लोग आपको बारंबार कौआ साबित करने की कोशिश करेंगे। लेकिन आप हंस हो तो उसकी उज्ज्वल ठसक के साथ रहो। किसी का कहा दिल पर लोगे तो जमाने की ठगी का शिकार बन जाओगे और पछताओगे।और भीऔर भी

लोकतंत्र में फैसले लेना बड़ा आसान है क्योंकि बहुमत की राय आसानी से जानी जा सकती है। फैसलों में मुश्किल तब आती है कि कोई सरकार बहुमत के नाम पर अल्पमत का हित सब पर थोपना चाहती है।और भीऔर भी

विचार उस टॉर्च की तरह हैं जो हर अंधेरे मोड़ पर आपको दस गज दूर तक का ही रास्ता दिखाते हैं। इसलिए सफर में निरंतर आगे बढ़ने के लिए हर मोड़ पर विचारों को नई दिशा, नई रौशनी देनी जरूरी है।और भीऔर भी

सरहद और सरकारों के तंत्र से राष्ट्र नहीं बना करते। बहुमत का हुंकार भी राष्ट्र नहीं बनाता। इसे किसी पर थोपा नहीं जा सकता। राष्ट्र बनता है दिल से, भरोसे से और साझा समस्याओं की साझा समझ से।और भीऔर भी

कितना अजीब है कि जो भावनाओं से हीन हैं, वे हम सबकी भावनाओं से खेलते हैं। नेता से अभिनेता और कॉपीराइटर तक। पर जो भावनाओं से भरे हैं, उनमें शहादत का भाव तो लबालब है, सीखने का सब्र नहीं।और भीऔर भी

अनुभूति पहले आती है। शब्द बाद में आते है। शब्दों के खो जाने के बाद भी अनुभूति बची रहती है क्योंकि वही मूल है, शब्द तो छाया हैं। दोनों में द्वंद्व है समाज और व्यक्ति का, इतिहास और वर्तमान का।और भीऔर भी

चीजें वही, लोग भी वही रहते हैं। लेकिन जान-पहचान होते ही उनका पूरा स्वरूप बदल जाता है। पूर्वाग्रह छंट जाते हैं। असली छवि सामने आ जाती है। इसलिए दूर के नहीं, पास के रिश्ते बनाने जरूरी हैं।और भीऔर भी

जीतने के भाव के साथ ही जीने का आनंद है। बाकी नहीं तो हारे को हरिनाम है। यह भाव आप किसी संस्था का हिस्सा बनकर हासिल कर लेते हैं या अपने दम पर लड़ते हुए नई प्रासंगिक संस्थाएं बनाकर।और भीऔर भी

इस दुनिया में आए हैं तो बिना रुके बराबर चलना ही पड़ेगा क्योंकि यहां कुछ भी ठहरा नहीं, सब कुछ चल रहा है। सही राह चुन ली, तब भी चलते रहना जरूरी है क्योंकि बीच में ठहर गए तो कुचल दिए जाएंगे।और भीऔर भी

महज रस्से के सहारे तीखे पहाड़ को पार करने की हिम्मत बिरले लोग ही जुटा पाते हैं। उनके जैसा बनने का मंसूबा तो हम नहीं पाल सकते। लेकिन उनके जैसा आत्मविश्वास हम जरूर पाल सकते हैं।और भीऔर भी