साल 2010 के बाकी चार दिन इसी तरह रंग-तरंग में मनाते रहिए। 30 दिसंबर को रोलओवर होना है और 31 दिसंबर म्यूचुअल फंडों द्वारा अपने एनएवी (शुद्ध आस्ति मूल्य) को दुरुस्त करने का दिन होगा। सेंसेक्स 180 अंकों की पेंग मारने के बाद 45 अंक गिरकर बंद हुआ है, जबकि निफ्टी में साढे तेरह अंकों की गिरावट आई है। अगले चार दिनों में कुछ भी खास नहीं होने वाला है। हां, एक बात अच्छी तरह दिमाग मेंऔरऔर भी

बाजार सुरक्षित हाथों में है। कृपया चिंता करना छोड़ दें। इस सेटलमेंट में जिन स्टॉक्स में तेजी का दम रहेगा, वे हैं – आरआईएल, आईएफसीआई, आईडीबीआई बैंक, सेंचुरी टेक्सटाइल्स, एचडीआईएल, यूनिटेक, डीएलएफ, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और ऑर्किड केमिकल्स। इन पर सेटलमेंट के आखिरी दिन गुरुवार का असर आप 30 दिसंबर 2010 को देखिएगा। एनएवी (शुद्ध आस्ति मूल्य) का दिन 31 दिसंबर 2010 है क्योंकि तमाम म्यूचुअल फंड अब भी एनएवी के लिए कैलेंडर वर्ष का इस्तेमालऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था ने तय किया है कि म्यूचुअल फंडों की लिक्विड स्कीमों (छोटी अवधि की ऋण स्कीमों) के खाते में जब तक निवेश की पूरी रकम नहीं आ जाती है, तब तक उसके एवज में यूनिटें नहीं जारी की जा सकती हैं। अभी तक होता यह है कि दिन में नियत समय तक पैसा आए या न आए, म्यूचुअल फंड इन स्कीमों के निवेशकों के नाम यूनिटें आवंटित कर देते हैं। वे इस भरोसे परऔरऔर भी

एक ही चीज कहीं सस्ती मिल रही हो तो हर किसी को लालच आ सकता है। लेकिन पूंजी बाजार के बारे में लालच हमेशा ही बुरी बला होती है। संदर्भ म्यूचुअल फंड में निवेश का है। अगर एक ही श्रेणी की दो म्यूचुअल फंड स्कीमें हैं, एक पुरानी और एक नई तो निवेशक नई स्कीम को खरीदना पसंद करता है क्योंकि उसकी यूनिटें 10 रुपए अंकित मूल्य पर ही जारी की जाती हैं, जबकि पुरानी स्कीम काऔरऔर भी