पिछले दो हफ्तों में रेणुका शुगर्स के शेयर 40 फीसदी से ज्यादा सिर्फ इसलिए नहीं टूटे कि उसे सितंबर 2011 की तिमाही में 57.30 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है, बल्कि इसलिए भी टूटे हैं क्योंकि प्रवर्तकों ने कंपनी में अपनी 38.06 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी का 42.03 फीसदी भाग गिरवी रखा हुआ है। लेकिन ब्रोकरेज फर्म एसएमसी ग्लोबल सिक्यूरिटीज के ताजा अध्ययन से खुलासा हुआ है कि ऐसी कुल 748 कंपनियां हैं जिनके प्रवर्तकों ने अपने शेयरऔरऔर भी

पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने संकेत दिया है कि सरकार तुरंत डीजल या रसोई गैस के दाम नहीं बढ़ाएगी, भले ही रुपए में कमजोरी से आयातित कच्चे तेल की लागत बढ़ रही है। उन्होंने गुरुवार को संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘रुपए में कमजोरी ने स्वाभाविक रूप से अप्रत्याशित दिक्कत पैदा कर दी है। इससे वित्त वर्ष 2011-12 में तेल कंपनियों की अंडर रिकवरी 1.32 लाख करोड़ रुपए रहेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसऔरऔर भी

सरकार के लिए थोड़े सुकून की बात की है कि 12 नवंबर को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति की दर दहाई अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 9.01 फीसदी पर आ गई। यह पिछले नौ हफ्तों का न्यूनतम स्तर है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने इन आंकड़ों के जारी होने के बाद कहा कि अगर खाद्य वस्तुओं के दाम में गिरावट का यही रुख रहा तो मुद्रास्फीति में कमी आ सकती है। वित्त मंत्री के शब्दों में,औरऔर भी

टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा के उत्तराधिकारी का फैसला हो गया है। पहले कयास लगाया जा रहा था कि यह जिम्मा रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा को सौंपा जाएगा। नोएल और रतन टाटा के पिता नवल टाटा हैं, लेकिन उनकी माताएं भिन्न हैं। टाटा समूह ने तय किया है कि करीब 4.32 लाख करोड़ रुपए के कारोबार वाले समूह की बागडोर सायरस मिस्त्री को सौंपी जाएगी। 43 साल के सायरस मिस्त्री को अभी समूहऔरऔर भी

अमेरिका में शेल गैस की खोज और दोहन में मिली सफलता के बाद दुनिया के तमाम देशों की तरह भारत ने भी अपनी पथरीली घाटियों में शेल गैस के भंडारों का पता लगाने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि अभी तक कोई शेल गैस ब्लॉक आवंटित नहीं किया गया है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने बुधवार को राज्‍यसभा में एक लिखित उत्‍तर में यह जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि परम्‍परागत तेल औरऔरऔर भी

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में फंसी पांच कॉरपोरेट हस्तियों को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जमानत मिल गई है। बुधवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने पांच-पांच लाख रुपये के दो मुचलकों पर इन आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया। जमानत पानेवाले पांच आरोपी अधिकारी हैं – स्‍वान टेलिकॉम के विनोद गोयनका, यूनिटेक वायरलेस के संजय चंद्रा और रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के गौतम दोशी, सुरेंद्र पिपारा और हरि नायर। ये आरोपी पिछले सात महीनेऔरऔर भी

कल तक हमारे वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी कह रहे थे कि रुपए की हालत विदेशी वजहों से बिगड़ी है और रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन आज शेयर बाजार को लगे तेज झटके से वे ऐसा सहम गए कि बाकायदा बयान जारी कर डाला कि, “रिजर्व बैंक रुपए की हालत पर बारीक निगाह रखे हुए हैं। मुझे यकीन है कि जो भी जरूरी होगा, रिजर्व बैंक करेगा।” यही नहीं, उन्होंने कहा कि डेरिवेटिवऔरऔर भी

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास अपने और किराये के गोदामों को मिलाकर अनाज भंडारण की कुल क्षमता 333 लाख टन है। इसमें से 1 अक्टूबर 2011 तक 74% क्षमता का उपयोग हुआ है। राज्‍यों की एजेंसियों की कुल भंडारण क्षमता अभी 295 लाख टन है। इस प्रकार देश में भंडारण क्षमता 628 लाख टन है, जबकि हमारे पास अभी खाद्यान्न का भंडार 517 लाख टन ही है। साथ ही सरकार ने अधिक खरीद को संभालने केऔरऔर भी

अगले साल अप्रैल से चेक, ड्राफ्ट, पे ऑर्डर या बैंकर्स चेक की वैधता अवधि घटाकर तीन महीने कर दी गई है। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को बैकों को जारी एक निर्देश में यह जानकारी है। यूं तो यह निर्देश को-ऑपरेटिव बैंकों के प्रमुखों को ही संबोधित है, लेकिन इसके संदेश से कहीं साफ नहीं होता कि यह केवल राज्य व केंद्रीय को-ऑपरेटिव बैंकों पर ही लागू होगा। बता दें कि इस समय इन सभी प्रपत्रों की वैधताऔरऔर भी

केंद्रीय वित्‍त मंत्री प्रणव मुखर्जी मंगलवार को संसद के शीत सत्र के पहले दिन खुद की पहल पर लोकसभा को मुद्रास्फीति का गणित समझाते नजर आए। उन्होंने सांसदों को समझाया कि मुद्रास्‍फीति मांग और आपूर्ति में असंतुलन के कारण पैदा होती है। तेजी से होने वाली आर्थिक वृद्धि और ढांचागत परिवर्तन के दौर में, जिससे इस समय भारत गुजर रहा है, मुद्रास्‍फीति का बढ़ना स्‍वाभाविक है। उन्‍होंने कहा कि हमने सभी उभरती हुई अर्थव्‍यवस्‍थाओं में इसे होतेऔरऔर भी