हम हिंदुस्तानी कुछ ज्यादा ही उत्सवधर्मी हैं। खुशियां मनाने के खूब त्योहार बना रखे हैं। यहां तक खरीदने के भी अलग त्योहार हैं। धनतेरस, गुड़ी पड़वा, अक्षय तृतीया और न जाने क्या-क्या। दिवाली के त्योहार पर तो लक्ष्मी पूजन के बाद स्टॉक व कमोडिटी एक्सचेंज बाकायदा मुहूर्त ट्रेडिंग करते रहे हैं। आज बीएसई व एनएसई में मुहूर्त ट्रेडिंग शाम 5.30 से 6.30 बजे तक होगी। प्री-ओपन सत्र 15 मिनट पहले शुरू हो जाएगा। आज हुए सारे सौदेऔरऔर भी

इस समय महालक्ष्मी खुलकर चंचला नहीं हो पा रही हैं। अर्थव्यवस्था में धन का प्रवाह रुकने लगा है। परेशान होकर सरकार तक को रिजर्व बैंक से कहना पड़ा कि एनबीएफसी को नकदी संकट में न फंसने दे। यह संकट आईएल एंड एफएस के डिफॉल्ट से उभरा और अभी तक मिटा नहीं है। सरकार और रिजर्व बैंक संयुक्त प्रयासों से इसे हल नहीं कर सके तो सारा वित्तीय बाज़ार बैठ सकता है। अब दीपावली से पहले की दृष्टि…औरऔर भी

मिर्ज़ा गालिब कितना भी कहते फिरें कि रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं कायल, जो आंख ही से न टपका तो लहू क्या है। लेकिन लहू बहना छोड़कर टपकने या जमने लगे तो इंसान लहूलुहान होकर इस दुनिया तक को अलविदा कह सकता है। इसी तरह लक्ष्मी पर भले ही चंचला कहकर कितनी भी तोहमत लगाई जाए, लेकिन धन का बहना रुक जाए तो अर्थव्यवस्था तबाह हो सकती है। अब दीपावली के सप्ताह की पहली ट्रेडिंग…औरऔर भी

अगस्त के शिखर से गिरने के बाद शेयर बाज़ार में बहुत-सी कंपनियों का मूल्यांकन काफी आकर्षक हो गया है। अभी उनको खरीदना लंबे समय के लिए अच्छा सौदा साबित हो सकता है। लेकिन ऐसा नहीं कि जैसे ही आप खरीदेंगे, वैसे ही वे बढ़ना शुरू कर देंगे। इसलिए इस समय निवेश की सबसे अच्छी रणनीति एसआईपी है जिसमें एक बार नहीं, बल्कि क्रमिक रूप से चरणों में खरीद की जाती है। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी