कोई घबराया, किसी के लिए मौका मुनाफे का

कोरोना वायरस का डेल्टा से कहीं ज्यादा खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रॉन दुनिया में दस्तक दे चुका है। बताते हैं कि दक्षिण अफ्रीका में किसी एचआईवी संक्रमित मरीज से म्यूटेट होकर निकले इस वैरिएंट पर वैक्सीन भी असर नहीं करती। यूरोप से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक इसकी धमक पहुंच चुकी है। भारत सरकार भी चौकन्नी हो गई है। हालांकि कुछ डॉक्टरों का कहना है कि अपने यहां जीनोम सीक्वेंसिंग का व्यापक सुविधा नहीं है तो कोरोना मरीजों के असली वायरस का पता लगाना मुश्किल है। सवाल उठता है कि नए कोरोना वायरस का प्रकोप क्या दुनिया समेत भारतीय शेयर बाज़ार को भी ज़ोर का झटका दे सकता है? रिटेल ट्रेडर घबरा गए हैं, जबकि बड़े ट्रेडर इसे मुनाफावसूली के अवसर के रूप में देख रहे हैं। अब सोमवार का व्योम…

यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं। इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...

Existing Users Log In
   
New User Registration
* Please indicate that you agree to the Terms of Service
captcha
*Required field