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निफ्टी की दशा-दिशा: 6 नवंबर 2026 शुक्रवार, सुबह 8.15 बजे शुरुआती रुख↓

पिछला बंद कल का उच्चतम कल का न्यूनतम कल का बंद संभावित दायरा
23960.60 24579.90 24296.30 24536.60 24235-24515

 

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society (Page 101)

daayra

दायरा बड़े से बड़ा

2022-07-24
By: अनिल रघुराज
On: July 24, 2022
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

samay va samaj

समय व समाज के साथ

2022-07-23
By: अनिल रघुराज
On: July 23, 2022
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

only 5 percent

बस 5% ही तो हम!

2022-07-16
By: अनिल रघुराज
On: July 16, 2022
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

varied life

भिन्नता का भंडार

2022-07-15
By: अनिल रघुराज
On: July 15, 2022
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

prakriti ko rang

प्रकृति के रंग, समाज के ढंग

2022-07-11
By: अनिल रघुराज
On: July 11, 2022
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

culture or agenda

संस्कृति नहीं, एजेंडा

2022-07-10
By: अनिल रघुराज
On: July 10, 2022
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

khatarnaak vichar

खतरनाक विचार का खतरा

2022-07-09
By: अनिल रघुराज
On: July 9, 2022
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

knotted together

दूसरों के साथ नत्थी

2022-07-08
By: अनिल रघुराज
On: July 8, 2022
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

human rights

मानवाधिकारों की स्वीकृति

2022-07-07
By: अनिल रघुराज
On: July 7, 2022
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

loktantra se hi vikalpa

लोकतंत्र से ही बने विकल्प

2022-07-03
By: अनिल रघुराज
On: July 3, 2022
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

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निवेश – तथास्तु

  • उछलती-डूबती लहरें, सीधी रेखा नहीं!
    1 Nov 2026

    शेयरों में निवेश कोई सीधा-सीधा अंकगणित नहीं, जहां जोड़ने-घटाने और गुणा-भाग से काम चल जाए। यह प्रोबैबिलिटी या प्रायिकता का खेल है। यहां कोई निश्चितता नहीं। लगातार अनिश्चितता की भंवर। यहां एफडी या बॉन्ड बाज़ार जैसा पहले से निर्धारित रिटर्न नहीं मिलता। कभी-कभी महीने भर में ही 40-50% रिटर्न मिल सकता है तो कभी सालों-साल तक शेयर ठहरा पड़ा रहता है और अच्छी-खासी कंपनियों तक में आपका निवेश साल-दर-साल घटता चला जाता है। धारणा है कि अपना […]

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क्या आप जानते हैं?

  • हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

    इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर जितने भी 69,963 किस्म के रीढ़वाले या कशेरुकी (vertebrates) जीव-जन्तु हैं, उन्होंने देखने की क्षमता वाली अपनी आंखें एक बैक्टीरिया के जीन से हासिल की है। यह सच अप्रैल 2023 में पीएनएएस (प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज) की …

अपनों से अपनी बात

  • साल में 41-112%, मिले है सिर्फ यहां!

    भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और आगे भी बढ़ेगी। लेकिन कहा जा रहा है कि इसका लाभ आम आदमी को पूरा नहीं मिलता। अमीर-गरीब की खाईं बढ़ रही है। बाज़ार को आंख मूंदकर गालियां दी जा रही हैं। लेकिन बाज़ार सचेत लोगों के लिए आय और दौलत के सृजन ही नहीं, वितरण का काम भी करता है। हमने तथास्तु सेवा इसीलिए शुरू की है ताकि अर्थव्यवस्था, खासकर कंपनियों के बढ़ने का लाभ निपट गरीबी से ऊपर रहनेवाले लोगों तक पहुंचाया जा सके। वे जिन्हें बैंक बहुत हुआ तो 9 प्रतिशत देता है, जबकि वास्तविक महंगाई की दर 10 प्रतिशत से ऊपर रहती है। वे भागकर जाते हैं सोने और रीयल एस्टेट में चले जाते हैं तो उनकी बचत लॉक हो जाती है। देश के काम नहीं आती। खुद उनके कितने काम आएगी, यह भी पक्का नहीं। जो पिछले साढ़े चार सालों से अर्थकाम से जुड़े हैं, वे हमारी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से भलीभांति वाकिफ हैं। शुरू में हम भी कच्चे थे तो बाज़ार के उस्तादों के जाल में फंस गए। गलतियां कीं। लेकिन जैसे ही समझ में आया, खटाक से उनसे किनारा कस लिया। करीब सवा साल पहले से नए सिरे से शुरू किया तो मजबूत आधार और गहन रिसर्च के साथ। उसी का नतीजा है कि हमारी सलाहें शानदार-जानदार रिटर्न दे रही हैं। पिछली बार हमने अगस्त 2013 से अगस्त 2014 तक का लेखाजोखा रखा था। अब सितंबर 2013 से सितंबर 2014 की बानगी पेश है। सितंबर 2013 में पांच रविवार थे तो पांच कंपनियां। आप नीचे की सारिणी से देख सकते हैं कि पांच में चार ने अपना (तीन से पांच साल का) लक्ष्य साल भर में ही पूरा कर लिया है, जबकि एक कंपनी 84.57 प्रतिशत रिटर्न के साथ लक्ष्य से ज़रा-सा पीछे है। तारीख कंपनी तब का भाव समय लक्ष्य 30/09/14 का भाव रिटर्न (%) 01/09/13 डॉ. रेड्डीज़ लैब 2292.90 3 साल 2815 3229.60 40.85 08/09/13 एचडीएफसी बैंक 616.20 3 साल 850 872.65 41.62 15/09/13 अतुल ऑटो 173.65 5 साल 260 367.90 111.86 22/09/13 कमिन्स इंडिया 409.25 3 साल 474 671.05 63.97 29/09/13 नवनीत एजुकेशन 53.15 3 साल 110 98.10 84.57   यहां यह भी गौर करने की बात है कि हम आमतौर पर हर महीने लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉल कैप का संतुलन बनाकर चलते हैं। यह भी बताते हैं कि कहां पर एंट्री करें और आपके पास कुल एक लाख रुपए हों तो उस हफ्ते की कंपनी में कितना लगाना चाहिए, उसके कितने शेयर खरीदने चाहिए। मसलन, सितंबर 2013 में हमने तीन लार्जकैप, एक मिडकैप और एक स्मॉल कैप कंपनी आपके निवेश के लिए पेश की थी। इसमें से लार्ज कैप कंपनियों में डॉ. रेड्डीज़ लैब का शेयर लक्ष्य हासिल कर चुका है और यही नहीं, 24 सितंबर 2014 को 3356.60 रुपए पर 52 हफ्ते का शिखर पकड़ चुका है। एचडीएफसी बैंक भी लक्ष्य हासिल करने के साथ ही 30 सितंबर 2014 को 879.80 रुपए का शिखर हासिल कर चुका है। कमिन्स इंडिया भी लक्ष्य हासिल कर लेने के साथ 4 सितंबर 2014 को 720 रुपए पर 52 हफ्ते का शीर्ष छू चुका है। स्मॉल कैप की श्रेणी वाला स्टॉक अतुल ऑटो साल भर में 111.86 प्रतिशत का रिटर्न देकर लक्ष्य के काफी आगे निकल चुका है। यही नहीं, 12 सितंबर 2014 को वो 446.90 रुपए का शिखर भी चूम चुका है। बाकी बची मिडकैप कंपनी नवनीत एजुकेशन में तीन साल का लक्ष्य 110 रुपए था। उसका शेयर 10 सितंबर 2014 को 104.90 रुपए तक जाने के बाद 30 सितंबर को 2014 को 98.10 रुपए पर था, जो साल का 84.97 रिटर्न दिखाता है। आप ऊपर की सारिणी से देख सकते हैं कि 1 सितंबर 2013 से 30 सितंबर 2014 तक की अवधि में तथास्तु में बताई पांच कंपनियों ने न्यूनतम 40.85 प्रतिशत और अधिकतम 111.86 प्रतिशत रिटर्न दिया है। इसी दौरान एनएसई निफ्टी ने 5550.75 से 7964.80 तक जाकर 43.49 प्रतिशत और बीएसई सेंसेक्स ने 18,886.13 से 26,567.99 तक पहुंचकर 40.67 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दोस्तों! पुरानी बात फिर दोहरा रहा हूं कि मात्र 200 रुपए में अगर कोई सवा आपको बाज़ार से ज्यादा रिटर्न दिला रही है, वो भी आपको आपकी भाषा में अच्छी तरह कंपनी की जानकारी देकर तो क्या इस सेवा को आपका और आपको इस सेवा का लाभ नहीं मिलना चाहिए। बढ़ रही अर्थव्यवस्था का लाभ उठाइए। यकीन मानिए कि मोदी की सरकार बस एक निमित्त मात्र है। वो रहे या कोई और आए, अगले दस साल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जबरदस्त प्रगति के साल होने जा रहे हैं। इस दौरान एक साल में दोगुना ही नहीं, दस साल में अपनी बचत से दस गुना दौलत बनाने के मौके बहुत सारे आएंगे। दूसरे आपको बस उल्लू बनाएंगे। केवल हम ही हैं जो पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से आपके लिए निवेश के हर रविवार को शानदार मौके लेकर आते रहेंगे। तुलसीदास की चौपाई याद कीजिए – सकल पदारथ है जन मांही, कर्महीन नर पावत नाहीं। आपके हिस्से का कुछ कर्म हम कर दे रहे हैं। बाकी तो आपको ही करना पड़ेगा। इसलिए…. सोचिए। समझिए। फैसला कीजिए। तथास्तु!!!

