लूटने का जाल एसएमएस पर खरीद
पहले अनाप-शनाप नाम से एसएमएस भेजकर उल्लू बनाते थे। अब ब्रोकर हाउसेज़ के नाम पर झांसा दिया जा रहा है। जनवरी में मेरे पास निर्मल बंग सिक्यूरिटीज़ के नाम से एसएमएस आया कि संग फ्रोइड लैब्स में खरीद रिपोर्ट आनेवाली है। कंपनी को अमेरिका में राइटेन सिरप बेचने की अनुमति मिल गई है। बिक्री 400% बढ़ेगी। शेयर 22 पर है। 50 तक जाएगा। फौरन खरीद लें। वो शेयर अभी 5.87 रुपए पर है। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी
फाइनेंस में एक्सपर्ट नहीं, सब स्वार्थी
एक्सपर्ट के नाम पर उल्लू बनाने का धंधा खूब चला हुआ है। विज्ञान में विशेषज्ञों की राय की अहमियत ज़रूरत होती है। यह बात अलग है कि मेडिसिन और रसायन शास्त्र तक में नोबेल पुरस्कार विजेता गलत साबित हो चुके हैं। इसलिए कम से कम फाइनेंस में विशेषज्ञों की कतई नहीं सुननी चाहिए क्योंकि वे निष्पक्ष विश्लेषक नहीं, बल्कि खुद धंधे में लिप्त लोग हैं और तथ्यों पर नहीं, स्वार्थों पर चलते हैं। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी
रिश्ता अनिश्चितता और रिस्क का
सभी जानते हैं कि शेयरों में निवेश रिस्की है क्योंकि पता नहीं कि भविष्य में क्या हो जाए। अनिश्चितता को मिटाना कतई संभव नहीं। लेकिन रिस्क से बचने के लिए अनिश्चितता से भाग भी नहीं सकते। फिर करें तो क्या करें? यहां यह समझ बड़े काम की हो सकती है कि रिस्क वो अनिश्चितता है जिसे मापा जा सकता है और अनिश्चितता वो रिस्क है जिसे मापना संभव नहीं। अब तथास्तु में प्रस्तुत है आज की कंपनी…औरऔर भी
दुस्साहसी नहीं, बनना है संशयात्मा
संस्कृत की मशहूर कहावत है कि संशयात्मा विनश्यति। लेकिन शेयर बाज़ार की ट्रेडिंग में सफलता के लिए ज़रूरी है कि इंसान बेधड़क शेर की तरह नहीं, बल्कि हर आहट पर चौंकने वाले हिरण जैसा बर्ताव करे। रिस्क उतना ही उठाए जिसे संभालना उसके वश में हो। यहां जो भी अनुशासन तोड़ सीमा लांघने का दुस्साहस करते हैं, वे निर्विवाद रूप से खत्म हो जाते हैं। यहां संशय और सतर्कता ज़रूरी है। अब करते हैं शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी






