हमारे शेयर बाजार में बड़ा अजीबोगरीब घटता रहता है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी ने सोमवार को दिसंबर 2011 की तिमाही के नतीजे घोषित किए। बताया कि इस दौरान उसकी बिक्री साल भर पहले की अपेक्षा 17.24 फीसदी घटकर 7717.87 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 63.62 फीसदी घटकर 205.62 करोड़ रुपए पर आ गया है। इसकी वजह देश-विदेश की कमजोर आर्थिक हालत, कंपनी के मानेसर संयंत्र में चली मजदूर हड़ताल, ऊंची ब्याज दरऔरऔर भी

मुद्रास्फीति को लेकर रिजर्व बैंक कुछ हद तक निश्चिंत हो गया है। लेकिन इतना नहीं कि मौद्रिक नीति की तीसरी तिमाही में ब्याज दरों में कटौती कर दे। मंगलवार को सुबह 11 बजे रिजर्व बैंक नए मौद्रिक उपायों की घोषणा करने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक मुद्रा बाजार में इस समय जिस तरह तरलता की किल्लत चल रही है, उसमें पूरे आसार इस बात के हैं कि वह नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में आधा फीसदी कटौतीऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट में जिस कंपनी की पैरवी देश के पूर्व सोलिसिटर जनरल हरीश साल्वे और कांग्रेस के प्रवक्ता व जानेमाने वकील अभिषेक मनु सिंघवी कर रहे हों, उसका जीतना कोई मुश्किल नहीं था। वह भी तब, जब मामला किसी विदेशी कंपनी का हो और हमारी सरकारी विदेशी निवेश को खींचने के लिए बेताब हो। इन दोनों प्रख्यात वकीलों की तगड़ी पैरवी की बदौलत वोडाफोन ने सुप्रीम कोर्ट में वह मामला जीत लिया जिसमें उसे पहले बॉम्बे हाईकोर्टऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट में सहारा समूह और पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी का मुकदमा लंबा खिंचता जा रहा है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की दो कंपनियों – सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन (वर्तमान नाम – सहारा कमोडिटी सर्विसेज कॉरपोरेशन) और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन से कहा है कि वे तीन हफ्ते में तय कर लें कि ओएफसीडी (ऑप्शनी फुली कनवर्टिबल डिबेंचर) के 2.3 करोड़ निवेशकों के धन को कैसे सुरक्षित करेंगी। इनमें से अधिकांश निवेशकऔरऔर भी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक बोर्ड ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुरूप शुक्रवार को कंपनी के 12 करोड़ शेयर वापस खरीदने का फैसला कर लिया। शेयरों को वापस खरीदने का अधिकतम मूल्य 870 रुपए प्रति शेयर रखा गया है। यह मूल्य शुक्रवार, 20 जनवरी को एनएसई में शेयर के बंद भाव 792.65 रुपए से 9.76 फीसदी ज्यादा है। कंपनी ने तय किया है कि वह खुले बाजार से अपने शेयरों की इस वापस-खरीद या बायबैक पर ज्यादा सेऔरऔर भी

देश में बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सबसे बड़ी कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के दिसंबर तिमाही के नतीजों का अंदाज लगाने में विश्लेषकों व बाजार ने कोई गच्चा नहीं खाया। बल्कि, शुद्ध लाभ उनके अनुमान से भी बदतर रहा है। अधिकांश विश्लेषकों का अनुमान था कि कंपनी का शुद्ध लाभ 4500 से 4800 करोड़ रुपए रहेगा। लेकिन हकीकत में कंपनी का शुद्ध लाभ 4440 करोड़ रुपए रहा है। यह साल भर पहले की दिसंबर तिमाही में हुएऔरऔर भी

टेक्सटाइल देश में कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोज़गार देनेवाला क्षेत्र है। यह 3 करोड़ 50 लाख से ज्‍यादा लोगों को सीधे रोज़गार देता है। देश के कुल औद्योगिक उत्‍पादन में इसका योगदान 14 फीसदी, सकल घरेलू उत्‍पादन में 4 फीसदी और निर्यात से होने वाली आय में इसका योगदान 10.63 फीसदी है। 11वीं पंचवर्षीय योजना में 40 एकीकृत टेक्‍सटाइल पार्को को मंजूरी दी गई और इसके लिए 1400 करोड़ रुपए की राशि दी गई। राष्‍ट्रीय वस्‍त्रऔरऔर भी

हमारी बचत दर भले ही लगभग 32 फीसदी है, लेकिन इसका केवल एक तिहाई हिस्सा ही बैंकों तक पहुंच पाता है। बैंकों और वित्‍तीय संस्‍थानों के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ बजट-पूर्व बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उन कमियों को दूर करने की जरूरत है, जिनका सामना बैंकों को जमा राशि जुटाने के लिए करना पड़ता है। आकड़ों के मुताबिक 2008-09 भारतीय घरों की बचत का 52.8 फीसदी हिस्साऔरऔर भी

19वीं सदी में जॉर्ज ईस्टमैन द्वारा बनाई और दुनिया भर में कैमरों के लिए मशहूर अमेरिकी कंपनी कोडक अपनी अंतिम सांसें गिन रही है। उसने अमेरिकी प्रशासन से खुद को दीवालिया घोषित किए जाने की फरियाद की है। वैसे, कोडक की भारतीय शाखा कोडक इंडिया ने कहा है कि मूल कंपनी की दीवालियेपन की अपील से उसके कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर अमेरिकी कंपनी की फरियाद मान ली गई तो उसे लेनदारों का बकाया चुकानेऔरऔर भी

जापान की निप्पन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी रिलायंस म्यूचुअल फंड में भी 26 फीसदी इक्विटी खरीदेगी। यह सौदा 29 करोड़ डॉलर (1450 करोड़ रुपए) में हुआ है जो भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में अब तक किया गया सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) है। इससे पहले अमेरिका की टी रोवे ने यूटीआई म्यूचुअल फंड में 26 फीसदी हिस्सा 14.24 करोड़ डॉलर और जापान की नोमुरा एएमसी ने एलआईसी म्यूचुअल फंड का 35 फीसदी मालिकाना 6.28 करोड़ डॉलर मेंऔरऔर भी