क़ासिद के आते-आते खत इक और लिख दूं, मैं जानता हूं जो वो लिखेंगे जवाब में। सायास या अनायास, जो भी मानें, देश में बजट के सालाना अनुष्ठान का आज यही हाल हो गया है। दो दशक पहले तक लोगों को धड़कते दिल से इंतज़ार रहता था कि वित्त मंत्री क्या घोषणाएं करने वाले हैं। इनकम टैक्स में क्या होने जा रहा है। कस्टम व एक्साइज़ ड्यूटी के बारे में जहां आयातकों व निर्यातकों से लेकर छोटी-छोटीऔरऔर भी

अतिविश्वास जीवन के हर क्षेत्र के लिए बुरा है। लेकिन वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग के लिए तो यह बेहद खतरनाक है। इससे आपमें सुरक्षा का झूठा भाव आ जाता है। गुमान हो जाता है कि बाज़ार पर आपकी राय हमेशा सही बैठती है। इस गफलत में आप अपनी औकात से ज्यादा बड़े सौदे कर बैठते हैं। नतीजतन भयंकर घाटे के शिकार या दिवालिया तक हो जाते हैं। इस अहंकार से बचना ज़रूरी है। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग एक ऐसा बिजनेस है जो आपके आत्मसम्मान को हर दिन चुनौती देता है। बाज़ार चंद मिनट में आपको गलत साबित कर सकता है। आप उससे तर्क-वितर्क भी नहीं कर सकते। आपकी निजी धारणा या अनुमान हो सकता है। पर, बाज़ार उसकी रत्ती भर परवाह नहीं करता। उसे जो करना है, वो ही करेगा। इसलिए आप लंबे समय तक सफलता से ट्रेड करना चाहते हैं तो विनम्रता बड़ी ज़रूरी है। अब सोम का व्योम…औरऔर भी

बुरे से बुरे दौर में भी समाज में अच्छे व मूल्यवान लोगों का अकाल नहीं होता। इसी तरह बाज़ार में अच्छी व मूल्यवान कंपनियां हमेशा उपलब्ध रहती हैं। बस, उनकी शिनाख्त करनी पड़ती है। समाज में अच्छे लोगों को भले ही मान न मिले, लेकिन बाज़ार में अच्छी कंपनियों को उनका मूल्य देर-सबेर मिल ही जाता है। इसलिए उन्हें तभी खरीद लेना चाहिए, जब उनका भाव कम चल रहा हो। तथास्तु में आज ऐसी ही एक कंपनी…औरऔर भी

बाज़ार में सौदे छिपाकर नहीं किए जाते। बैंक, बीमा या देशी-विदेशी संस्थाओं के सारे सौदे सरे-बाज़ार होते हैं। उनकी हर हरकत स्टॉक के भावों में दर्ज होती है। जिनके पास सही दृष्टि होती है, वे यह सच भावों के चार्ट पर अलग-अलग टाइमफ्रेम और गिने-चुने इंडीकेटरों की मदद से देख लेते हैं। बाकी लोग टिप्स खोजते हैं कि कौन-सा फंड, एफआईआई व बड़ा खिलाड़ी क्या खरीदने या बेचने जा रहा है। अब करते हैं शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी