कम नहीं होता साल का 10-11% रिटर्न
देश-दुनिया में बुरी खबरें आती ही रहती हैं। लेकिन भारत जैसे विकासशील देश की अर्थव्यवस्था अपनी संपूर्ण संभावना को हासिल करने की दिशा में बढ़ती रहती है। इसलिए यहां का शेयर बाज़ार भी बराबर बढ़ता रहता है। आज आपको जानकर आश्चर्य होगा कि 12 साल पहले अप्रैल 2011 में एनएसई निफ्टी 5550 और बीएसई सेंसेक्स 18,500 अंक के आसपास था। इन 12 सालों में तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों सूचकांक तीन गुना से ज्यादा बढ़ चुके हैं।औरऔर भी
वैश्विक मंदी और घटते निर्यात के खतरे
वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने देश के निर्यात को 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तब रखा है, जब वैश्विक मांग मंद पड़ने से तीन महीनों से लगातार वो घट रहा है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में वो 8.82% घटा है। विश्व में आर्थिक सुस्ती या आसन्न मंदी और हमारे घटते निर्यात का असर अंततः यह हो सकता है कि अमेरिका से लेकर यूरोप और चीन व जापान तक की तमाम कंपनियां अपनाऔरऔर भी
लक्ष्य घोषित, चुनाव लूटा, मामला खत्म!
जब विश्व अर्थव्यवस्था की नब्ज़ डूब रही हो, तब भारत का निर्यात कैसे सात साल में 2030 तक तीन गुना बढ़कर 2000 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा? वह भी तब, जब 2015-20 की पिछली व्यापार नीति में इसे 2020 तक 900 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य था और तीन साल बाद 2023 तक भी वो मात्र 760 अरब तक पहुंचने जा रहा है! असल में अपने यहां पिछले कुछ सालों में घोषणाएं आर्थिक लक्ष्य हासिल करनेऔरऔर भी
फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग: पतंगा जल, जल, जल मर जाए!
सरकार ने 1 अप्रैल 2023 से शेयर बाज़ार के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफ एंड ओ) सेगमेंट में होनेवाले सौदों पर सिक्यूरिटीज़ ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) 25% बढ़ा दिया है। पहले एक करोड़ रुपए के फ्यूचर्स सौदों पर 1000 रुपए एसटीटी लगता था, जबकि अब यह 1250 रुपए लगेगा। वहीं, ऑप्शंस की बिक्री पर पहले 0.05% एसटीटी लगता था, अब 0.0625% लगेगा। इस तरह इसमें भी 25% वृद्धि की गई है। पहले ऑप्शंस में एक करोड़ रुपए के सौदेऔरऔर भी







