सत्तर साल या इससे ऊपर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान योजना में लाने स्कीम घोषित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था, “इस स्कीम का शुरुआती खर्च ₹3437 करोड़ है। चूंकि यह मांग आधारित स्कीम है तो जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, इसका कवरेज बढ़ा दिया जाएगा।” लेकिन वैष्णव का ये बयान पब्लिक को गुमराह करनेवाला है क्योंकि यह स्कीम मनरेगा की तरह मांग आधारित नहीं है। इसमें सरकार बीमा कंपनियों को प्रीमियम देती है जिसकेऔरऔर भी

बीते हफ्ते 11 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में 70 साल या इससे ऊपर के सभी लोगों को सालाना पांच लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराने की स्कीम को मंजूरी दे दी। यह साल 2018 से ही गरीबों के लिए चल रही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार है जिसमें 13.44 करोड़ परिवारों के करीब 65 करोड़ लाभार्थियों को कवर किया जा रहा है। लेकिन इसके विस्तार में शामिल वरिष्ठ नागरिकों परऔरऔर भी

शेयर बाज़ार सरपट दौड़ रहा है। अच्छी कंपनियों के शेयर पहुंच के बाहर। फिर भी निवेशक खरीदे जा रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं वे तेज़ी के इस दौर से बाहर न रह जाएं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) भी इधर जमकर खरीदने लगे हैं। एक बात तो तय है कि शेयरों के भाव अंततः उनके पीछे उमड़े धन के प्रवाह से निर्धारित होते हैं। लेकिन लोगबाग तो वही शेयर खरीदते हैं जिनका बढ़ना लगभग तय होताऔरऔर भी

जीडीपी के साथ डिफ्लेटर की तिकड़मबाजी करने के बावजूद मोदीराज में भारत ब्रिक्स (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन व दक्षिण अफ्रीका) ही नहीं, जी-20 देशों में प्रति व्यक्ति आय के मामले में सबसे गरीब है। मालूम हो कि जी-20 के बाकी देश जीडीपी की गणना में डबल डिफ्लेटर की पद्धति अपनाते हैं। वे आउटपुट डिफ्लेटर लगाकर रीयल आउटपुट और इनपुट डिफ्लेटर लगाकर रीयल इनपुट निकालते हैं। फिर रीयल इनपुट को रीयल आउटपुट से घटाकर रीयल जीडीपी निकालते हैं।औरऔर भी

दुनिया भर के तमाम विकसित और विकासशील देश असली जीडीपी निकालने के लिए डिफ्लेटर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन भारत इकलौता देश है जहां डिफ्लेटर का चोंगा पहनाकर भयंकर छल किया जा रहा है और सच छिपाया जा रहा है। अमेरिका समेत तमाम विकसित देश डिफ्लेटर के तौर पर प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (पीपीआई) का उपयोग करते हैं। यही स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय मानक भी है। भारत डिफ्लेटर के रूप में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) का उपयोग करता है। दिक्कतऔरऔर भी