रूस में जन्मे और अब ब्रिटेन के मैनचेस्टर विश्वविद्यालय में कार्यरत दो वैज्ञानिकों को हैरतअंगेज गुणों वाले एक पदार्थ पर अभूतपूर्व काम करने के लिए वर्ष 2010 में भौतिक शास्त्र का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से देने की घोषणा की गई है। ग्राफीन पर किए गए अनुसंधान के लिए आंद्रे जीम और कोंसटान्टिन नोवोसेलोव को नौ लाख पाउंड का यह पुरस्कार देने की घोषणा की गई। डॉ. जीम ने इस समाचार पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा, ‘‘मैंऔरऔर भी

विश्व बैंक ने तीन भारतीय कंपनियों और एक कारोबारी पर बंदिश लगा दी है कि वे भारत में उसकी परियोजना में भाग नहीं ले सकते। उसका कहना है कि इन कंपनियों और उस शख्स से उसके साथ कामकाज करते हुए धोखाधड़ी की है। ये तीन कंपनियां हैं – बीएसई में लिस्टेड अंबालाल साराभाई एंटरप्राइसेज, मुंबई की केमितो टेक्नोलॉजीज और नई दिल्ली की ग्लोबल स्पिन वीव लिमिटेड। साथ ही ग्लोबल स्पिन वीव के निदेशक सुधीर अग्रवाल पर अलगऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी भले ही मानते हों कि देश में विदेशी पूंजी प्रवाह का बढ़ना चिंता की बात नहीं है। न ही वे मुद्रास्फीति के दबाव को लेकर चिंतित हैं। लेकिन रिजर्व बैंक इन दोनों ही मुद्दों को लेकर गंभीर है। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने मंगलवार को मुंबई में प्राइवेट इक्विटी इंटरनेशनल इंडिया फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि विदेशी पूंजी का यूं बहते चले आना खतरे की आशंका पैदा करऔरऔर भी

अगर साल 2003 से पूंजी बाजार में उतरी सार्वजनिक क्षेत्र की 28 कंपनियों के आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक ऑफर) के इतिहास को आधार मानें तो कोल इंडिया और सेल के आगामी पब्लिक इश्यू बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। इन 28 कंपनियों में से 94 फीसदी के आईपीओ इश्यू मूल्य से कम से कम 10 फीसदी बढ़त के साथ बाजार में सूचीबद्ध हुए हैं। प्रमुख ब्रोकरेज व निवेश बैंकिंग फर्म एनाम सिक्यूरिटीज ने तमाम आंकड़े जुटाकर यह हकीकत उजागरऔरऔर भी

देश में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश का आना जारी है। इस साल जनवरी से अब तक भारतीय शेयर बाजार में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) 46,196.83 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश कर चुके हैं। सोमवार को ही उन्होंने शेयर बाजार में 1264.11 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया, जबकि घरेलू निवेशक संस्थाएं तेजी के इस माहौल में बेचकर मुनाफा कमा रही है और उनकी शुद्ध बिक्री 797.83 करोड़ रुपए की रही। विदेशी निवेश के आने से रुपया भी मजबूतऔरऔर भी

सरकार ने 15 सितंबर 2010 को तय किया था कि 1 अप्रैल 2011 ने कर्मचारियों के उन भविष्य निधि (ईपीएफ) खातों पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा जिनमें तीन साल से कोई रकम नहीं जमा की गई है। अब वह इन खातों को बंद करने जा रही है। ऐसे निष्क्रिय खातों की संख्या करीब तीन करोड़ है और इनमें 15,415 करोड़ रुपए पड़े हुए हैं। इन्हें बंद करने से जहां उसे यह रकम मुफ्त में मिल जाएगी,औरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया है जिसमें बैंकों को एक-दूसरे के बीच गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) सहित ऋण के टांसफर पर रोक लगाई गई थी। मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाड़िया की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि बैंकों के बीच ऋण का स्थानांतरण कानूनी रूप से उचित है और बैंकिंग सेवा नियमन कानून में इसकी अनुमति है। पीठ ने कहा, ‘‘बैंकिंग नियमन कानून में इस पर रोक नहीं है। हमऔरऔर भी

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का कहना है कि उनका देश अपना प्रतिस्पर्धी स्थान खो रहा है और भविष्य की नौकरियां भारत जैसे देशों के युवाओं के हाथ में होंगी, जहां शिक्षा क्षेत्र में भारी निवेश किया जा रहा है। उन्होंने अमेरिका के लोवा शबर में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में कहा, ‘‘आप देखिए चीन, भारत और ब्राजील जैसे देश शिक्षा प्रणाली और बुनियादी ढांचे में जमकर निवेश कर रहे हैं। कहां हम अव्वल होते थे, मसलन कॉलेजऔरऔर भी

भारत में अमीरी का संकेंद्रण अमेरिका और चीन से भी ज्यादा है। यहां सबसे ज्यादा अमीर 100 लोगों की संपत्ति का 50 फीसदी हिस्सा मात्र दस लोगों के हाथ में सिमटा हुआ है। चीन में यह अनुपात 38 फीसदी और अमेरिका में 32 फीसदी है। यह निष्कर्ष है फोर्ब्स इंडिया पत्रिका की ताजा रिपोर्ट का। इसका सीधा-सा मतलब यह हुआ कि भारत में लोकतंत्र के बावजूद संपत्ति का आधार विस्तृत नहीं हुआ है। इसका पता इस बातऔरऔर भी

पता नहीं, अब महिंद्रा सत्यम (सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज) के शेयर का क्या हश्र होगा क्योंकि बाजार उम्मीद लगा रहा था कि उसका प्रति शेयर लाभ (ईपीएस) वित्त वर्ष 2009-10 में 9 रुपए के आसपास रहेगा। लेकिन हकीकत में यह ऋणात्मक में 1.14 रुपए है क्योंकि कंपनी को 124.6 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। अगर पुराने चेयरमैन रामालिंगा राजू द्वारा लगाई गई कालिख को धोने-पोछने के लिए मुकदमेबाजी व जांच वगैरह पर किए गए 416.9 करोड़ रुपएऔरऔर भी