धुना गया डेन नेटवर्क्स अब उठेगा
बजट के बाद बाज़ार को सबसे बड़ा झटका। सेंसेक्स 1.03 फीसदी तो निफ्टी 1.06 फीसदी नीचे। वजह कोई खास नहीं। फिर भी बताते हैं कि बाज़ार को ब्याज दरें न घटने का भरोसा हो चला है। दूसरे, मॉरगन स्टैनले और एचएसबीसी ने कहा है कि नए साल में भारतीय अर्थव्यवस्था के बढ़ने की दर घट जाएगी। लेकिन असली खेल यह है कि छोटे-बड़े सभी निवेशक ज़रा-सा बढ़ने पर मुनाफा काटने में जुट जा रहे हैं। आज थोकऔरऔर भी
समर्पण के सिवा सहारा के सारे रास्ते बंद, लाखों में सिर्फ 68 निवेशक सही
तंत्र के भीतर तंत्र। सत्ता के समानांतर सत्ता। भारतीय समाज व अर्थतंत्र में ऊपर-ऊपर दिख रही धाराओं के नीचे न जाने कितनी धाराएं बह रही हैं। ये विलुप्त सरस्वती भी हो सकती हैं और घातक कर्मनाशा भी। सहारा समूह ऐसी ही एक अनौपचारिक धारा का नाम है। धंधा तो है लोगों से पैसे जुटाना। लेकिन तरीका आम बैंकिंग से एकदम अलग। धंधे पर कई-कई परतों के परदे। तरह-तरह की बातें। कुछ भी पारदर्शी नहीं। पारदर्शिता के नामऔरऔर भी
ट्यूब इनवेस्टमेंट्स में खेमा खरीद का
जनवरी में देश का औद्योगिक उत्पादन 2.4 फीसदी बढ़ा है। यह उम्मीद से दोगुना है। फिर भी इन आंकड़ों के आने के बाद बाज़ार गिरता गया। कारण, लोगों को लग रहा है कि रिजर्व बैंक शायद अब ब्याज दरों में कटौती न करे क्योंकि कल ही ये आंकड़े भी सामने आए कि रिटेल महंगाई की दर फरवरी में बढ़कर 10.91 फीसदी हो गई है। गुरुवार को थोक महंगाई के आंकड़े आने हैं। वैसे अब भी ज्यादातर जानकारऔरऔर भी
ग्लेनमार्क फार्मा पकड़ेगा नई चोटी
बाजार पर गिरावट की हल्की-सी मार पड़ने लगी है। आज जनवरी में उद्योग की विकास दर कितनी बढ़ी, इसे बतानेवाले औद्योदिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़े आएंगे और गुरुवार को फरवरी में रही थोक मूल्य सूचकांकों पर आधारित मुद्रास्फीति के। इनसे हफ्ते भर बाद ब्याज दरें घटाने का माहौल बन सकता है। हालांकि रिजर्व बैंक गवर्नर डी. सुब्बाराव फिलहाल ऐसे किसी मूड में नहीं लगते। निफ्टी ने कल 5970 की बाधा तोड़ने की कोशिश की। मगर कामयाबऔरऔर भी
खुला एसटीटी की नई दरों का पूरा सच
नए वित्त वर्ष 2013-14 के बजट में सिक्यूटिरीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) को लेकर वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ-साथ बजट दस्तावेजों ने भी जिस तरह का भ्रम पैदा किया है, उससे बड़े-बड़े चार्टर्ड एकाउंटेंट तक गच्चा खा जा रहे हैं। अभी हाल ही में मुंबई के मशहूर चार्टर्ड एकाउंटेंट विमल पुनमिया ने एक सेमिनार में बताया था कि शेयर बाज़ार में कैश डिलीवरी वाले सौदों पर एसटीटी खत्म कर दिया गया है। अलग से ‘अर्थकाम’ के पूछनेऔरऔर भी
कावेरी सीड का ग्राफ चला अब नीचे
निफ्टी को आज बाधा का सामना कर पड़ सकता है। पहली बाधा 5970 पर है। वहां भी क्लेश खत्म नहीं होगा। 6000 तक पहुंचना आसान नहीं है। इसलिए आज करेक्शन या गिरावट का अंदेशा है। फिर भी अगर निफ्टी 6000 का स्तर पार कर गया तो अगली बाधा उसे 6025 पर झेलनी पड़ेगी। अगले हफ्ते मंगलवार को रिजर्व बैंक बताएगा कि वह देश में औद्योगिक निवेश को बढ़ाने के लिए ब्याज दरों को घटाना सही मानता हैऔरऔर भी




