भ्रमों के जाल से खुद को निकालें कैसे
जिस पल हमें अहसास हो जाता है कि मन में बैठी मान्यताएं व धारणाएं शेयर बाज़ार में हमारी निवेश या ट्रेडिंग की रणनीति तय कर रही हैं, उसी पल हम उनको लेकर सतर्क हो जाते हैं और उन्हें बाज़ार की वास्तविकता के माफिक ढालने लगते हैं। अगर आपको वाकई सच की तलाश है तो अपने भ्रमों के प्रति आपका सचेत रहना ज़रूरी है। भ्रम के शिकार रहे तो ट्रेडिंग में कामयाबी नहीं मिलेगी। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी


