पूंजी बाजार नियामक संस्था, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने तय किया है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) को शॉर्ट सेलिंग के लिए उधार दिए गए शेयरों की सूचना अब हर कारोबारी दिन के बजाय हफ्ते में केवल एक दिन शुक्रवार को देनी होगी। लेकिन अगर वे अगर अपने विदेशी क्लाएंट को पार्टिसिपेटरी नोट (पीएन) जारी करते हैं तो उन्हें इसकी सूचना तत्काल देनी होगी। सेबी ने एफआईआई और उनके सभी कस्टोडियन के नाम मंगलवार कोऔरऔर भी

पिछले कुछ महीनों से उठे गुबार के बाद थोड़े-से भी जानकार निवेशकों में यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पोडक्ट) को लेकर इतनी हिकारत पैदा हो गई है कि वे इसमें पैसा लगाना सरासर बेवकूफी समझते हैं। आम धारणा यही है कि बीमा लेना हो तो टर्म इंश्योरेस लेना चाहिए और निवेश का लाभ लेना हो तो सीधे म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना चाहिए। इन दोनों के घालमेल यूलिप में पैसा लगाने का मतलब सिर्फ एजेंट की जेब भरनाऔरऔर भी

पहली जुलाई से बैंकों में लागू होनेवाले बेस रेट के एलान का सिलसिला मंगलवार से शुरू हो गया। देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने घोषित किया है कि उसका बेस रेट 7.5 फीसदी सालाना होगा। इसका मतलब यह हुआ कि कृषि ऋणों के अलावा एसबीआई कोई भी ऋण 7.5 फीसदी के कम ब्याज पर नहीं देगा। एसबीआई के फैसले के बाद दूसरे सभी बैंक आज और कल में अपने बेस की घोषणा करऔरऔर भी

देश में 256 केबीपीएस से अधिक डाउनलोड स्पीड के ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेनेवाले सब्सक्राइबरों की संख्या मई 2010 के अंत तक 92.4 लाख हो गई है। यह पिछले महीने अप्रैल की संख्या 90 लाख से 2.67 फीसदी अधिक है। टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी (टीआरएआई) से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक मई अंत तक देश में कुल मोबाइलधारकों की संख्या 61.75 करोड़ से ऊपर हो गई है। यह अप्रैल के 60.12 करोड़ से 2.71 फीसदी ज्यादा है। अगर लैंडलाइन कनेक्शनोंऔरऔर भी

देश की प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने सोमवार को एक अध्ययन रिपोर्ट में कहा कि सरकार द्वारा पेट्रोल कीमतों को नियंत्रण मुक्त करने और रसोई गैस व डीजल के दाम बढाने के फैसले से  सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां का घाटा या अंडर रिकवरी मौजूदा वित्त वर्ष में 25,000 करोड़ रुपए कम हो जाएगा। क्रिसिल का कहना है कि इस तरह के कदमों का तेल विपणन कंपनियों के वित्तीय जोखिम प्रोफाइल पर सकारात्मक असर होगा। इससेऔरऔर भी

बैंकों में बेस रेट की नई प्रणाली लागू होने में बस दो दिन बचे हैं। रिजर्व बैंक ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि किसानों को बेस रेट से कम ब्याज पर ऋण दिए जा सकते हैं या नहीं। लेकिन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आज, सोमवार को मुंबई में आयोजित एक समारोह में साफ कर दिया कि किसानों को 5 फीसदी ब्याज पर भी ऋण दिया जा सकता है जो जाहिर तौर पर किसी भीऔरऔर भी

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) द्वारा अपना टेलिकॉम टावर बिजनेस जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर में विलय करने की घोषणा के बाद आज आरकॉम के शेयर में तो 6.36 फीसदी का ही उछाल आया, लेकिन जीटीएफ इंफ्रा के शेयर 19.96 फीसदी तक बढ़ गए। आरकॉम ऊपर में 204.75 रुपए और जीटीएल इंफ्रा 50.40 रुपए तक चला गया। हालांकि दोनों शेयर क्रमशः 4.65 फीसदी बढ़कर 201.45 रुपए और 4.08 फीसदी बढ़कर 47.20 रुपए पर बंद हुए। आज जीटीएल इंफ्राऔरऔर भी

जानकारों का कहना है कि सोने के भाव में अभी जिस तरह बढ़ने का रुझान चल रहा है, उसमें निवेशकों को इसकी कीमत में सुधार आने तक निवेश का इंतजार करना चाहिए। वैसे, पिछले दो महीनों के दौरान ज्यादातर गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) के एनएवी (शुद्ध आस्ति मूल्य) में 15 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है। बता दें कि गोल्ड ईटीएफ ओपन इंडेड म्यूचुअल फंड स्कीमें हैं जिसमें निवेशकों के सोने में लगाया जाता है।औरऔर भी

म्यूचुअल फंड की किसी भी स्कीम में कम से कम 20 निवेशकों का होना जरूरी है और एक यूनिटधारक के पास स्कीम या प्लान के कुल आकार का 25 फीसदी से ज्यादा हिस्सा नहीं हो सकता। इन शर्तों के उल्लंघन पर पूरी स्कीम ही बंद ही जा सकती है और यूनिटधारकों को उनका पैसा उस समय के एनएवी (शुद्ध आस्ति मूल्य) के हिसाब से लौटा देना होगा। लेकिन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) पर सेबी का यह नियमऔरऔर भी

सुना है कि म्यूचुअल फंड उद्योग में डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल को नए सिरे से ढालने की बात चल रही है, लेकिन मुझे लगता है कि आज अहम जरूरत इस बात की है कि हम खुद से पूछें कि म्यूचुअल फंड उद्योग के बने रहने का ही क्या तुक है। हमें बराबर बताया जाता है कि म्यूचुअल फंड में प्रोफेशनल मैनेजर सबसे जुटाई गई बचत का कुशल प्रबंधन करते हैं और वे खुद अपना पैसा संभालनेवाले औसत निवेशक सेऔरऔर भी