आजी ने बताया कि तुम्हारे पुरखों ने सोना गाड़ रखा तो वह खोदने लगा। गहरा गढ्ढा खोद डाला, कुछ नहीं मिला। खोदता चला गया। फिर भी कुछ नहीं मिला। अंत में खोदना बंदकर वापस चला गया। उसे अहसास नहीं था कि पांच फुट नीचे ही सोना है। उसका भाई आया। उसने वहां केवल पांच फुट खोदा और सोना मिल गया। ट्रेडिंग में कामयाबी के लिए ऐसा ही धैर्य, दृढ़ निश्चय और अनुशासन चाहिए। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी

सभी मुनाफा चाहते और घाटे से घबराते हैं। उनको यही समझदारी लगती है कि जितना मुनाफा हो, उसे फटाफट समेट लिया जाए। अहंकार भी सिर चढ़कर बोलता है कि हम घाटा कैसे खा सकते हैं तो वे ट्रेडिंग का घाटा इस भ्रम में लंबा खींचते जाते हैं कि अंततः दिशा पलटेगी और वे मुनाफा कमा लेंगे। लेकिन, ट्रेडिंग की समझदारी कहती है कि घाटे को छोटे में काटो, मुनाफे को लंबा खींचते जाओ। अब गुरुवार का दशा-दिशा…औरऔर भी

ट्रेडिंग में सफलता के लिए अनुशासन ज़रूरी है और बाकी जीवन में आपके अनुशासन नहीं है तो ट्रेडिंग में उसके आने का चमत्कार अचानक नहीं घट सकता। बचपन से ही हम मनभावन चीजों के पीछे भागते और डरानेवाली चींजों से दूर भागते रहते हैं। ट्रेडिंग में अगर कामयाब होना है तो हमें उसकी उलटी आदत डालनी होगी। जब सब डरे हों तो लालच करना और जब सब लालच में हो तो डरना। अब आजमाएं बुध की बुद्धि…औरऔर भी

कहते हैं कि ट्रेडिंग एक तरह का सट्टा है। यह आंशिक सच है। लेकिन बहुतेरे लोग ट्रेडिंग को सुट्टे की तरह उत्तेजना व रोमांच के लिए इस्तेमाल करते हैं। हर मिनट पर बदलने वाले भाव दिल की धड़कनें बढ़ाते हैं तो लोग दिन भर कंप्यूटर स्क्रीन से चिपके रहते हैं। हकीकत यह है कि आप डे-ट्रेडर हों या दीर्घकालिक ट्रेडर, बाज़ार से मुनाफा कमाने के लिए ट्रेडिंग पर एक घंटा लगाना पर्याप्त है। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग हर किसी के लिए नहीं है। इसकी एक नहीं, अनेक वजहें हैं। जब इन सारी वजहों की काट पैदा कर लें, तभी जाकर ट्रेडिंग में उतरे। फिर भी मानकर चलें कि अपनी कांटछांट का सिलसिला बराबर जारी रहेगा। दरअसल, ट्रेडिंग एक आईना है जिसमें हमारी हर भावनात्मक कमज़ोरी झलक कर सामने आ जाती है। सच कहें तो वो हमारे स्थितिप्रज्ञ बनने की छोटी नहीं, बल्कि मैराथन दौड़ है। अब परखें सोम का व्योम…औरऔर भी