देश के कुल 8 करोड़ 93 लाख 50 हजार किसान परिवारों में से 4 करोड़ 34 लाख 20 हजार परिवार कर्ज के बोझ के नीचे दबे हुए हैं। दूसरे शब्दों में देश के 48.6 फीसदी किसान किसी न किसी रूप में कर्ज लेकर अपना कामकाज चलाते हैं। यह बात राष्ट्रीय सैंपल सर्वे संगठन (एनएसएसओ) के 59वें चक्र की रिपोर्ट नंबर 498 में सामने आई है। किसानों ने जिनसे कर्ज ले रखे है, उनमें बैंकों से लेकर सूदखोरऔरऔर भी

देश के सभी नागरिकों को अलग पहचान देने की परियोजना, आधार में किसी भी व्यक्ति के धर्म और जाति का उल्लेख नहीं होगा। इसमें व्यक्ति को उसकी उंगलियों के निशान और आंख की पुतलियों के स्वरूप से पहचाना जाएगा। इस परियोजना की संचालक यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के चेयरमैन नंदन निलेकणी के अनुसार उनकी संस्था देशवासियों के लिए अलग नंबर जारी करेगी, कार्ड नहीं। यह नंबर पूरी जिंदगी के लिए होगा। इसमें व्यक्ति के नाम,औरऔर भी

आज संसद के भीतर और बाहर हंगामे का दिन है। लेफ्ट समेत 13 राजनीतिक पार्टियों से आज महंगाई के खिलाफ भारत बंद बुला रखा है। साथ ही वे संसद के भीतर पेट्रोल, डीजल व उर्वरक की बढ़ाई गई कीमतों को वापस लेने के लिए सरकार के खिलाफ कटौती प्रस्ताव या कट मोशन भी पेश करेंगी। कटौती प्रस्ताव की खासियत यह है कि अगर यह पारित हो गया तो सरकार गिर जाएगी। लेकिन ऐन वक्त पर यूपीए सरकारऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय ने टैक्स रिटर्न भरने का नया फॉर्म सरल-।। जारी कर दिया है। इससे करदाताओं के लिए रिटर्न भरना आसान हो जाएगा। इसमें वे वेतन या ब्याज पर काटे गए टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) का विवरण भी आसानी से भर सकते हैं। यह फॉर्म पेश करने की घोषणा वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वित्त वर्ष 2010-11 के बजट भाषण में की थी। जैसा उन्होंने बताया था, उसी के अनुरूप यह फॉर्म केवल दो पन्नों काऔरऔर भी

देश के सभी बैंक अब जन सेवा केंद्रों (कॉमन सर्विस सेंटर या सीएससी) को अपना बिजनेस करेंसपॉन्डेंट या प्रतिनिधि (बीसी) बना सकते हैं। इस साल 20 अप्रैल को पेश मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक ने कहा था कि मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत बैंक व्यक्तियों की कुछ चुनिंदा श्रेणियों को ही बीसी बना सकते हैं। इस दायरे को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव है कि बैंकों को सीएससी चलानेवाले व्यक्तियों समेत किसी भी बीसी बनाने की इजाजत दे दीऔरऔर भी

इधर पिछले कई महीनों से मिड कैप और स्माल कैप कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग बढ़ती गई है। इसके बावजूद अब भी बाजार के कुल पूंजीकरण का करीब 70 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप कंपनियों से आता है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में ऐसी लार्ज कैप कंपनियों की सख्या महज 77 है। दूसरी तरफ मिड कैप कंपनियों में होनेवाला कारोबार बाजार के कुल पूंजीकरण का 20 फीसदी है और ऐसी कंपनियों की संख्या 209 है। लेकिन स्मॉल कैप कंपनियोंऔरऔर भी

देश की तीसरी सबसे बड़ी साफ्टवेयर निर्यातक कंपनी विप्रो ने अपने शेयरधारकों को हर तीन पर दो नए शेयर बोनस के रूप में देने का एलान किया है। साथ ही वह दो रुपए अंकित मूल्य के शेयर पर प्रति शेयर 6 रुपए यानी 300 फीसदी का लाभांश देगी। इससे पहले इनफोसिस में बोनस देने की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन उसने 300 फीसदी लाभांश देकर हाथ बांध लिए थे। अब विप्रो ने लाशांश के साथ बोनसऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने भले ही सीआरआर को 6 फीसदी पर लाकर बैंकों से 12,500 करोड़ रुपए की तरलता खींच ली है। लेकिन अब भी सिस्टम में इतना धन है कि हाल-फिलहाल ब्याज दरों में किसी वृद्धि के आसार नहीं हैं। यह कहना है देश की सबसे बड़ी हाउसिंग कंपनी एचडीएफसी की प्रबंध निदेशक रेणु सूद कर्नाड का। उनका कहना था कि बाजार में रेपो व रिवर्स रेपो में इतनी ही कमी की उम्मीद थी। लेकिन सीआरआर मेंऔरऔर भी

यूं तो मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक ठीक-ठीक क्या उपाय करेगा, इसका सटीक अनुमान लगाना लगभग नामुमकिन होता है। लेकिन आज तो कमाल हो गया जब सूत्रों से मिले इशारे, बातचीत और विश्लेषण के आधार पर अर्थकाम की तरफ से पेश की गई खबर एकदम सही साबित हो गई। रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2010-11 की मौद्रिक नीति में रेपो, रिवर्स रेपो और नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 25 आधार अंकों या 0.25 फीसदी की वृद्धि करऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने सोमवार को अर्थव्यवस्था और मौद्रिक हालात की समीक्षा पर जारी दस्तावेज में साफ कर दिया है कि चालू वित्त वर्ष 2010-11 में उसकी मुख्य चुनौती मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने की होगी। इसलिए पूरी उम्मीद है कि मंगलवार को जारी की जानेवाली सालाना मौद्रिक नीति में कर्ज को महंगा कर दिया जाए। बैकिंग क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि रिजर्व बैंक इसके लिए रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंक (0.25 फीसदीऔरऔर भी