इंडियन ऑयल (बीएसई कोड – 530965, एनएसई कोड – IOC) का नाम ही काफी है। लेकिन जानते हैं इसकी सालाना आय कितनी है? 2,69,136 करोड़ रुपए। जिसे हम बार-बार देश की सबसे बड़ी कंपनी कहते हैं, उस रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आय है 1,92,461 करोड़ रुपए। हां, बाजार पूंजीकरण में वह जरूर नंबर-वन है क्योंकि उसके शेयर के मूल्य व कुल जारी शेयरों की संख्या का गुणनफल 3,30,230 करोड़ रुपए है, जबकि इंडियन ऑयल का बाजार पूंजीकरणऔरऔर भी

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आपने भी देखा होगा। मैंने भी देखा है। सड़क के किनारे, गली के नुक्कड़ पर, बस अड्डों के पास, ट्रेन के डिब्बों में कभी-कभी एक आदमी नीचे बैठा ताश के छह पत्तों को उल्टी तरफ से दो-दो की जोडियों में खटाखट तीन सेट में रखता जाता है। आसपास कम से कम तीन लोग खड़े रहते हैं जो उसे घेरकर दांव लगाते हैं। दांव यह होता है कि जिसके बताए पत्ते के पलटने पर बेगम निकलेगी, उसके सौऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पब्लिक इश्यू (आईपीओ व एफपीओ) में रिटेल निवेशकों की निवेश सीमा को एक लाख रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए करने की पेशकश की है। मजे की बात है कि इसके लिए उसने मुद्रास्फीति के बढ़ने का तर्क दिया है, जबकि शेयर के इश्यू मूल्य का कोई सीधा रिश्ता मुद्रास्फीति से नहीं होता। उसने इस बारे में एक बहस पत्र पेश किया है जिसमें सभी संबंधितऔरऔर भी

सरकारी कंपनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की मंजूरी मिल गई है। यह एफपीओ कंपनी चालू वित्त वर्ष 2010-11 में ही लाएगी। इसके तहत वह 10 फीसदी नए शेयर जारी करेगी, जबकि सरकारी हिस्सेदारी से 10 फीसदी पुराने शेयर बेचे जाएंगे। कंपनी का आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) सितंबर-अक्टूबर 2007 में 52 रुपए प्रति शेयर के मूल्य पर आया था। इस समय उसका शेयर 101.45 रुपए चल रहा हैऔरऔर भी

केंद्रीय कैबिनेट ने कोल इंडिया और हिंदुस्तान कॉपर के विनिवेश का फैसला टाल लिया है। इसकी मुख्य वजह राजनीतिक सहमति न बन पाना बताया जा रहा है। खासकर, रेल मंत्री ममता बनर्जी कोल इंडिया के विनिवेश का विरोध कर रही हैं। गुरुवार को कैबिनेट की बैठक के बाद खान मंत्री बी के हांडिक ने मीडिया को यह जानकारी दी। लेकिन उन्होंने विनिवेश का फैसला टालने की कोई वजह अपनी तरफ से नहीं बताई। बता दें कि जहांऔरऔर भी

सरकार अगले पांच सालों में सार्वजनिक क्षेत्र की 35 नई कंपनियों के आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) लाएगी और उन्हें शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराएगी। इस तरह के विनिवेश से केंद्र सरकार को कुल 1.5 लाख करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम राज्यमंत्री अरुण यादव ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में प्रमुख उद्योग संगठन सीआईआई (कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) के एक समारोह में यह जानकारी दी। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहाऔरऔर भी

अगले महीने मई की पहली तारीख या उसके बाद पब्लिक इश्यू लानेवाली किसी भी कंपनी को अपने शेयर इश्यू बंद होने के 12 दिन के भीतर स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध या लिस्ट करा देने होंगे। पूंजी बाजार नियामक संस्था सेबी ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। इसमें इश्यू बंद होने और लिस्ट होने की तारीखें शामिल हैं। इसलिए व्यावहारिक रूप से कंपनी के पब्लिक इश्यू और उसके शेयरों की लिस्टिंग के बीच का समय अब घटकर 10औरऔर भी