दुनिया की सबसे बड़ी पीसी चिप निर्माता इंटेल ने क्लाउड कंप्यूटिंग को अपनाने का खाका तैयार करने के लिए बीएमडब्ल्यू, लोकहीड मार्टिन तथा जेपी मार्गन चेज जैसी कंपनियों से गठजोड़ किया है। यह जानकारी इंटेल की तरफ से शुक्रवार को दी गई। ओपन डेटा सेंटर एलायंस (ओडीसीए) नाम के इस गठजोड़ में बीएसई सहित 70 कंपनियां हैं। भारत से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज व सीटीआरएलएस इसमें शामिल है। यह गठजोड़ भविष्य में क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए हार्डवेयर वऔरऔर भी

वैश्विक समृद्धि सूचकांक में भारत दस स्थान फिसलकर 88वें स्थान पर आ गया है। लंदन के लेगाटुम इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार इस सूचकांक में भारत पिछले साल के 78वें स्थान पर था। संस्थान का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा प्रणाली के साथ-साथ उद्यमी बुनियादी ढांचे की कमजोरी से भारत की रैकिंग घटी है। इस सूचकांक में 110 देशों को शामिल किया गया है जिनमें शीर्ष पर नॉर्वे और उसके बाद क्रमशः डेनमार्क, फिनलैंड, आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंडऔरऔर भी

सरकार ने ईरान से केसर की तस्करी की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में 375 करोड़ रूपए के राष्ट्रीय केसर मिशन कार्यक्रम के लागू होने के बाद यह स्थिति समाप्त हो जाएगी। कृषि सचिव पी के बसु ने कहा, “हमें इस बात की जानकारी है। राष्ट्रीय केसर मिशन इन मसलों की ओर ध्यान देगा। हमारा केसर ईरान से कहीं बेहतर है।” उनसे पूछा गया था कि क्या केन्द्र सरकार को ईरान से होने वालेऔरऔर भी

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की अगले हफ्ते होनेवाली भारत यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के आर्थिक पहलू पर केंद्रित रहेगी क्योंकि अमेरिकी प्रशासन इसे सबसे महत्वपूर्ण उभरते हुए द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों के तौर पर देखता है। ह्वाइट हाउस में उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फोरमैन ने वॉशिंगटन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह असल में अमेरिका के लिए बहुपक्षीय और द्विपक्षीय रूप से सबसे महत्वपूर्ण और उभरते हुए आर्थिक संबंध हैं। हम जी-20 के परिप्रेक्ष्य में भारत के साथ काफीऔरऔर भी

जैसे-जैसे दलबल के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत आने की तारीख करीब आती जा रही है, सरकार के तमाम मंत्री व आला अधिकारी मल्टी ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की वकालत करते नजर आ रहे हैं। इसकी खास वजह यह है कि अमेरिका का भारी दबाव इस बात पर है कि भारत मल्टी ब्रांड रिटेल को विदेशी पूंजी निवेश के लिए खोल दे। प्रमुख अमेरिकी स्टोर व दुनिया के सबसे बड़े रिटेलर वॉलऔरऔर भी

केंद्र सरकार जल्दी ही देश के लगभग पांच करोड़ परिवारों के वित्तीय समावेश का नया राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम स्वाभिमान शुरू करने जा रही है। यह जानकारी खुद वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आर्थिक संपादकों के सम्मेलन में दी। सरकार की इस पहल की अहमियत इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि इस समय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की 85,292 शाखाओं में से करीब 38 फीसदी शाखाएं ही ग्रामीण इलाकों में हैं। देश की महज 40 फीसदी आबादी के पास बैंक खातेऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 8.25 फीसदी से 8.75 फीसदी के बीच रहेगी और जल्द ही हम नौ फीसदी की औसत वृद्धि दर हासिल करने में सफल रहेंगे। हालांकि, इसके साथ ही मुखर्जी ने इस बात पर चिंता भी चिंताई कि खाद्य वस्तुओं की उंची कीमतों की वजह से महंगाई की दर बढ़ रही है। वित्त मंत्री ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में आर्थिकऔरऔर भी

दुनिया की प्रमुख इस्पात कंपनी आर्सेलर मित्तल ने भारत के लिए नई रणनीति तैयार की है। कंपनी अब भारत में बड़े-बड़े संयंत्र लगाने के बजाय छोटी इकाइयां लगाएगी। शुरुआत में कंपनी का इरादा झारखंड, उड़ीसा और कर्नाटक जैसे राज्यों में छोटी इकाइयां लगाने का है। हालांकि कंपनी ने इसके साथ ही स्पष्ट किया है कि वह संबंधित राज्य सरकारों के साथ हुए करार के तहत इन इस्पात संयंत्रों की क्षमता बाद में बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता पूरीऔरऔर भी

देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी इनफोसिस टेक्नोलॉजीज के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने सवाल उठाया है कि चीन ने अपनी सस्ती मैन्यूफैक्चरिंग के दम पर दुनिया के तमाम देशों में औसत नौकरियों के मौके खत्म कर दिए है, लेकिन उसके खिलाफ कहीं शोर नहीं होता। जबकि भारत ने आउटसोर्सिंग के काम से नौकरियों के सीमित अवसर ही खत्म किए हैं, लेकिन भारत के खिलाफ खूब हल्ला मचाया जा रहा है। नारायण मूर्ति मंगलवारऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने बीमा कंपनियों के पूंजी बाजार में उतरने की राह खोल दी है। लेकिन उसके बोर्ड ने सोमवार को अपनी बैठक में कुछ ऐसी शर्तें तय कर दीं जिन्हें बीमा कंपनियों को अलग से पूरा करना होगा। साथ ही बोर्ड ने किसी भी आईपीओ (प्रारंभिक पब्लिक ऑफर) में रिटेल निवेशकों के लिए अब तक चली आ रही एक लाख रुपए निवेश की सीमा को बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दिया है। इसकेऔरऔर भी