अक्स और शख्स
किसी में अपना अक्स देखकर दीवाने हो जाते हैं हम। वह शख्स हमारी भावना जानकर और भी उछल-कूद मचाने लगता है। लेकिन इस दौरान उसका विचलन झलक गया तो झट से उसे हैवान भी बना देते हैं।और भीऔर भी
सूरज निकलने के साथ नए विचार का एक कंकड़ ताकि हम वैचारिक जड़ता तोड़कर हर दिन नया कुछ सोच सकें और खुद जीवन में सफलता के नए सूत्र निकाल सकें…
किसी में अपना अक्स देखकर दीवाने हो जाते हैं हम। वह शख्स हमारी भावना जानकर और भी उछल-कूद मचाने लगता है। लेकिन इस दौरान उसका विचलन झलक गया तो झट से उसे हैवान भी बना देते हैं।और भीऔर भी
ज्ञान-विज्ञान की सारी जद्दोजहद प्रकृति व परिवेश के साथ पूरा तादात्म्य बनाने के लिए है। जो है, उसे समझने के लिए है। लेकिन एक के जानते ही पुराना बदल जाता है। इसलिए ज्ञान की यात्रा अनवरत है।और भीऔर भी
जो बनाता है, वह बिगाड़ भी सकता है। लेकिन उसके पास बिगाड़ने का हक नहीं होना चाहिए क्योंकि उसकी बनाई चीज सिर्फ उसी की नहीं, औरों की भी होती है। सो, उस चीज को उसके कोप से बचाना जरूरी है।और भीऔर भी
हर बिंदु पर भ्रम है, अनिर्णय है, द्वंद्व है। भगवान या संत के नाम पर इन्हें सुलझाने का भ्रम पैदा किया जाता है। लेकिन जो लोग वाकई इन्हें सुलझाने में सिद्ध हो जाते हैं, सत्ता उनकी चेरी बन जाती है।और भीऔर भी
न तुम अंतिम हो, न वह और न ही मैं। हम सब बूंद हैं, कड़ियां हैं अनंत सागर की। यहां कुछ भी सपाट नहीं, सब गोल है। चलते-चलते आखिरकार हम वहीं पहुंच जाते हैं, जहां से यात्रा की शुरुआत की थी।और भीऔर भी
बचपन से लेकर बूढ़े होने तक हम हमेशा औरों पर हंसते हैं। लेकिन जब हम अपने पर हंसना सीख जाते हैं, तभी हमारा आत्म-विकास शुरू होता है। हां, अपने पर हंसने का मतलब आत्म-दया नहीं होता।और भीऔर भी
सोचिए, आप किस-किस के प्रति कृतज्ञ हैं? मां-बाप, गुरु, भाई-बंधु, पति/पत्नी! किसी के प्रति नहीं!! हर किसी ने आपका अहित किया है? अगर वाकई आपकी यही सोच है तो आपकी सोच में भारी खोट है।और भीऔर भी
लड़ाई तो हम सभी अपनी-अपनी लड़ते हैं और लड़नी भी चाहिए। दूसरों को काम पड़ने पर ही बुलाते हैं, लेकिन बगैर यह जाने कि वह खुद किन उलझनों में उलझा है। अरे भाई, पहले हाल तो पूछ लो!और भीऔर भी
सुबह दाना-पानी की तलाश पर निकलने से पहले गाना और शाम ढले काम के बाद घर लौटने पर फिर गाना। चिड़ियां ऐसा कर लेती हैं क्योंकि उन्हें सहजता से सब कुछ इफरात में मिल जाता है। काश हमें भी…और भीऔर भी
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