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ट्रेडिंग – बुद्ध

  • आ न जाए 150 साल पहले जैसा संकट!
    6 Nov 2026

    हर तरफ से चेतावनी। किसी को ठीक-ठीक नहीं पता कि क्या होनेवाला है। बस इतना कि सुपर अल-नीनो आ रहा है या कमोबेश आ चुका है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस कह चुके हैं, “दुनिया को इसे अर्जेंट जलवायु चेतावनी के रूप में लेना चाहिए। अल-नीनो की स्थितियां गरम होती दुनिया की आग में घी डालने का काम करेंगी।” भारत में दक्षिण-पश्चिमी मानसून में सामान्य से 13% कम बारिश हुई है। शुरुआती अनुमान दीर्घकालिक औसत से 10% कम बारिश का ही था। हम भारतीय अमूमन ज्यादा गरमी या कमज़ोर बारिश को कंधे झटक कर टाल देने के आदी हैं। मौसम मारक है, मानसून अनिश्चित है। लेकिन जीवन तो चलते रहना चाहिए। औपचारिक अर्थव्यवस्था या संगठित कॉरपोरेट व सरकारी क्षेत्र पर हो सकता है कि खास असर न पड़े। लेकिन अल-नीनो से जो अप्रत्याशित गरमी, पानी की कमी, फसलों की बरबादी और ऊंची खाद्य महंगाई सिर उठाएगी, उससे अनौपचारिक अर्थव्यवस्था पर निर्भर देश की 88% आबादी की हालत खस्ता हो सकती है। 150 साल पहले 1876-78 के दौरान ब्रिटिश शासन में भारत को लम्बे समय तक मानसून के चौपट होने से भीषण अकाल का सामना करना पड़ा था। इसमें 55 लाख से 82 लाख लोग मारे गए थे। कही इस बार का सुपर अल-नीनो वैसी ही त्रासदी ले आया तो! अब शुक्रवार का अभ्यास…

जानिए

  • ज़ीरो-सम गेम नहीं है यह
  • ईटीएफ: चलो बाजार खरीद लें
  • मायने आईपीओ ग्रेडिंग के
  • जवाब कमोडिटी बाजार के

बूझिए

  • ओपन ऑफर, बायबैक, डीलिस्टिंग
  • इश्यू मूल्य और बुक बिल्डिंग
  • गुत्थी ऋण बाजार की
  • यह कासा बला क्या है?

आज़माइए

  • मोटामोटी दस बातें शेयरों की
  • गोल्ड ईटीएफ एक, दाम अनेक
  • न करें कम एनएवी का लालच
  • फायदे म्यूचुअल फंड निवेश के

क्या आप जानते हैं?

हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर

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