बहुत-से आम ट्रेडरों के पास इतना धन नहीं होता कि स्टॉक्स या इंडेक्स फ्यूचर्स में ट्रेड कर सकें क्योंकि इनका एक भी लॉट खरीदने के लिए कई लाख चाहिए। ऐसे में कैश सेगमेंट की मार्जिन ट्रेडिंग उन्हें बड़ी सुहाती है। ब्रोकर भी उनके इस लालच का भरपूर फायदा उठाते हैं। स्टॉक के पूरे भाव के बजाय निर्धारित हिस्सा दें और भाव बढ़ जाएं तो पूरा फायदा आपका। बीच में ब्रोकर का थोड़ा कट। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

शेयर बाज़ार में उतरनेवाला हर कोई यही सोचता है कि कितना कम लगाकर कितना ज्यादा कमा लिया जाए। इसी चक्कर में आमलोग लंबे निवेश के धैर्य के बजाय ट्रेडिंग की हड़बड़ी में पड़ जाते हैं। समझते हैं कि न्यूनतम रिस्क में अधिकतम कमाने का तरीका अपनाना है। पर हकीकत में न्यूनतम पूंजी में अधिकतम कमाई के जुगाड़ का जोखिम उठाते और मार्जिन ट्रेडिंग अपना कर उधार के धन पर ट्रेडिंग करने लगते है। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी

गजब है दुनिया-जहान की चाल। किसी का संकट किसी के लिए मौका बन जाता है। देश-दुनिया में जब से कोविड-19 या कोरोना का संकट उभरा है, तब से शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग कई गुना बढ़ गई। लोगबाग यह जानते हुए भी बाज़ार में कूद रहे हैं कि शेयर बाज़ार में जमकर रिस्क है। इसमें भी ट्रेडिंग तो बहुत ही ज्यादा रिस्की है। हालांकि सेबी ने रिस्क को घटाने की हरसंभव कोशिश की है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

युद्ध की विभीषिका हो या महामारी की मार, इंसान की अदम्य जिजीविसा हर हाल में उद्यमशीलता के मौके तलाश ही लेती है। मसलन, भारत पर कोरोना के कसते शिकंज़े और लॉकडाउन के बीच व्यक्ति-व्यक्ति के भौतिक फासले बढ़ गए हैं। ऐसे में अपडेट रहने के लिए डेटा की मांग बढ़ गई है। डिजिटल पेमेंट का भी चलन बढ़ गया है। कुछ और भी उद्योगों को नया आवेग मिला है। तथास्तु में ऐसे ही एक उद्योग की कंपनी…औरऔर भी