देश की सबसे बडी एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) ने अपने 2.25 करोड़ शेयर, बाजार से वापस खरीदने का फैसला किया है। ये शेयर अधिकतम 280 रुपए के मूल्य पर खरीदे जाएंगे। कंपनी इस बायबैक पर कुल 630 करोड़ रुपए खर्च करेगी। खरीद बीएसई व एनएसई दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों से खुले तौर पर जाएगी। कंपनी का कोई भी शेयरधारक अपने शेयर वापस कंपनी को 280 रुपए तक के भाव पर बेच सकताऔरऔर भी

अभी रिलायंस समूह के दोनों धड़ों में 23 मई को नो-कम्पीट करार के खात्मे की घोषणा को महीने भर भी नहीं बीते हैं कि मुकेश अंबानी ने बड़े पैमाने पर दूरसंचार सेवाओं में उतरने का एलान कर दिया। शुरुआत ब्रॉडबैंड सेवाओं से होगी। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने देश के 22 सर्किलों में ब्रॉडबैंड वायरलेस एक्सेस (बीडब्ल्यूए) स्पेक्ट्रम लाइसेंस जीतनेवाली इकलौती कंपनी इनफोटेल ब्रॉडबैंड की 95 फीसदी इक्विटी खरीदकर उसे अपनी सब्सिडियरी बना लिया है।औरऔर भी

कविवर बिहारी का यह दोहा आपको भी याद होगा कि रे गंधि! मतिअंध तू, अतरि दिखावत काहि, कर अंजुरि को आचमन, मीठो कहत सराहि। सुगंध बेचनेवाले तू इन लोगों को इत्र दिखाने की मूर्खता क्यों कर रहा है। ये लोग तो इत्र को अंजुरी में लेकर चखेंगे और कहेंगे कि वाह, कितनी मीठी है। लेकिन कभी-कभी मूर्खता दिखाने में भी फायदा होता है। कैसे? तो… आपको एक कहानी सुनाता हूं। एक समय की बात है। उज्जैनी राज्यऔरऔर भी

जी, हां। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) का सच यही है। उसकी चुकता पूंजी महज 5 करोड़ रुपए है। लेकिन उसकी संपत्ति के एक अंश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुंबई के सबसे पॉश इलाकों फोर्ट (कोलाबा) और चर्चगेट में हर दूसरी-तीसरी बिल्डिंग उसी की नजर आती है। पूरे देश में एलआईसी के पास जबरदस्त प्रॉपर्टी है। वह इस समय करीब 10 लाख करोड़ रुपए कीऔरऔर भी

कबीर की उलटबांसियों पहले आध्यात्म्य की अबूझ पहेलियां लगती थीं। अब दुनिया का असली सच लगती हैं। जैसे, गतिशीलता ही स्थाई है और जिसे हम स्थाई समझते हैं वो तो बराबर गतिशील है।और भीऔर भी

टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) टाटा समूह की कंपनी है। देश में टिन कोटेड व टिन फ्री स्टील शीट की सबसे बड़ी उत्पादक है। घरेलू बाजार में इसकी हिस्सेदारी 35-40 फीसदी है। कंपनी अपना 20-25 फीसदी उत्पादन निर्यात करती है। कोलकाता में इसका मुख्यालय है। फैक्ट्री जमशेदपुर में है। 85 साल पुरानी नामी कंपनी है। कल बीएसई में इसके शेयरों में जबरदस्त कारोबार हुआ 8.35 लाख शेयरों का, जबकि पिछले दो हफ्ते में औसत कारोबार 1.37औरऔर भी

देश में शेयर ट्रेडिंग के लिए जरूरी डीमैट खातों की संख्या अभी भले ही 1.69 करोड़ तक सीमित हो, लेकिन इनका दायरा देश के 80 फीसदी पिनकोड पतों तक फैल चुका है। यह दावा है देश की प्रमुख डिपॉजिटरी संस्था एनएसडीएल (नेशनल सिक्यूरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड) का। एनएसडीएल में डीमैट खातों की संख्या अभी 1.02 करोड़ है, जबकि दूसरी डिपॉजिटरी संस्था सीडीएसएल (सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड) में इस समय कुल 67.06 लाख डीमैट खाते हैं। इनमें बंदऔरऔर भी

केंद्रीय कैबिनेट ने कोल इंडिया और हिंदुस्तान कॉपर के विनिवेश का फैसला टाल लिया है। इसकी मुख्य वजह राजनीतिक सहमति न बन पाना बताया जा रहा है। खासकर, रेल मंत्री ममता बनर्जी कोल इंडिया के विनिवेश का विरोध कर रही हैं। गुरुवार को कैबिनेट की बैठक के बाद खान मंत्री बी के हांडिक ने मीडिया को यह जानकारी दी। लेकिन उन्होंने विनिवेश का फैसला टालने की कोई वजह अपनी तरफ से नहीं बताई। बता दें कि जहांऔरऔर भी

हमारे कपड़ा निर्यात का 60 फीसदी हिस्सा अमेरिका और यूरोप के बाजारों में होता है। इसलिए यूरोप व अमेरिका में कुछ भी गड़बड़ होती है तो देश का कपड़ा निर्यात बुरी तरह प्रभावित होता है। यूरोप के संकट के संदर्भ में केंद्रीय कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन का कहना है कि हमारा एक पैर अब भी कब्र में है। वित्त वर्ष 2009-10 में देश का कपड़ा निर्यात 19 अरब डॉलर का रहा है। चालू वित्त वर्ष में कुलऔरऔर भी

मन शरीर के रसायनों से लेकर हार्मोंस और समाज की नैतिकताओं से लेकर पाखंडों तक का बोझ ढोता है। आगे बढ़ने के लिए सारे झाड़-झंखाड़ को काटता तराशता रहता है। इसलिए मन पर बराबर सान चढ़ाते रहना चाहिए।और भीऔर भी