बजट में अवैध जमा स्कीमों का फ्रॉड रोकने के लिए केंद्रीय कानून बनाने का वादा किया गया है। लेकिन इन्हीं स्कीमों जैसा ‘चमत्कार’ सरकार ने भी दिखाने की कोशिश की है। उसका कहना है कि वो 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर देगी। इन छह सालों की सालाना चक्रवृद्धि दर 12.25% और मासिक दर 1% ही निकलती है। हर महीने 5% कमाने पर छह साल में मूलधन 33.55 गुना हो जाता है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

भारत को विकासशील से विकसित देश बनने में कम से कम दस साल लगेंगे। इसी हिसाब से देश में टैक्स संग्रह भी बढ़ना चाहिए। इस बार टैक्स संग्रह का लक्ष्य जीडीपी का 10.82% रखा गया है। विकासशील देशों में यह अमूमन 10-20% रहता है, जबकि विकसित देशों में इसकी रेंज 30-40% रहती है। अर्थशास्त्री कहते हैं कि भारत को इसे दो-तीन साल में 15% और पांच-सात साल में 20% तक पहुंचा देना चाहिए। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी

आज बजट का दिन है। तय कार्यक्रम के मुताबिक वित्त मंत्री अरुण जेटली 11 बजे से लोकसभा में भाषण शुरू कर देंगे। बाज़ार की धारणा चूंकि विदेशी पूंजी व विशेषज्ञों की राय से बनने लगी है। इसलिए सबसे अहम होगा कि राजकोषीय घाटे और जीडीपी का वास्तविक अनुपात इस बार कितना रहा और नए वित्त वर्ष के लिए उसका अनुमान क्या है। लेकिन हमारे लिए कहीं ज्यादा अहम है कि टैक्स-जीडीपी का अनुपात। अब सोम का व्योम…औरऔर भी

हमारे बैंकिंग क्षेत्र पर डूबत ऋणों का साया लहरा रहा है। रिजर्व बैंक ने इनके प्रावधान का जो नियम बनाया है, उससे अगले एक साल में बहुत सारे बैंकों का मुनाफा सफाचट हो जाएगा। सबसे बुरा असर सरकारी बैंकों पर पड़ेगा। इनमें से बहुतों का मुनाफा इसी साल 30-70% घट सकता है। निजी क्षेत्र के बैंक भी अनर्जक ऋणों के लपेटे में हैं। लेकिन इनमें से एक बैंक मजबूती से डटा है। आज तथास्तु में वही बैंक…औरऔर भी