भारतीय रिजर्व बैंक के वरिष्ठतम डिप्टी गवर्नर के सी च्रकवर्ती ने कहा है कि समावेशी बैंकिंग अनेक इलाकों में पहले ही लाभप्रद हो चुकी है। उन्होंने कहा है कि धनी लोगों के बजाय गरीब लोगों के साथ व्यवसाय या बैंकिंग हमेशा अपेक्षाकृत अधिक लाभप्रद या व्यवहार्य रहती है। उन्होंने इस तथ्य की ओर इशारा किया कि जहां कॉरपोरेट क्षेत्र को बैंकों से 7-8 फीसदी ब्याज पर कर्ज मिल जाता है, वहीं माइक्रो फाइनेंस संस्थाएं गरीबों को 60औरऔर भी

सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में की गई घोषणा पर अमल की शुरुआत कर दी है। उसने बताया है कि विदेशी निवेशकों को घरेलू म्यूचुअल फंड में 10 अरब डॉलर तक निवेश करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) इसमें शिरकत नहीं कर पाएंगे। इससे शेयर बाजार में होने वाले तीव्र उतार चढ़ाव को हल्का रखने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूंजी बाजार) थॉमस मैथ्यू ने कहा कि इसऔरऔर भी

क्या जर्मनी एक बार फिर से अपनी पुरानी मुद्रा डॉयच मार्क को अपनाने की तैयारी में है? मीडिया की खबर पर भरोसा करें तो जर्मनी इस समय प्रचलित मुद्रा यूरो के स्थान पर फिर से डॉयच मार्क को प्रचलन में लाने की तैयारी में हैं। लंदन के ‘डेली एक्सप्रेस’ में प्रकाशित एक खबर में कहा गया है कि कयास लगाए जा रहे हैं कि यूरो के स्थान पर एक बार फिर डॉयच मार्क के बैंक नोट छापेऔरऔर भी

ग्रीस की खराब आर्थिक हालात के कारण पूरा यूरोप चिंतित है। भारत में महंगाई की स्थिति खराब चल रही है। इन हालात में बदनाम पी-नोट्स (पार्टिसिपेटरी नोट्स) के जरिए भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर बड़े पैमाने पर निवेश शुरू हो गया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के कुल निवेश में पी-नोट्स की हिस्सेदारी मई महीने में 19.5 फीसदी तक पहुंच चुकी थी। सेबी के मुताबिक अप्रैल में यह आंकड़ा 15 फीसदी ही था। हालांकि यहऔरऔर भी

बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के लिए पोर्टेबिलिटी (पॉलिसी बदले बगैर कंपनी बदलने की सुविधा) लागू करने की समय-सीमा बढ़ाकर एक अक्टूबर कर दी है। पहले इसे अगले महीने एक जुलाई से लागू किया जाना था। बताया जा रहा है कि बीमा कंपनियों की तैयारी न होने की वजह से तारीख बढ़ाई गई है। अभी स्वास्थ्य बीमा कराने वालों का कोई सामूहिक डाटा भी नहीं है। पिछले कई महीनों से लोगबाग एक जुलाईऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी द्वारा सहारा समूह की दो कंपनियों – सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन के खिलाफ सुनाया गया आदेश 66 लाख निवेशकों को ब्याज समेत उनका धन लौटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समूह और उसके मुखिया सुब्रत रॉय के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं और अंदेशा जताया गया है कि इन कंपनियों में बड़े पैमाने पर मनी लॉन्डिंग हो रही है। सेबी के पूर्णकालिक निदेशकऔरऔर भी

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने पास जमा 3.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के कोष का प्रबंधन करने के लिए फंड मैनजरों की नियुक्ति की समय सीमा दो महीने बढ़ाकर 31 अगस्त, 2011 कर दी है। यह निर्णय शुक्रवार को लिया गया। समय सीमा दूसरी बार बढ़ाई गई है। सूत्रों ने बताया, ‘‘ईपीएफओ के निर्णय करने वाले शीर्ष निकाय केन्द्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने विभिन्न फंड मैनजरों की नियुक्ति करने के लिए समय सीमा बढ़ाकरऔरऔर भी

देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन कंपनी हीरो होंडा ने स्टॉक एक्सचेजों को भेजी सूचना में बताया है कि उसकी प्रवर्तक फर्म हीरो इनवेस्टमेंट्स प्रा. लिमिटेड (एचआईपीएल) ने कंपनी के 17.33 फीसदी शेयर छुड़वा लिए हैं जो उसने तीन निवेशकों के पास गिरवी रखे थे। कंपनी ने इन शेयरों के मूल्य का खुलासा नहीं किया, लेकिन बाजार में कंपनी के ताजा शेयर भाव को देखते हुए यह राशि लगभग 6450 करोड़ रुपए बैठती है। एनएसई को दीऔरऔर भी

आम लोगों के लिए कल्याण योजनाओं का विस्तार करने के क्रम में सरकार ने घरेलू श्रमिकों को भी स्वास्थ्य बीमा के तहत लाए जाने को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में देश के पंजीकृत 47.50 लाख घरेलू श्रमिकों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना योजना के तहत लाए जाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया। इन श्रमिकों में ज्यादातर घरों में काम करनेवाली महिलाएं हैं। बैठक केऔरऔर भी

स्पीक एशिया का सिंगापुर में मुख्य बैंक खाता फ्रीज हो चुका है। भारत में उसका अपना कोई पक्का पता-ठिकाना है नहीं तो उसके अपने नाम में कोई बैंक खाता भी नहीं है। लेकिन आयकर विभाग ने स्पीक एशिया से एजेंट, फ्रेंचाइजी या किसी अन्य रूप में जुड़े पूरे तंत्र की जांच शुरू कर दी है। बावजूद इसके स्पीक एशिया आसानी ने भारत का धंधा छोड़ने को तैयार नहीं है और अपने लगभग 20 लाख पैनेलिस्टों को शांतऔरऔर भी