बाद की बाद में, अभी खेल कमज़ोर से
हमारे शेयर बाज़ार में गिनती के दो-चार लाख लोग ही होंगे जो लगाकर लंबे समय के लिए भूल जाते हैं और कंपनी के साथ निवेश का खिलना देखते हैं। बाकी तो झट लगाया और कमाया की नीति अपनाते हैं। अभी यही रुख हावी है। मजबूत व सुरक्षित कंपनियों से निकाल कर रिस्की मिड कैप व स्मॉल कैप या कमज़ोर कंपनियों में लगाया और उठाया। मुनाफावसूली की और फिर सुरक्षित स्टॉक्स खरीद लिए। अब हफ्ते का अंतिम ट्रेड…औरऔर भी
उ.प्र. से विदेश जाते सबसे ज्यादा मजदूर
आम धारणा है कि पंजाब और केरल से सबसे ज्यादा मजदूर विदेश में कमाने जाते हैं। खाड़ी के देश, खासकर अरब के देश इनके खास ठिकाने हैं। लेकिन हकीकत यह है कि उत्तर प्रदेश अरब देशों को मजदूर भेजने में सबसे आगे हो गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2012 में उत्तर प्रदेश से 1.91 लाख मजदूर अरब देशों में काम करने गए। इसके बाद केरल (98,000), आंध्र प्रदेश (92,000), बिहार (84,000), तमिलनाडु (78,000), राजस्थान (50,000) औरऔरऔर भी
न कमाया न बचाया, लगाकर बनाया!
हम शेयर बाज़ार को ललचाई नज़रों से देखते हैं। हमें लगता है, वहां खटाखट नोट बनाए जा सकते हैं। लेकिन सोचिए! ये नोट छापता कौन है? रिजर्व बैंक। ज्यादा नोट जब कम स्टॉक्स का पीछा करते हैं तो बाज़ार चढ़ जाता है। इसी तरह के चक्र में अमेरिका में जनवरी 2013 से अब तक S&P-500 सूचकांक 30% बढ़ा है। न कमाया, न बचाया। 4% ब्याज पर कर्ज उठाकर लगाया और शुद्ध 26% बनाया। अब गुरुवार का मर्म…औरऔर भी
आम में मिलाएं खास, सफलता पास
यह सच है कि शेयर बाज़ार के 95% ट्रेडर नुकसान उठाते हैं। लेकिन यह भी सच है कि बाकी 5% जमकर कमाते हैं। दरअसल, ट्रेडिंग में ढेर सारी कमाई की संभावना है। मगर, इसके लिए सही नज़रिए और सही रणनीति की ज़रूरत है। इसके कुछ आम तरीके हैं। लेकिन ट्रेडर जब इन्हें अपने व्यक्तित्व के हिसाब से खास बना लेता है तो कामयाबी उसके कदम चूमने लगती है। इस खास तत्व की दिशा में अभ्यास बुधवार का…औरऔर भी
तेज़ी का दौर अभी बाकी है मेरे दोस्त!
कुछ दिनों से बाज़ार में गिरावट का जो सिलसिला चला है, उसमें तमाम लोगों के दिमाग में स्वाभाविक-सी शंका उभरी है कि कहीं तेज़ी का मौजूदा दौर निपट तो नहीं गया! अतीत का अनुभव ऐसा नहीं कहता। जनवरी 1991 से नवंबर 2010 के दरमियान तेज़ी के चार दौर तभी टूटे थे, जब सेंसेक्स 24 से ज्यादा पी/ई पर ट्रेड हो रहा था। अभी सेंसेक्स का पी/ई अनुपात 18.44 चल रहा है। घबराहट को समेटकर वार मंगलवार का…औरऔर भी





