फरवरी में देश के निर्यात के बढ़ने की दर घटकर 4.2 फीसदी पर आ गई। यह पिछले साल की फरवरी से 4.2 फीसदी बढ़कर 24.6 अरब डॉलर हो गया। इसके विपरीत आयात में इस दौरान साल भर पहले की तुलना में 20.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और 39.7 अरब डालर हो गया। इस तरह फरवरी में व्यापार घाटा बढ़कर 15.1 अरब डॉलर हो गया। इस आंकड़ों के जारी होने के बाद वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने बढ़तेऔरऔर भी

सरकार रक्षा उद्योग में संयुक्‍त उद्यम परियोजनाओं और लघु व मझोले उद्यमों (एसएमई) की भागीदारी को बढ़ावा देगी। गुरुवार को नई दिल्‍ली में डेफएक्‍स्पो इंडिया-2012 के उद्घाटन के अवसर पर रक्षा राज्‍यमंत्री डॉ. एम एम पल्‍लम राजू ने यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि सरकार रक्षा उद्योग क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है और इस बात के लिए भी प्रतिबद्ध है कि सशस्‍त्र सेनाएं नवीनतम उपकरणों और हथियारों से लैस हों। राज्यमंत्री का यह बयानऔरऔर भी

केंद्र सरकार टाइड वॉटर ऑयल कंपनी में एंड्रयू यूल की इक्विटी हिस्सेदारी को बेचने पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह आश्वासन भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यम मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने गुरुवार को एंड्रयू यूल के कामकाज की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में दिया। एंड्रयू यूल चाय उत्पादन में लगी सरकारी कंपनी है। उसकी 65.23 करोड़ रुपए की इक्विटी का 93.30 फीसदी हिस्सा भारत सरकार के पास है। वहीं टाइड वॉटर ऑयल में प्रवर्तक केऔरऔर भी

अमेरिका ने भारतीय आईटी प्रोफेशनलों में लोकप्रिय रोजगार वीज़ा एच-1बी का शुल्क पहली अक्टूबर से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष से बढ़ाने का निर्णय किया है। भारतीय कंपनियों पर इसका नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। इस वीजा के लिए आवेदन 2 अप्रैल से किए जाएंगे। अमेरिकी सिटीजनशिप एंड एमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) ने एक बयान में कहा कि अमेरिका में 50 या इससे अधिक कर्मचारियों को काम पर रखनेवाली ऐसी कंपनियों के लिए एच1 वीजा आवेदनऔरऔर भी

एक तरफ देश के शीर्ष ऑडिटर, नियंत्रण व महालेखापरीक्षक (सीएजी) इस बात अडिग हैं कि कोयला ब्लॉकों को नीलामी के बजाय सीधे-सीधे आवंटित किए जाने से देश को 10.7 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, भले ही वे इसे घुमाकर कहनेवाले हों कि इससे कंपनियों को 10.7 लाख करोड़ रुपए का फायदा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार मामले की लीपापोती में जुटी है। केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल तो नेपथ्य में चले गए हैं।औरऔर भी

केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम नेशनल एल्यूमीनियम कंपनी (नालको) में अपनी दस फीसदी और इक्विटी बेचने पर गंभीरता से विचार कर रही है। वित्त राज्यमंत्री एस एस पलानी माणिक्कम ने मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। बता दें कि नालको एशिया की सबसे बड़ी एल्यूमीनियम कंपनी है और वेदांता समेत कई निजी कॉरपोरेट समूहों ने इस पर निगाहें गड़ा रखी हैं। कंपनी की 1288.61 करोड़ रुपए की इक्विटी का 87.15 फीसदीऔरऔर भी

एक तरफ वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पिछले शुक्रवार को पेश बजट में पेट्रोलियम सब्सिडी को 25,000 करोड़ रुपए घटाकर डीजल के दाम बढ़ाने का इरादा साफ-साफ जाहिर कर दिया था। वहीं दूसरी तरफ इस शुक्रवार को हमारे पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने दावा किया कि सरकार का कोई इरादा डीजल को मूल्य नियंत्रण व्यवस्था से बाहर निकालने का नहीं है। रेड्डी ने राजधानी दिल्ली में सातवें एशियाई गैस भागीदारी सम्मेलन में संवाददाताओं से अगल सेऔरऔर भी

देश के कोयला खदानों के आवंटन में घोटाले की बात कोई नई नहीं है। कई महीने पहले शिवसेना के एक सांसद ने ब्योरेवार तरीके के संसद में बहस के दौरान सारा कच्चा चिट्ठा खोला था। जेडी-यू अध्यक्ष शरद यादव ने भी इस पर हल्ला मचाया था। बीजेपी तक ने इस पर अपने तेवर गरम कर लिए थे। लेकिन फिर न जाने क्या हुआ कि सभी नरम पड़ गए। गुरुवार को अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने सीएजीऔरऔर भी

वोडाफोन समूह को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के चार घंटे के भीतर ही भारत सरकार के पास जमा कराए गए 2500 करोड़ रुपए वापस मिल गए। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कल, मंगलवार को सरकार की वह पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी जिसमें हचिसन एस्सार को वोडाफोन के खरीदने पर 2.2 अरब डॉलर (11,000 करोड़ रुपए) का टैक्स लगाने की मांग की गई थी। वोडाफोन समूह के चीफ फाइनेंस अफसर (सीएफओ) एंडी हाफर्ड ने बुधवारऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन मामले में सरकार की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। सरकार ने कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील की थी कि जिसमें कहा गया था कि वोडाफोन इंटरनेशनल और हचिसन ग्रुप के बीच विदेश में हुए सौदे पर 11,000 करोड़ रुपए टैक्स लगाना आयकर विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाड़िया और न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन ने मगलवार को कक्ष के भीतर सुनवाई के दौरान वोडाफोन टैक्सऔरऔर भी