देश के बैंक इस समय एसेट-लायबिलिटी में जबरदस्त मिसमैच या असंतुलन का सामना कर रहे हैं। 19 नवंबर से 17 दिसंबर तक के दो पखवाड़ों में उनकी जमाराशि में 49,817 करोड़ रुपए की कमी आई है, जबकि इसी दौरान उनके द्वारा दिए गए ऋण 81,806 करोड़ रुपए बढ़ गए हैं। इस अंतर को पूरा करने के लिए बैंक लगातार रिजर्व बैंक की चलनिधि समायोजना सुविधा (एलएएफ) का इस्तेमाल कर रहे हैं और हर दिन सवा लाख करोड़औरऔर भी

वैश्विक मंदी के बादल छंटने के बाद भारत में आईटी क्रांति नये सिरे से जोर पकड़ रही है। लोगबाग अब डेस्कटॉप कंप्यूटर की बजाय लैपटॉप व टैबलेट कंप्यूटर जैसे उत्पादों पर ध्यान दे रहे हैं, जिन्हें आवश्यकता अनुसार कहीं भी इस्तेमाल किया जा सके। बाजार विशेषज्ञ कहते हैं कि नए साल में कंप्यूटर की दुनिया में नोटबुक, टैबलेट और ई-रीडर जैसे उत्पादों का बोलबाला रहने का अनुमान है। इसी तरह कीबोर्ड तथा माउस जैसे उपकरण भी धीरे-धीरेऔरऔर भी

वित्त वर्ष 2009-10 में देश में कुल 123.52 लाख जीवन बीमा पॉलिसियां लैप्स हो गई हैं। यह संख्या साल भर पहले 2008-09 में लैप्स हुई 91.08 लाख पॉलिसियों से 35.61 फीसदी अधिक है। सबसे ज्यादा चौंकाने की बात यह है कि पारदर्शिता की बात करनेवाली बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने हाल ही में जारी अपनी 2009-10 की सालाना रिपोर्ट में इस बाबत स्पष्ट जानकारी देने से परहेज किया है। उसने सभी 22 जीवन बीमा कंपनियों केऔरऔर भी

साल 2010 पब्लिक इश्यू से जुटाई गई राशि के मामले में भारतीय कॉरपोरेट जगत में नया इतिहास बनाकर विदा हो रहा है। लेकिन नया साल 2011 इसको भी मात देने को तैयार दिख रहा है। कैलेंडर वर्ष 2010 में भारतीय कॉरपोरेट जगत ने पब्लिक इश्यू के जरिए 59,523 करोड़ रुपए जुटाए हैं। लेकिन कैलेंडर वर्ष 2011 में अगर सेबी के पास दाखिल निजी कंपनियों के प्रॉस्पेक्टस और सरकारी कंपनियों के विनिवेश को आधार बनाएं तो पब्लिक इश्यूऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हफ्ते भर पहले की गई अपनी पेशकश को अमली जामा पहनाते हुए सोमवार को बाकायदा लोक लेखा समिति (पीएसी) को एक पत्र भेजकर कहा कि वे 2जी स्पेटक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच के सिलसिले में समिति के सामने पेश होने को तैयार हैं। उन्होंने पीएसी के अध्यक्ष और बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी को यह पत्र उस दिन भेजा है, जब नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) विनोद राय भी पीएसी के सामने पेशऔरऔर भी

मुंबई, सात द्वीपों पर बना शहर, देश की आर्थिक राजधानी। लेकिन भारत में अंग्रेजों का शासन शुरू होने से 96 साल पहले ही यह शहर इंग्लैंड का हो चुका था। देश में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन 1757 में प्लासी के युद्ध के बाद शुरू हुआ। लेकिन 1661 में ही इंग्लैंड के किंग चार्ल्स द्वितीय को मुंबई शहर पुर्तगाल की राजकुमारी से शादी करने के बाद राजसी दहेज के रूप में दे दिया गया था क्योंकि तबऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का कहना है कि प्याज की कीमतें अब नीचे आने लगी हैं और सरकार की ओर से किए जा रहे उपायों से जल्दी ही स्थिति नियंत्रण में होगी। उल्लेखनीय है कि प्याज के भाव करीब एक हफ्ते से आसमान छू रहे हैं। प्याज का मसला राजनीतिक रूप से इतना संवेदनशील है कि वित्त मंत्री बराबर इस पर सफाई देते फिर रहे हैं। राजधानी दिल्ली में तो श्री मुखर्जी ने बराबर मीडिया को इसऔरऔर भी

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएमडीसी जनवरी-मार्च तिमाही में लौह अयस्क (आइरन ओर) की कीमतों में तीन फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकती है। इससे जेएसडब्ल्यू, एस्सार और टाटा स्टील जैसी इस्पात कंपनियां दाम बढ़ाने को प्रोत्साहित हो सकती हैं। समाचार एजेंसी प्रेस ट्रेस्ट के अनुसार कंपनी के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ‘‘एनएमडीसी जनवरी से लौह अयस्क की कीमतें तीन फीसदी तक बढ़ा सकती है।’’ उन्होंने कहा कि मांग बढ़ने और वैश्विकऔरऔर भी

देश के हथकरघा क्षेत्र में लगे बुनकरों की संख्या पिछले 15 साल में करीब 33 फीसदी घटकर 43.3 लाख पर आ गई है। कामगारों के शहरी इलाकों में पलायन कर जाने के चलते संख्या में यह कमी आई। 1995 में कराई गई जनगणना के समय देश में हथकरघा बुनकरों की तादाद 65 लाख थी। हथकरघा विकास आयुक्त आर एन चौबे के मुताबिक, ‘‘बुनकरों की संख्या में इसलिए गिरावट आई है क्योंकि इन बुनकरों की अगली पीढ़ी उच्चऔरऔर भी

सरकार ने सालाना रक्षा आयात बिल को 40,000 करोड़ रुपए से घटाकर 20,000 करोड़ रुपए करने की योजना बनाई है। यह कहना है कि रक्षा राज्यमंत्री एम.एम. पल्लम राजू का। उन्होंने गुरुवार को हैदराबाद में निजी क्षेत्र की कंपनी न्यूकॉन इंडस्ट्रीज की डिफेंस व एयरोस्पेस सिस्टम एकीकरण यूनिट का उद्घाटन करते हुए कहा कि आयात घटाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इस समय रक्षा सामग्रियों के लिए नियत रकम का करीब 65 फीसदी आयातऔरऔर भी