परमाणु संयंत्रों के विरोध के पीछे अमेरिकी हाथ!
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का खास अंदाज था कि वे देश की हर समस्या के पीछे विदेशी हाथ बता देती थीं। अब हमारे ताजा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी लगता है कि वही शॉर्टकट अपना लिया है। उन्होंने साइंस पत्रिका में शुक्रवार को छपे एक इंटरव्यू में कहा है कि भारत में परमाणु संयंत्रों को लगाने के विरोध के पीछे अमेरिका के अ-सरकारी संगठनों (एनजीओ) का हाथ है। आपको याद ही होगा कि महाराष्ट्र के जैतापुर केऔरऔर भी
अमेरिका के सिर चढ़ा 99/1% का आंदोलन
अमेरिका के कई शहरों में एक बार फिर पूंजीवाद के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए हैं। गुरुवार को शाम ढलने के साथ उनकी संख्या बढ़ती गई। दो दिन पहले न्यूयॉर्क के ज़ुकोट्टी पार्क से निकाले जाने के बाद उन्होंने नए अड्डे खोज लिए हैं। वे ब्रुकलिन ब्रिज की तरफ कूच कर गए। पुलिस ब्रिड रोडवे से जानेवाले 65 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले बुधवार रात न्यूयॉर्क में ‘वॉल स्ट्रीट कब्जा करो’ अभियान में सैकड़ों लोगों नेऔरऔर भी








