होना यह चाहिए था कि निजी क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनियां ऐसी होड़ देती हैं कि ग्राहक सरकारी कंपनी एलआईसी को छोड़कर उनकी तरफ दौड़े चले आते। लेकिन साल 2000 में जीवन बीमा कारोबार को खोलने के बाद बराबर हो रहा है इसका उल्टा। बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) के ताजा आंकडों के मुताबिक फरवरी 2012 तक एलआईसी की कुल गैर-एकल प्रीमियम वाली व्यक्तिगत पॉलिसियों की संख्या 2,65,37,802 हो गई है। यह संख्या फरवरी 2011 तक 2,53,60,881औरऔर भी

पिछले आठ वित्तीय सालों में से कोई ऐसा साल नहीं रहा है जब दिया गया कृषि ऋण निर्धारित लक्ष्य से कम रहा हो। चालू वित्त वर्ष 2011-12 में भी अप्रैल-दिसंबर तक के नौ महीनों में 3,40,716 करोड़ रुपए का कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है जो पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य का 71.73 फीसदी है। कृषि मंत्रालय का कहना है कि पिछले दो महीनों और वर्तमान महीने के ऋण वितरण का आंकड़ा अभी जुटाया जाना है।औरऔर भी

एक तरफ वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पिछले शुक्रवार को पेश बजट में पेट्रोलियम सब्सिडी को 25,000 करोड़ रुपए घटाकर डीजल के दाम बढ़ाने का इरादा साफ-साफ जाहिर कर दिया था। वहीं दूसरी तरफ इस शुक्रवार को हमारे पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने दावा किया कि सरकार का कोई इरादा डीजल को मूल्य नियंत्रण व्यवस्था से बाहर निकालने का नहीं है। रेड्डी ने राजधानी दिल्ली में सातवें एशियाई गैस भागीदारी सम्मेलन में संवाददाताओं से अगल सेऔरऔर भी

देश के कोयला खदानों के आवंटन में घोटाले की बात कोई नई नहीं है। कई महीने पहले शिवसेना के एक सांसद ने ब्योरेवार तरीके के संसद में बहस के दौरान सारा कच्चा चिट्ठा खोला था। जेडी-यू अध्यक्ष शरद यादव ने भी इस पर हल्ला मचाया था। बीजेपी तक ने इस पर अपने तेवर गरम कर लिए थे। लेकिन फिर न जाने क्या हुआ कि सभी नरम पड़ गए। गुरुवार को अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने सीएजीऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी ताजा सूचना के मुताबिक 17 मार्च 2012 से सोने का टैरिफ मूल्य 573 डॉलर प्रति दस ग्राम कर दिया गया है जो पहले जितना ही है। उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं चांदी का टैरिफ मूल्य बदलकर 1036 डॉलर प्रति किलोग्राम कर दिया है। दिक्कत यह है कि इससे ठीक पहले 31 जनवरी 2012 की अधिसूचना के मुताबिक सोने का टैरिफ मूल्य 556 डॉलर प्रति दस ग्राम और चांदी का टैरिफऔरऔर भी

फैसला हो गया। टेक महिंद्रा अब महिंद्रा सत्यम की बची हुई 61.35 फीसदी इक्विटी भी खरीद लेगी। इसके लिए वह महिंद्रा सत्यम के शेयधारकों को हर 17 शेयर पर अपने (टेक महिंद्रा के) दो शेयर जारी करेगी। धन का कोई लेनदेन नहीं, सारा मामला शेयरों से निपटा लिया जाएगा। ध्यान दें कि महिंद्रा सत्यम के शेयर दो रुपए अंकित मूल्य के हैं, जबकि टेक महिंदा के शेयरों का अंकित मूल्य दस रुपए है। दोनों कंपनियों के निदेशकऔरऔर भी

वोडाफोन समूह को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के चार घंटे के भीतर ही भारत सरकार के पास जमा कराए गए 2500 करोड़ रुपए वापस मिल गए। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कल, मंगलवार को सरकार की वह पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी जिसमें हचिसन एस्सार को वोडाफोन के खरीदने पर 2.2 अरब डॉलर (11,000 करोड़ रुपए) का टैक्स लगाने की मांग की गई थी। वोडाफोन समूह के चीफ फाइनेंस अफसर (सीएफओ) एंडी हाफर्ड ने बुधवारऔरऔर भी

देश में गरीबी कम होने पर योजना आयोग के ताजा आंकड़ों के बाद संसद में नया बवाल मच गया है। लेकिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने इस पर सफाई दी है कि इन आंकड़ों को किसी भी सरकारी योजना के लाभार्थियों से जोड़कर देखना सही नहीं है। अहलूवालिया पहले ही इसी तरह का तर्क देते रहे हैं। बता दें कि सोमवार को योजना आयोग की ओर से जारी आंकड़ों में कहा गया है किऔरऔर भी

महिंद्रा सत्यम (पुराना नाम सत्यम कंप्यूटर) और टेक महिंद्रा के निदेशक बोर्ड बुधवार को दोनों कंपनियों विलय पर विचार-विमर्श करेंगे। मंगलवार को इस घोषणा के बाद महिंद्रा सत्यम का शेयर 4.66 फीसदी बढ़कर 74.15 रुपए और टेक महिंद्रा का शेयर 5.13 फीसदी बढ़कर 648.35 रुपए पर बंद हुआ। माना जा रहा है कि सत्यम महिंदा को टेक महिंद्रा में मिला दिया जाएगा और महिंद्रा सत्यम के शेयरधारकों को अपने 9 शेयरों के बदले टेक महिंद्रा का एकऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन मामले में सरकार की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। सरकार ने कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील की थी कि जिसमें कहा गया था कि वोडाफोन इंटरनेशनल और हचिसन ग्रुप के बीच विदेश में हुए सौदे पर 11,000 करोड़ रुपए टैक्स लगाना आयकर विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाड़िया और न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन ने मगलवार को कक्ष के भीतर सुनवाई के दौरान वोडाफोन टैक्सऔरऔर भी