भारत दुनिया में हथियारों का सबसे बड़ा आयातक है। यहां तक कि चीन से भी बड़ा। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने 2006-10 के दौरान दुनिया के कुल हथियार निर्यात का 9% हिस्सा सोख लिया, जबकि चीन 6% के साथ दूसरे नंबर पर चला गया। भारत के हथियार आयात का 82% हिस्सा रूस से आया है। अमेरिका हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक है। उसके बाद रूस व जर्मनी का नंबर आताऔरऔर भी

जापान में 8.9 तीव्रता के भूकंप और सुनामी के बाद दुनिया भर के समुद्रतटीय इलाकों में सुनामी का खतरा मंडराने लगा है। लेकिन इससे न तो भारत को कोई खतरा है और न ही इससे भारतीय शेयर पर नकारात्मक असर पड़ने वाला है। फिलहाल जापान के पूरे प्रशांत महासागर के तट के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। गुआम, ताइवान, फिलीपींस, इंडोनेशिया और अमेरिकी राज्य हवाई को सुनामी पर नजर रखने को कहा गया है। इंडोनेशिया,औरऔर भी

कंपनी विधेयक, 2009 के संसद के चालू सत्र में पारित होने की संभावना नहीं है। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय का कहना है कि संसद की अवधि घटा दी गई है, इसलिए इस विधेयक के चालू सत्र में पारित होने की संभावना नहीं है। कंपनी विधेयक, 2009 करीब 50 साल पुराने कंपनी अधिनियम, 1956 की जगह लेगा। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बजट भाषण में बताया था कि कंपनी विधेयक चालू बजट सत्र में पेश कर दिया जाएगा। कंपनीऔरऔर भी

भारत के 55 अरबपति (डॉलर में) विश्व प्रसिद्ध पत्रिका फोर्ब्स द्वारा जारी दुनिया के सबसे अमीरों की ताजा सूची में शामिल हो गए हैं। भारत में सबसे आखिरी पायदान पर एक अरब डॉलर की बराबर संपत्ति के साथ चार लोग हैं – रमेश चंद्रा (रीयल एस्टेट), अनु आगा (इंजीनियरिंग), आश्विन दानी (पेंट), हरिंदर पाल बग्गा (जिंस) और मोफतराज मुनोत (रीयल एस्टेट)। ये चारों दुनिया के अमीरतम लोगों में 1040वें नंबर पर हैं। इस बार सबसे अमीर भारतीयोंऔरऔर भी

विकसित देशों, खासकर यूरोपीय देशों की आर्थिक स्थिति में सुधार धीमा रहने से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) इस साल जनवरी में एक साल पहले की तुलना में 48 फीसदी गिर कर मात्र 1.04 अरब डॉलर रह गया। भारत में एफडीआई निवेश के मामले में मॉरीशस, सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, जापान, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात प्रमुख स्रोत हैं। जनवरी, 2010 में विदेशी कंपनियों ने भारत ने 2.04 अरब डॉलर का सीधा पूंजी निवेश (एफडीआई) कियाऔरऔर भी

उड़ीसा सरकार दक्षिण कोरिया की कंपनी पोस्को की प्रस्तावित इस्पात परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने के प्रति पूरी तरह आश्वस्त है। राज्य सरकार ने कहा है कि वह इस परियोजना पर वन अधिकार कानून-2006 को ढंग से लागू करने के संबंध में एकाध दिन में पर्यावरण व वन मंत्रालय को आश्वासन पत्र सौंप देगी। उड़ीसा के मुख्य सचिव बिजय कुमार पटनायक ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम जवाब के साथ तैयार हैं। राज्य सरकार तीन दिनऔरऔर भी

एकाउंटिंग क्षेत्र की नियामक संस्था आईसीएआई (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया) ने एक सलाहकार समिति का गठन किया है जो कंपनियों को सामाजिक क्षेत्र की परियोजनाओं की पहचान करने में मदद करेगी जिन पर वे साल भर में अपने शुद्ध लाभ का दो फीसदी खर्च कर सकती हैं। बता दें कि कंपनियों को अपने शुद्ध मुनाफे का दो फीसदी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) गतिविधियों पर खर्च करना होता है। आईसीएआई के नवनियुक्त अध्यक्ष जी रामास्वामी नेऔरऔर भी

कर मुक्त विशेष आर्थिक जोन (सेज) स्कीम से फायदा उठाने के मामले में दक्षिण भारत देश के बाकी हिस्सों से काफी आगे है। देश भर में कुल 130 सेज में कामकाज चल रहा है, जिसमें से 79 सेज दक्षिण के चार राज्यों में हैं। ताजा सरकारी आंकडों के मुताबिक दक्षिणी राज्यों में भी आंध्र प्रदेश सबसे ऊपर है। वहां 32 सेज चल रहे हैं। तमिलनाडु में 22, कर्नाटक में 20 और केरल में सात सेज हैं। क्षेत्रवारऔरऔर भी

मौजूदा कानूनों के तहत देश में हाइब्रिड कारों को आयात करने की पूरी स्वतंत्रता है और इस तरह के वाहनों के लिए व्यापक अनुसंधान, डिजाइन, विकास और प्रदर्शन कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने लोकसभा में शिवकुमार उदासी के प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘मोटर वाहन कानून, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के प्रावधानों के तहत देश में मोटर वाहनों (हाइब्रिडऔरऔर भी

भारतीय लंदन में घर खरीदने में सबसे आगे हैं। दो साल पहले ही यह रुख दिखाई देने लगा था, पर अब यह हाउसिंग बाजार का एक स्थापित तथ्य बन चुका है कि भारतीय और अन्य विदेशी खरीदार लंदन में घर खरीदने में जुटे हैं। हालांकि ब्रिटेन के अन्य स्थानों पर मकानों की कीमतों में गिरावट आ रही है। लंदन के कुछ मुख्य प्रॉपर्टी डीलरों का कहना है कि अमीर भारतीय लंदन में घर खरीदने में काफी आगेऔरऔर भी