देने का सुख
जब कभी आप किसी को देते हैं तो आप उसकी नजर में ही नहीं, खुद की नजर में भी बहुत बड़े बन जाते हो। कुछ पल के लिए सही, दाता बनने का इकलौता सुख भी लेते जाने के अनंत सुखों पर भारी पड़ता है।और भीऔर भी
सूरज निकलने के साथ नए विचार का एक कंकड़ ताकि हम वैचारिक जड़ता तोड़कर हर दिन नया कुछ सोच सकें और खुद जीवन में सफलता के नए सूत्र निकाल सकें…
जब कभी आप किसी को देते हैं तो आप उसकी नजर में ही नहीं, खुद की नजर में भी बहुत बड़े बन जाते हो। कुछ पल के लिए सही, दाता बनने का इकलौता सुख भी लेते जाने के अनंत सुखों पर भारी पड़ता है।और भीऔर भी
खुदकुशी का ख्याल मन में तभी आता है जब आप देने की नहीं, पाने की मानसिकता में जीते हैं। सोचना शुरू कर दीजिए कि आप औरों को क्या दे सकते हैं। फौरन मरने का ख्याल दुम दबाकर भाग जाएगा।और भीऔर भी
अच्छा काम किया जाए और उसका प्रचार न किया जाए तो वह एकतरफा प्यार जैसा है जिसका अंत दुख, अफसोस और एकाकीपन में ही होता है। अरे! सामने वाले को पता तो चले कि आप उससे प्यार करते हैं।और भीऔर भी
जो लोग इस दुनिया में सब कुछ जानने का दावा करते हैं, उनसे बड़ा ढोंगी कोई हो नहीं सकता। उनका ढोंग किसी दूसरे के भले के लिए नहीं, बल्कि अपनी सत्ता बनाने और धंधा चलाने के लिए होता है।और भीऔर भी
समय तो यंत्रवत चलता है। हमने ही उसे नैनो सेकंड से लेकर साल तक के पैमाने में कसा है। अपने जीवन को हम जन्मदिन के चक्र में कसते हैं। लेकिन यह हमारा अपना चक्र है। समय से हमारी कोई होड़ नहीं।और भीऔर भी
हमारी खुशी का मूल स्रोत प्रकृति है। समाज तो बस बिचौलिया है जो बनने-बनते हजारों साल में बना है। इस बात को समझकर हम मूल प्रकृति के जितना करीब जाएंगे, हमारी खुशी उतनी बढ़ती जाएगी।और भीऔर भी
भावनाएं माहौल बनाती हैं। विचार ताकत देते हैं। हमारा कर्म उसे संगत निष्कर्ष तक पहुंचाता है। भावना से लेकर विचार तक कर्म की सेवा के लिए हैं। कर्म सर्वोच्च है। इस तथ्य को मान लेने में हर्ज ही क्या है!और भीऔर भी
कभी किसी से इतना प्यार न करो कि उसके बिना ज़िंदगी सूनी हो जाए। कभी किसी पर इस कदर भरोसा न करो कि उसके टूटने पर किसी और पर भरोसा ही न जमे। जीने के लिए ऐसा निर्लिप्त भाव जरूरी है।और भीऔर भी
जीते तो सभी अपने लिए ही हैं। कुछ का जीना दूसरों का भला करता है। ज्यादातर का जीना दूसरों का नुकसान नहीं करता। लेकिन कुछ हैं जो दूसरों का गला काटकर ही फलते-फूलते हैं। इनका सर्वनाश जरूरी है।और भीऔर भी
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