विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई या एफआईआई) ने नवंबर में भारतीय शेयर बाज़ार के कैश सेगमेंट से 39,912 करोड़ रुपए निकाले हैं। लेकिन न जाने किस आधार पर एनएसडीएल इस दौरान एफपीआई की शुद्ध बिकवाली का आंकड़ा मात्र 5945 करोड़ रुपए दिखा रहा है। हो सकता है, वह फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस सेगमेंट के आंकड़े भी मिला देता हो। लेकिन ऐसा करने पर गलत तस्वीर सामने आएगी क्योंकि ऑप्शंस का मूल्य दिए गए प्रीमियम के आधार पर नहीं, बल्किऔरऔर भी

जानकार बोलते हैं कि कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के समय शेयर बाज़ार ज्यादा नहीं गिरा था। इस बार भी हो सकता है कि ओमिक्रॉन का ज़ोर का झटका धीरे से लगकर निकल जाए। लेकिन जिस तरह से अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की कगार पर हैं और मुद्रास्फीति दुनिया के तमाम देशों में गम्भीर समस्या बनती जा रही है, वैसे में शेयर बाज़ार इन वजहों से भी धराशाई हो सकता है। तब उभरते देशों से विदेशी निवेशकऔरऔर भी

घबराहट व अफरातफरी के माहौल में रिटेल ट्रेडर बहुत ज्यादा चौकन्ने हो जाते हैं और दो कदम पीछे, एक कदम आगे की डिफेंसिव रणनीति अपनाते हैं। वहीं, बड़े व प्रोफेशनल ट्रेडर रिस्क को समझते हुए एक कदम पीछे, दो कदम आगे की एग्रेसिव रणनीति अपनाते हैं। असल में तमाम जानकारों का मानना है कि डेल्टा वैरिएंट भी बाज़ार को ज्यादा गिरा नहीं पाया था तो ओमिक्रॉन का असर भी अंततः कुछ दिनों बाद ठंडा पड़ जाएगा। वैसेऔरऔर भी

कोरोना वायरस का डेल्टा से कहीं ज्यादा खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रॉन दुनिया में दस्तक दे चुका है। बताते हैं कि दक्षिण अफ्रीका में किसी एचआईवी संक्रमित मरीज से म्यूटेट होकर निकले इस वैरिएंट पर वैक्सीन भी असर नहीं करती। यूरोप से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक इसकी धमक पहुंच चुकी है। भारत सरकार भी चौकन्नी हो गई है। हालांकि कुछ डॉक्टरों का कहना है कि अपने यहां जीनोम सीक्वेंसिंग का व्यापक सुविधा नहीं है तो कोरोना मरीजों के असली वायरसऔरऔर भी

शेयर बाज़ार अचानक जब धराशाई होने लगता है तब निवेश का वाजिब पोर्टफोलियो बनाने की अहमियत समझ में आती है। वैसे तो निफ्टी-50 और सेंसेक्स-30 भी क्रमशः 50 और 30 स्टॉक्स से मिलकर बना एक तरह का पोर्टफोलियो ही है। लेकिन इनका उठना-गिरना बाज़ार के उठने-गिरने का पर्याय है। इनके ज्यादा गिरने पर निवेश का पोर्टफोलियो ज्यादा न गिरे, ऐसी कंपनियों की टोकरी बनाना ही असली पोर्टफोलियो बनाना होता है। अमूमन 20-30 स्टॉक्स या कंपनियों की सूचीऔरऔर भी