एसवीबी के साथ छह और बैंक संकट में
पहले फेडरल रिजर्व की चेयरमैन भी रह चुकी अमेरिका की वित्त मंत्री जैनेट येलेन ने साफ कर दिया कि सरकार करदाताओं के धन से सिलिकॉन वैली बैंक का बेलआउट नहीं करेगी क्योंकि वह व्यवस्थागत रूप से महत्वपूर्ण नहीं है। लेकिन सरकार की तरफ से बैंकों को संकट से उबारने और जमाकर्ताओं को बचाने के पूरे इंतज़ाम किए ही जा रहे थे कि छह और बैंकों पर खतरे की घंटियां बजने लगी है। इनमें क्रेडिट सुइस जैसा बैंकऔरऔर भी
बेलआउट नहीं होगा, संकट मिटेगा कैसे!
कितनी विचित्र बात है कि दुनिया की सबसे बड़ी व विकसित अर्थव्यवस्था अमेरिका तक में किसी बैंक के डूबने पर सारे जमाकर्तोओं का सारा धन उन्हें फौरन वापस नहीं मिलता। मसलन, अमेरिका के 16वें सबसे बड़े बैंक – सिलिकॉन वैली बैंक (एसवीबी) की महज 11% जमा का ही बीमा सरकारी एजेंसी फेडरल डिपॉज़िट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एफडीआईसी) ने कर रखा है। जमाकर्ताओं का बाकी धन तब मिलेगा, जब कोई दूसरा बैंक एसवीबी का अधिग्रहण करेगा। फिलहाल अमेरिका कीऔरऔर भी
ब्याज दरें बढ़ाते जाने का साइड इफेक्ट!
अमेरिका का 175 अरब डॉलर डिपॉज़िट वाला सिलिकॉन वैली बैंक डूबा क्यों? मालूम हो कि यह अमेरिका का 16वां सबसे बड़ा बैंक था और इसके पास दिसंबर 2022 के अंत में कु 209 अरब डॉलर की आस्तियां थी। लेकिन इसने जब निकलती जमा की भरपाई के लिए अमेरिकी सरकार के ट्रेजरी बॉन्ड बेचने की कोशिश की तो उसे एक झटके में 1.8 अरब डॉलर की चपत लग गई। असल में बैंक अपनी बचत सुरक्षित रखने के लिएऔरऔर भी
सिलिकॉन वैली बैंक ने दिया बड़ा झटका
दुनिया के आर्थिक व वित्तीय पटल पर इस समय भयंकर अनिश्चितता छाई हुई है। कब कहां से अचानक कोई आफत टपक पड़े, कहा नहीं जा सकता। इसकी शुरुआत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था व वित्तीय केंद्र अमेरिका से होती है। ताजा मामला यह है कि अमेरिका की कुछ सबसे बड़ी टेक्नोलॉज़ी कपनियों को ऋण देनेवाला सिलिकॉन वैली बैंक संकट के बाद शुक्रवार को बंद हो गया। यह साल 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद बैठने वालाऔरऔर भी
धंधा तो ठीक, प्रबंधन की थाह ज़रूरी!
किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी परख और कामकाज का विश्लेषण ज़रूरी है। दिक्कत यह है कि यह ज़रूरी काम कायदे से कैसे किया जाए? कंपनी के अतीत का विश्लेषण हम कर सकते हैं। उसके अब तक के वित्तीय प्रदर्शन की तहकीकात कर सकते हैं। उद्योग व बाज़ार की तुलना में उसके शेयर का मूल्यांकन कर सकते हैं। ये पहलू मात्रात्मक विश्लेषण से साफ हो जाते हैं। इनमें कंपनी पर चढ़े ऋण से जुड़ाऔरऔर भी









