देश-विदेश की 24 प्रमुख वित्तीय संस्थाओं में से कुछ का मानना है कि वित्त वर्ष 2010-11 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यस्था या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर 10.2 फीसदी रह सकती है। उनके मुताबिक अप्रैल-जून 2010 की तिमाही में कृषि की विकास दर 4 फीसदी, उद्योग की विकास दर 14.3 फीसदी व सेवा क्षेत्र की विकास दर 10.8 फीसदी रहेगी और औद्योगिक मूल्य सूचकांक (आईआईपी) में 15.4 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। यह बात रिजर्वऔरऔर भी

बिग बाजार के मालिक फ्यूचर समूह की इकलौती लिस्टेड कंपनी पैंटालून रिटेल के शेयरों की खरीद आजकल बढ़ गई है। सोमवार को ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में इसके करीब 1.42 लाख शेयरों की ट्रेडिंग हुई जिसका 74.15 फीसदी (60,365 शेयर) हिस्सा डिलीवरी के लिए था। बीएसई में सौदे तो 33,000 शेयरों के ही हुए। लेकिन शेयर का भाव 3.10 फीसदी या 12.90 रुपए की बढ़त के साथ 428.60 रुपए पर पहुंच गया। बाजार की चर्चाओं परऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने आज क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी कर दिए। इसमें ऐसा तो नहीं है कि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां रेटिंग के साथ-साथ एनॉलिस्ट और सलाह देने की सेवाएं नहीं दे सकती हैं, लेकिन सेबी ने इतना जरूर तय कर दिया है कि एजेंसी में वे लोग जो किसी कंपनी को रेटिंग देते हैं, विश्लेषण या सलाहकार सेवाएं देनेवालों से अलग होने चाहिए। सेबी ने यह भी तय किया है किऔरऔर भी

देश की सबसे बडी हाउसिंग लोन कंपनी एचडीएफसी ने आज अपने सालाना नतीजे घोषित कर दिए। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 2826.49 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 2282.54 करोड़ रुपए से 24 फीसदी अधिक है। कंपनी के बोर्ड ने आज यह भी फैसला किया कि वह अपने शेयरधारकों को प्रति शेयर 36 रुपए का लाभांश देगी। साथ ही 10 रुपए अंकित मूल्य के शेयर को अब 2 रुपए अंकितऔरऔर भी

एमएसपी स्टील एंड पावर के वित्त वर्ष 2009-10 के नतीजे आने में अभी थोड़ी देर है। कंपनी इस महीने के अंत से पहले इन्हें घोषित कर देगी। लेकिन बाजार में कंपनी के प्रति सकारात्मक माहौल बनने लगा है। बीते हफ्ते शुक्रवार को ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में इसका शेयर 4.89 फीसदी बढ़त के साथ 42.90 रुपए पर बंद हुआ। इसमें ऊपरी सर्किट अभी 49.05 रुपए और निचला सर्किट 32.75 रुपए का है। इसका 52 हफ्ते काऔरऔर भी

अगर अपने शेयर बाजार को आम लोग जुए का अड्डा या कैसिनो जैसा मानते हैं तो यह निराधार नहीं है क्योंकि अब भी रोज ब रोज के तीन चौथाई से ज्यादा सौदों में शेयरों की असली लेन-देन नहीं होती। बस भाव का अंतर ले-देकर कमाई हो जाती है। हमारे टीवी चैनल, बिजनेस अखबार, वेबसाइट भी यही ज्ञान देते रहते हैं कि कितने पर खरीदो, कितने पर बेचो और कहां स्टॉप लॉस लगाना है यानी, दिन के दिनऔरऔर भी

आप मानें या न मानें, हमारे पूरे हिंदी समाज में ज्ञान का डेफिसिट, ज्ञान का घाटा पैदा हो गया है। सरकार घाटे को उधार लेकर पूरा करती है। लेकिन ज्ञान का घाटा केवल उधार लेकर पूरा नहीं किया जा सकता। उधार के ज्ञान से प्रेरणा भर ली जा सकती है। उसका पुनर्सृजन तो अपने ही समाज और अपनी ही मिट्टी व भावभूमि से करना पड़ता है। हिंदी में लोगबाग कविताएं ठोंक कर लिखते हैं। लेकिन जहां गद्यऔरऔर भी

जगन्नाधम तुनगुंटला 1987 में वॉल स्ट्रीट (अमेरिकी शेयर बाजार) के निवेश बैंक जहां-तहां से पूंजी जुटाने की जुगत में भिड़े हुए थे ताकि कबाड़ बन चुके बांडों में अपने निवेश को लगे धक्के से निकलकर बैलेंस शीट को चमकदार बनाया जा सके। ऐसे माहौल में सालोमन ब्रदर्स के लिए संकटमोचन बनकर आ गए वॉरेन बफेट। उन्होंने सालोमन के परिवर्तनीय वरीयता स्टॉक ने 70 करोड़ डॉलर का निवेश कर दिया। अगस्त 1991 तक सब कुछ सही चला। तभीऔरऔर भी

प्रो. माइकल हडसन ग्रीस सरकार का ऋण यूरोपीय ऋणों की लड़ी की वह पहली कड़ी है जो फटने को तैयार है। सोवियत संघ के टूटने से बने देशों और आइसलैंड के गिरवी ऋण इससे भी ज्यादा विस्फोटक हैं। ये सभी देश यूरो ज़ोन में नहीं आते, लेकिन इसमें से ज्यादातर के ऋण यूरो मुद्रा में हैं। मसलन, लात्विया के 87 फीसदी ऋण यूरो या अन्य विदेशी मुद्राओं में हैं। उसको ये ऋण स्वीडन के बैंकों ने दिएऔरऔर भी

अनिल रघुराज अमेरिका में कैलिफोर्निया प्रांत के माउंटेन व्यू शहर में घर पर डिनर किया, टोक्यो में ब्रेकफास्ट, सिंगापुर में लंच, फिर डिनर के वक्त बेंगलुरू जा पहुंचा। मौसी के घर जाकर सबसे मिला। अगले दिन वापस अमेरिकी प्रवास के लिए रवाना। फिर वीकेंड में पहुंच गया कनाडा के ओंटारियो प्रांत के यॉर्क मिल्स शहर में अपने भारतीय दोस्त से मिलने। भारत में जन्मा, अमेरिका में नौकरी। दोस्त सारी दुनिया में बिखरे हुए। काम के सिलसिले मेंऔरऔर भी