यूरोपीय संघ व्यापार परिषद ने 27 देशों के संगठन यूरोपीय संघ और भारत के बीच महत्वाकांक्षी व व्यापक व्यापार समझौते पर सहमति जताई है। यूरोपीय संघ के मुख्यालय ब्रसेल्स में सोमवार को परिषद की बैठक में यह रेखांकित किया गया कि समझौते का मकसद यूरोपीय वस्तुओं व सेवाओं को भारतीय बाजार में पहुंचाना है। लेकिन बैठक के बाद यह भी कहा जा रहा है कि दोनों के बीच मुक्त व्यापार समझौता मुश्किल में पड़ गया है। यूरोपीयऔरऔर भी

भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर मतभेद का संकेत देते हुए वाणिज्य व उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि ‘अच्छे से अच्छा भविष्यवक्ता भी इसके पूरा होने की समयसीमा नहीं बता सकता।’ उन्होंने बस इतनी उम्मीद जताई कि यह जल्दी पूरा हो जाएगा। भारत अपने सबसे बड़े कारोबारी सहयोगी यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के जरिए वस्तु, सेवा व निवेश के क्षेत्र में व्यापार उदार बनाने केऔरऔर भी

हर किसी को पता था कि अमेरिका राष्ट्रपति बराक ओबामा दक्षिण कोरिया के साथ किसी मुक्त व्यापार समझौते पर दस्तखत नहीं करने जा रहे हैं। लेकिन एफआईआई ने एक तरफ से 200 करोड़ डॉलर के शेयर बेच डाले और कोरिया का बाजार 3 फीसदी लुढ़क गया। हो सकता है कि बाजार को अंदेशा रहा हो कि बीते सप्ताहांत सोल में जी-20 शिखर सम्मेलन की सफल समाप्ति के बाद कोरिया ब्याज दरों में चौथाई फीसदी की वृद्धि करऔरऔर भी