एक तरफ दुनिया भर में परमाणु बिजली संयंत्रों से तौबा की जा रही है, इसके विकिरण से होनोवाली घातक बीमारियों के बारे में सचेत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत में परमाणु बिजली संयंत्र के विरोध को शांत करने के लिए लोगों को अचेत किया जा रहा है। केंद्र सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग ने दावा किया है कि परमाणु बिजली घरों में काम करने वाले लोगों को कोई बीमारी, खासतौर से कैंसर होने काऔरऔर भी

एक तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी भारत में वर्ष 2032 तक 63,000 मेगावॉट बिजली परमाणु संयंत्रों से बनाने का नारा लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जर्मनी ने ऐलान किया है कि वह वर्ष 2022 तक अपने सारे परमाणु बिजली संयंत्र बंद कर देगा। जर्मनी यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। जापान में भूकंप व सुनामी के बाद हुए परमाणु हादसे के बाद किसी औद्योगिक शक्ति द्वारा पहली बार ऐसा कठोर फैसला लियाऔरऔर भी