देश में प्रति परिवार औसत आय 16,480 रुपए/माह है। हम प्रति व्यक्ति आय में दुनिया के 188 देशों में 140वें नंबर पर है। लेकिन अपने यहां अमेरिका व चीन के बाद सबसे ज्यादा 119 डॉलर अरबपति हैं। यहां इस समय 3.43 लाख लोग ऐसे हैं जिनके पास 7.28 करोड़ रुपए से ज्यादा दौलत है। इन लाखों भारतीयों के पास ज़रूरत से बहुत-बहुत ज्यादा धन है जिसका एक हिस्सा शेयर बाज़ार में आता होगा। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

हमारे शेयर बाज़ार में डिलीवरी आधारित कैश सेगमेंट में हर दिन 30,000 करोड़ रुपए का कारोबार, जबकि डेरिवेटिव सेगमेंट में हर दिन 4.15 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार। आखिर जिस देश में 22% लोग गरीबी रेखा से नीचे रहते हैं और 80% लोग किसी तरह गुजारे लायक कमा पाते हैं, वहां आखिर कौन-से लोग हैं जो प्रतिदिन 4.50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा शेयर बाज़ार में दांव पर लगा देते हैं? अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

कुछ हफ्ते या महीने भर बाद शेयर बाज़ार कहां जाएगा, इसे बता पाना किसी के लिए भी संभव नहीं। हो सकता है कि बाज़ार गिरता जाए या ऊपर चढ़ जाए। पर एक बात गांठ बांध लें कि घबराहट में अपना पोर्टफोलियो खाली नहीं करना चाहिए। अगर आपने किसी कंपनी की मूलभूत मजबूती व संभावना को समझकर उसके शेयर खरीदे हैं और वह स्थिति बदली नहीं है तो उसे कतई न बेचें। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी

संवत 2075 की पूरे दिन की पहली ट्रेडिंग। बीता संवत 2074 शेयर बाज़ार में बड़ी कंपनियों के लिए ठीक रहा, जबकि छोटी व मध्यम कंपनियों को मूल्य गंवाना पड़ा। इस दौरान सेंसेक्स कुल जमा 8% और निफ्टी 4% बढ़ा, लेकिन मिडकैप सूचकांक 8% और स्मॉलकैप सूचकांक 16% गिर गया, जबकि उससे पिछले साल ये दोनों करीब 50% बढ़े थे। जाहिर है कि बाज़ार में छाई आशा अब निराशा की तरफ बढ़ रही है। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी