पिता भी पुत्र भी
कालरूपी परमात्मा ने ही इन सभी लोकों को धारण किया हुआ है। वह कालरूपी परमात्मा ही इन सभी लोकों में चारों ओर व्याप्त है। वही इन सब प्राणियों का पिता भी है और इन सबका पुत्र भी। संसार में उससे बड़ी कोई शक्ति नहीं। ।।अथर्ववेद।।और भीऔर भी
हर इंच पर कब्जा
जमीन की हर इंच पर कोई न कोई काबिज है। मांगने पर महाभारत तय है। यूं तो व्योम भी हमारा है। पर, उसकी नींव के लिए भी जमीन चाहिए। इसलिए जीवन में संघर्ष के सिवा कोई रास्ता नहीं है पार्थ!और भीऔर भी
पात्र या कुपात्र
जानने की पहली सीढ़ी है सवाल। जिसके पास भी सवाल होंगे, उसे उनका जवाब मिल जाएगा। सब कुछ है इस दुनिया में। हां, इतना जरूर है कि यहां कुछ भी पाने से पहले उसकी पात्रता हासिल करनी पड़ती है।और भीऔर भी


