शेयर बाज़ार ट्रेडिंग के हर दिन, हर पल बराबर बोलता है, बात करता है। क्या आप उसे सुनते हैं या सुन पाते हैं? अगर नहीं तो दोषी आप हैं, कोई दूसरा नहीं। हां, बाज़ार साफ-साफ खुलकर नहीं बोलता। लेकिन वो हिन्ट ज़रूर देता है, संकेतों की भाषा में बात करता है। फिर भी वो इतने निशान छोड़ जाता है कि आप उसके पीछे-पीछे चलकर उसकी थाह ले सकते हैं, सफलता की मंज़िल तक पहुंच सकते हैं। जिसऔरऔर भी

कस्तूरी कुंडली बसे, मृग ढूंढय वन मांहि। यही हाल ट्रेडिंग में कामयाबी का है। शेयर बाज़ारों से कमाने का सूत्र पकड़ने के लिए लाखों लोग टिप्स के चक्कर में कहां-कहां नहीं फिरते। टीवी चैनल देखते हैं। ऑनलाइन गुरुओं की सलाह, वॉट्स-ऐप्प ग्रुप्स की सदस्यता और ट्रेडिंग टिप्स पर महीनों के हज़ारों लुटा देते हैं। फिर भी ठन-ठन गोपाल। इसलिए, क्योंकि ट्रेडिंग से कमाई का सूत्र कहीं बाहर नहीं, बल्कि खुद अपने पास है और वो है रिस्कऔरऔर भी