देश में बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सबसे बड़ी कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के दिसंबर तिमाही के नतीजों का अंदाज लगाने में विश्लेषकों व बाजार ने कोई गच्चा नहीं खाया। बल्कि, शुद्ध लाभ उनके अनुमान से भी बदतर रहा है। अधिकांश विश्लेषकों का अनुमान था कि कंपनी का शुद्ध लाभ 4500 से 4800 करोड़ रुपए रहेगा। लेकिन हकीकत में कंपनी का शुद्ध लाभ 4440 करोड़ रुपए रहा है। यह साल भर पहले की दिसंबर तिमाही में हुएऔरऔर भी

इंडसइंड बैंक, लगता है जैसे सीधे सिंधु घाटी सभ्यता से निकला चला आ रहा हो। ऊपर से हिंदुजा समूह से वास्ता। 1994 में शुरुआत हुई अनिवासी भारतीयों से जुटाई गई 100 करोड़ रुपए की पूंजी के साथ, जिसमें से 60 करोड़ रुपए प्राइवेट प्लेसमेंट और बाकी 40 करोड़ रुपए सीधे सहयोग से आए। बैंक लगातार बढ़ रहा है। बड़े ग्राहकों के चुनिंदा समूहों को पकड़ने की उसकी रणनीति है। मसलन, देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों बीएसईऔरऔर भी

जनता के धन की लूट भ्रष्टाचार है और जनता के धन से सरकार की तिजोरी भरती है जिसे जन-प्रतिनिधि ही लूटते हैं। ऐसे में ये प्रतिनिधि कैसे जनता के सच्चे प्रतिनिधि और ये लूटतंत्र लोकतंत्र कैसे हो सकता है?और भीऔर भी

इधर सरकार मीडिया को लेकर कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो गई है। एक तरफ संचार मंत्री कपिल सिब्बल गूगल से लेकर फेसबुक जैसे इंटरनेट माध्यम को लेकर भिड़े पड़े हैं, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रिंट माध्यम में पेड न्यूज़ के बढ़ते सिलसिले पर चिंता जताई है। एक अन्य विकासक्रम में सरकार ने एनडीटीवी इंडिया से लंबे समय से जुड़े पत्रकार पंकज पचौरी को प्रधानमंत्री कार्यालय में सूचना सलाहकार नियुक्‍त कर दिया है। उनकी नियुक्ति तत्‍कालऔरऔर भी

टेक्सटाइल देश में कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोज़गार देनेवाला क्षेत्र है। यह 3 करोड़ 50 लाख से ज्‍यादा लोगों को सीधे रोज़गार देता है। देश के कुल औद्योगिक उत्‍पादन में इसका योगदान 14 फीसदी, सकल घरेलू उत्‍पादन में 4 फीसदी और निर्यात से होने वाली आय में इसका योगदान 10.63 फीसदी है। 11वीं पंचवर्षीय योजना में 40 एकीकृत टेक्‍सटाइल पार्को को मंजूरी दी गई और इसके लिए 1400 करोड़ रुपए की राशि दी गई। राष्‍ट्रीय वस्‍त्रऔरऔर भी

हमारी बचत दर भले ही लगभग 32 फीसदी है, लेकिन इसका केवल एक तिहाई हिस्सा ही बैंकों तक पहुंच पाता है। बैंकों और वित्‍तीय संस्‍थानों के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ बजट-पूर्व बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उन कमियों को दूर करने की जरूरत है, जिनका सामना बैंकों को जमा राशि जुटाने के लिए करना पड़ता है। आकड़ों के मुताबिक 2008-09 भारतीय घरों की बचत का 52.8 फीसदी हिस्साऔरऔर भी

19वीं सदी में जॉर्ज ईस्टमैन द्वारा बनाई और दुनिया भर में कैमरों के लिए मशहूर अमेरिकी कंपनी कोडक अपनी अंतिम सांसें गिन रही है। उसने अमेरिकी प्रशासन से खुद को दीवालिया घोषित किए जाने की फरियाद की है। वैसे, कोडक की भारतीय शाखा कोडक इंडिया ने कहा है कि मूल कंपनी की दीवालियेपन की अपील से उसके कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर अमेरिकी कंपनी की फरियाद मान ली गई तो उसे लेनदारों का बकाया चुकानेऔरऔर भी

जापान की निप्पन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी रिलायंस म्यूचुअल फंड में भी 26 फीसदी इक्विटी खरीदेगी। यह सौदा 29 करोड़ डॉलर (1450 करोड़ रुपए) में हुआ है जो भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में अब तक किया गया सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) है। इससे पहले अमेरिका की टी रोवे ने यूटीआई म्यूचुअल फंड में 26 फीसदी हिस्सा 14.24 करोड़ डॉलर और जापान की नोमुरा एएमसी ने एलआईसी म्यूचुअल फंड का 35 फीसदी मालिकाना 6.28 करोड़ डॉलर मेंऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति लगातार तीसरे हफ्ते साल भर पहले की तुलना में बढ़ने के बजाय घट गई है। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की तरफ से हर गुरुवार की तरह इस गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 7 जनवरी 2012 को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति शून्य से नीचे 0.42 फीसदी रही। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति की दर इससे पिछले हफ्ते शून्य से नीचे 2.90 फीसदी और उससे पिछले हफ्ते शून्य से नीचे 3.36 फीसदी थी।औरऔर भी

रिलायंस इंडस्ट्रीज को बाजार का किंग यूं ही नहीं कहा जाता। धीरूभाई के जमाने से ही कंपनी अपने शेयरों को ज्यादा दबने नहीं देती। इसलिए उसके लाखों शेयरधारक हमेशा खुश ही रहते आए हैं। इधर उसका शेयर चालू वित्त वर्ष 2011-12 की तीन तिमाहियों में 35.5 फीसदी का गोता लगा गया तो यह रिलायंस की शेयरधारक संस्कृति के खिलाफ था। सो, धीरूभाई की विरासत के अनुरूप मुकेश अंबानी ने तय कर लिया कि कंपनी अपने शेयर वापसऔरऔर भी