अलगोरिथम एक फ़ारसी गणितज्ञ के नाम पर आधारित पद्धति है। अब्बासी वंश के ख़लीफ़ा हारूं अर्रशीद और उसके बेटे अल मामून ने बग़दाद में एक बैतुल हिक्मा या ज्ञानालय खोला था जहां दुनिया भर के शास्त्रों का अनुवाद और नए ज्ञान का संधान किया जा रहा था। दुनिया भर के विद्वान वहां एकत्र हो गए थे। भारतीय गणित विद्या पर अल ख़ारिज़्मी नाम के एक शख़्स ने एक किताब लिखी जिसे लैटिन में अनुवाद किया गया तोऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय ने प्रत्यक्ष कर संहिता (डायरेक्ट टैक्स कोड, डीटीसी) का संशोधित प्रारूप जारी कर दिया है। इसमें अब ज्यादा बदलाव की गुंजाइश नहीं है। जिसको भी कोई सुझाव देना हो, वे 30 जून तक directtaxescode-rev@nic.in पर मेल कर सकते हैं। अगले महीने शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में इसे विधेयक के रूप पेश किया जाएगा और पारित होने के बाद यह करीब 50 साल पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह ले लेगा। सभी लोगऔरऔर भी

क्वेंटेग्रा सोल्यूशंस आईटी कंसलटेंसी और सॉफ्टवेयर उद्योग से जुडी कंपनी है। इसका शेयर बीएसई में कल 3.74 फीसदी बढ़कर 12.75 रुपए पर बंद हुआ है। वित्त वर्ष 2009-10 में इसने 40.34 करोड़ रुपए की आय पर 18.08 करोड़ रुपए का घाटा उठाया है। लेकिन जानकारों का कहना है कि कंपनी में काफी संभावनाएं हैं। कंपनी में अभी 140 करोड़ रुपए का छिपा हुआ मूल्य है। इसलिए इस पर दांव लगाया जा सकता है। बस, अभी एक मुश्किलऔरऔर भी

हम मन ही मन तमाम टोटके करते रहते हैं। तंत्र, मंत्र, अंधविश्वास। सिक्का सीधा पड़ा तो जीतेंगे। फूल खिला तो काम हो जाएगा। ये सब कुछ और कुछ नहीं, अनिश्चितता को नाथने के हमारे मूल स्वभाव का हिस्सा हैं।और भीऔर भी

वित्त वर्ष 2010-11 में अप्रैल से जून की तिमाही का एडवांस टैक्स भरने की आखिरी तारीख सरकार के लिए अच्छा संकेत लेकर आई है। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस बार ज्यादातर कंपनियों ने पहले से कई गुना अधिक टैक्स जमा कराया है। देश में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस साल पहली तिमाही में 653 करोड़ रुपए का एडवांस टैक्स जमा कराया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही मेंऔरऔर भी

आईओएल नेटकॉम देश में आईपीटीवी (इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन) और वीओडी (वीडियो ऑन डिमांड) सेवा शुरू करनेवाली पहली कंपनी है। आईपीटीवी सेवा वह एमटीएनएल के लिए मुंबई और कोलकाता में उपलब्ध कराती है। वह ब्रॉडबैंड से लेकर म्यूजिक ऑन डिमांड, ई-लर्निंग, ई-कॉमर्स वगैरह में भी अपने पैर फैला रही है। लेकिन इसी सारे विस्तार के बीच उस पर रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) की नजर पड़ गई है। बाजार में जबरदस्त चर्चा उठी हुई है कि मुकेश अंबानी टेलिकॉम क्षेत्रऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने मंगलवार को अपनी बैठक में दो प्रमुख सरकारी खनन कंपनियों कोल इंडिया और हिंदुस्तान कॉपर के विनिवेश को हरी झंडी दे दी। लेकिन तय हुआ है कि कोल इंडिया में कोई नए शेयर नहीं जारी किए जाएंगे और सरकार की 10 फीसदी हिस्सेदारी ही बेची जाएगी, जबकि हिंदुस्तान कॉपर में 10 फीसदी सरकारी इक्विटी बेचे जाने के साथ-साथ 10 फीसदी नए शेयर जारी किएऔरऔर भी

जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर का एक रुपए का शेयर अभी बीएसई में 55.35 रुपए और एनएसई में 55.40 रुपए चल रहा है। वित्त वर्ष 2009-10 के नतीजों के मुताबिक उसकी प्रति शेयर कमाई (ईपीएस) महज 4 पैसे है। इस आधार पर उसका पी/ई अनुपात 691.88 निकलता है। फिर भी इसमें तूफान के आसार हैं। एनएसई में कल इसके 30.52 लाख शेयरों में सौदे हुए हैं, जबकि बीएसई में औसत से थोड़ा-सा ज्यादा 4.44 लाख शेयरों में। जानकार बताते हैंऔरऔर भी

मन में कोई ख्याल तभी आता है जब बाहर के संसार में उसकी जरूरत बन रही होती है। ख्याल को हकीकत बनाने में सिर्फ हमारा नहीं, बाहरी संसार का भी हित है तो वह सहयोग भी करता है। भले ही हमें न दिखे।और भीऔर भी

भारत सरकार पर ऋण का बोझ इस वित्त वर्ष के अंत तक थोड़ा घट जाएगा। यह आकलन है अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच का। फिच रेटिंग्स ने सोमवार को जारी रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष 2009-10 के अंत में भारत सरकार का कुल ऋण सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 83 फीसदी था। लेकिन चालू वित्त वर्ष 2010-11 के अंत यानी मार्च 2011 तक यह घटकर जीडीपी के 80 फीसदी तक आ जाएगा। फिच ने यह आकलनऔरऔर भी