत की अपील की थी। राजू के अलावा सत्यम के पूर्वऔरऔर भी

देश जबरदस्त विरोधाभास से जूझ रहा है। खाद्यान्नों के रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर थमने का नाम नहीं ले रही। 16 जुलाई को खत्म हफ्ते में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति नवंबर 2009 से बाद के सबसे न्यूनतम स्तर 7.33 फीसदी पर थी। लेकिन 23 जुलाई को खत्म हफ्ते मे यह फिर से बढ़कर 8.04 फीसदी पर पहुंच गई है। वैसे साल भर पहले तो और भी भयंकर स्थिति थीऔरऔर भी

लोकसभा में मुद्रास्फीति या महंगाई पर बहस जारी है। उम्मीद है कि गुरुवार को एक प्रस्ताव पारित कर मुद्रास्फीति पर चिंता जताई जाएगी और सरकार से कहा जाएगा कि वह कीमतों पर काबू पाने के लिए कुछ और कदम उठाए। लेकिन बुधवार को सांसदों ने महंगाई के मसले पर जिस तरह शब्दों की तीरंदाजी दिखाई है, उसने साबित कर दिया है कि हमारे सांसद आर्थिक मामलों में कितने ज्यादा निरक्षर हैं। वह भी महंगाई जैसे मसले परऔरऔर भी

इस साल जनवरी से जून तक के छह महीनों के दौरान कुल 117 सरकारी वेबसाइटें हैक कर विकृत कर दी गईं। यह जानकारी संचार व सूचना प्रौद्योगिकी राज्‍य मंत्री सचिन पायलट ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में दी। उन्होंने बताया कि प्रभावित संगठनों व विभागों से हमले की प्रकृति व तरीके किस्‍म और हैकर द्वारा इस्‍तेमाल की गई कमजोरियों का विश्‍लेषण करने को कहा गया। उनसे हैक की गई वेबसाइटों का वेबऔरऔर भी